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भारत बंद: कहीं भारी पड़े सरकारी इंतजाम तो कहीं पुलिस ने भिड़ गए किसान
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मंगलवार को मुरादाबाद के पाकबड़ा-अगवानपुर बाईपास स्थित गांव मौड़ा तैया में किसान आंदोलन के दौरान
मुरादाबाद। नए कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को भारत बंद का मुरादाबाद में मिला जुला असर देखने को मिला। बाजार, पेट्रोल पंप तथा अन्य प्रतिष्ठान रोजमर्रा की भांति ही खुले। चक्का जाम रोकने के लिए किए गए पुलिस प्रशासन के तगड़े इंतजाम कहीं किसानों पर भारी पड़े और वे घरों से ही नहीं निकल पाए तो कहीं किसान जाम के लिए पुलिस से भीड़ गए और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन किए गए। किसानों के अलावा इसके समर्थन में उतरे अधिकतर सपा व कांग्रेस नेताओं को भी पुलिस ने घर से बाहर नहीं निकलने दिया। किसानों एवं विभिन्न संगठनों ने सरकारी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर नए कृषि कानूनों को समाप्त करने की मांग की।
पुलिस ने जब भाकियू नेताओं को नजरबंद किया तो किसान पाकबड़ा अगवानपुर बाईपास पर उतर गए और प्रदर्शन किया। यहां थोड़ी ही देर का जाम लगा और पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया। दोपहर बाद किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन देकर अपना धरना समाप्त किया ।
दरअसल चक्का जाम की घोषणा पर देर रात तहसीलदार कांठ विभा श्रीवास्तव और थाना प्रभारी पाकबड़ा रजनी द्विवेदी ने मौढ़ा तेहिया गांव पहुंच कर भाकियू के प्रदेश महासचिव डा. नौ सिंह को उनको घर में ही नजरबंद कर दिया। घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई थी। मंगलवार सवेरे किसानों ने मौढ़ा तेहिया गांव पहुंचना शुरू कर दिया। कुछ किसानों ने जब पाकबड़ा अगवानपुर बाईपास को जाम करने का प्रयास किया तो पुलिस ने सख्ती बरते हुये किसानों को जाम लगाने से रोक दिया और सभी किसानों को पुलिस सड़क से लेकर गांव के अंदर आ गई। बावजूद इसके कुछ किसान बाईपास पर पहुंच गए। यहां पुलिस के साथ किसानों की जमकर धक्का मुक्की हुई। बाद में गांव में डा. नौ सिंह के घर पर हुई पंचायत में किसानों ने नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। साथ ही किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर जयकार सिंह, महकार सिंह, राजपाल सिंह, रामवीर सिंह, खजान सिंह, गंगा सहाय सिंह, चरन सिंह, रमेश सिंह, देवेन्द्र सिंह, सुदेश सिंह, किरन पाल सिंह, छोटू चौधरी, गजेन्द्र सिंह, सागर सिंह, ब्रहमपाल सिंह, कर्मवीर सिंह, परम सिंह, लीला सिंह, अजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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कानून के नुकसान फायदे नहीं बता पाई तहसीलदार
संवाद न्यूज एजेंसी
पाकबड़ा। मौढ़ा तेहिया गांव में धरने पर आये किसानों ने तहसीलदार कांठ से पूछा कि इस नये कानून में क्या फायदा और क्या नुकसान है तो वह इसका कोई ठोस जबाव नहीं दे पाईं। कहा कि वह इस समय शांति व्यवस्था को देखने आई हैं।
कल सवेरे दिल्ली कूच का एलान
पाकबड़ा। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव ने एलान किया है वह कल सवेरे अपनी ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर दिल्ली की ओर कूच करेगें। क्षेत्र के सभी किसान उनके साथ इस धरने में शामिल होने जाएंगे।
फिर छावनी बना मौढ़ा तेहिया गांव
पाकबड़ा। किसानों को दिल्ली से जाने से रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सभी तरह की व्यवस्था कर रखी है। मौढ़ा तेहिया गांव को पुलिस ने छावनी बना रखा है। सोमवार रात से प्रदेश महासचिव डा नौ सिंह को पुलिस ने नजर बंद रखा था। दिन में किसानों ने उनके घर पहुंच कर नजरबंदी से मुक्त किया था। मंगलवार शाम को फिर से प्रदेश महासचिव के घर पर पुलिस को तैनात कर दिया गया है। थाना प्रभारी रजनी द्विवेदी ने बताया की सुरक्षा के लिए पुलिस को गांव में तैनात किया गया है।
पुलिस घेरा नहीं तोड़ पाए प्रदर्शनकारी, 10 गिरफ्तार, चालीस नजर बंद
मुरादाबाद। नए कृषि कानून के विरोध में मंगलवार को भाकियू कार्यकर्ता और राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन किया। कई जगह जाम लगाने की कोशिश की, हालांकि प्रदर्शनकारी पुलिस पहरे को तोड़ नहीं पाए। पुलिस कर्मियों ने कहीं भी जाम नहीं लगने दिया। जनपद में दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि 40 नेता नजर बंद किए गए थे।
भारत बंद के एलान की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां कर ली गई थीं। जनपद को आठ जोन और बीस सेक्टर में बांटना गया था। चार जोन और दस सेक्टर शहर में बनाए गए थे। जबकि देहात क्षेत्र को भी इसी तरह चार जोन और दस सेक्टर में बांटा गया था। जनपद में 1500 पुलिस कर्मी, एक कंपनी आरएएफ और दो कंपनी पीएसी लगाई थी। शहर में चौराहों से लेकर हाईवे तक जगह जगह पुलिस बल तैनात किया गया था। एसएसपी प्रभाकर चौधरी भी जनपद में भ्रमण पर रहे और उन्होंने ड्यूटी प्वाइंटों पर जाकर पुलिस कर्मियों को दिशा निर्देश भी एि। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने बताया कि जनपद में कहीं भी जाम नहीं लगने दिया गया है। दस लोग गिरफ्तार किए गए है। चार लोग कटघर और छह लोग भोजपुर में गिरफ्तार किए गए। जिन्हें मंगलवार शाम निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है। इसके अलावा 40 लोगों को नजर बद भी किया गया था।
हाईवे से पहले ही किया प्रदर्शन
मुरादाबाद। प्रशासन तथा पुलिस की सख्ती के चलते किसान हाईवे तक नहीं पहुंच सके। दरअसल भाकियू के तहसील अध्यक्ष नरेन्द्र प्रताप सिंह को उनके घर पर तथा भाकियू असली के ब्लाक अध्यक्ष सतेंद्र सिंह को भी किसानों के साथ उनके आवास पर एसडीएम सदर प्रेरणा सिंह एवं एएसपी दरवेश कुमार ने घेरेबंदी में रखा। किसान निकले तो उन्हें पहले भीतखेडा मोड़ पर रोक दिया लेकिन किसान नहीं माने वह मनकरा मोड़ से पहले ज्ञापन देने पर अड़ गए । नारेबाजी करने लगे तो अधिकारी हाईवे से मनकरा मोड़ से 100 मीटर दूरी पर राजी हुए। वहां भाकियू टिकैत के तहसील अध्यक्ष नरेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में किसानों यहां ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर अमरपाल सिंह डा केपी सिंह गुडडू, पाशा, दुर्ग पाल सिंह नरेश सिंह, अजयपाल सिंह ओमवीर सिंह आदि मौजूद रहे । उधर इससे भाकियू असली के ब्लाक सतेंद्र सिंह ने भी यहाँ पर ज्ञापन एसडीएम तथा एएसपी को ज्ञापन सौंपा। उनके साथ दिनेश सिंह, देवेन्द्र सिंह, ओमपाल सिंह, सरन पाल सिंह रहे।
ब्लॉक अध्यक्ष को टोल प्लाजा पर रोका
ब्लाक अध्यक्ष धर्मेश सिंह को गाज़ीपुर दिल्ली बार्डर जाते उनको पिलखुवा टोलप्लाजा पर पुलिस उन्हें किसानों के साथ हिरासत में ले लिया। वे वहां धरने पर बैठ गए। शाम चार बजे उन्हें वहां से आगे जाने दिया गया।
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पुलिस ने जब भाकियू नेताओं को नजरबंद किया तो किसान पाकबड़ा अगवानपुर बाईपास पर उतर गए और प्रदर्शन किया। यहां थोड़ी ही देर का जाम लगा और पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया। दोपहर बाद किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन देकर अपना धरना समाप्त किया ।
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दरअसल चक्का जाम की घोषणा पर देर रात तहसीलदार कांठ विभा श्रीवास्तव और थाना प्रभारी पाकबड़ा रजनी द्विवेदी ने मौढ़ा तेहिया गांव पहुंच कर भाकियू के प्रदेश महासचिव डा. नौ सिंह को उनको घर में ही नजरबंद कर दिया। घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई थी। मंगलवार सवेरे किसानों ने मौढ़ा तेहिया गांव पहुंचना शुरू कर दिया। कुछ किसानों ने जब पाकबड़ा अगवानपुर बाईपास को जाम करने का प्रयास किया तो पुलिस ने सख्ती बरते हुये किसानों को जाम लगाने से रोक दिया और सभी किसानों को पुलिस सड़क से लेकर गांव के अंदर आ गई। बावजूद इसके कुछ किसान बाईपास पर पहुंच गए। यहां पुलिस के साथ किसानों की जमकर धक्का मुक्की हुई। बाद में गांव में डा. नौ सिंह के घर पर हुई पंचायत में किसानों ने नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। साथ ही किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर जयकार सिंह, महकार सिंह, राजपाल सिंह, रामवीर सिंह, खजान सिंह, गंगा सहाय सिंह, चरन सिंह, रमेश सिंह, देवेन्द्र सिंह, सुदेश सिंह, किरन पाल सिंह, छोटू चौधरी, गजेन्द्र सिंह, सागर सिंह, ब्रहमपाल सिंह, कर्मवीर सिंह, परम सिंह, लीला सिंह, अजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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कानून के नुकसान फायदे नहीं बता पाई तहसीलदार
संवाद न्यूज एजेंसी
पाकबड़ा। मौढ़ा तेहिया गांव में धरने पर आये किसानों ने तहसीलदार कांठ से पूछा कि इस नये कानून में क्या फायदा और क्या नुकसान है तो वह इसका कोई ठोस जबाव नहीं दे पाईं। कहा कि वह इस समय शांति व्यवस्था को देखने आई हैं।
कल सवेरे दिल्ली कूच का एलान
पाकबड़ा। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव ने एलान किया है वह कल सवेरे अपनी ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर दिल्ली की ओर कूच करेगें। क्षेत्र के सभी किसान उनके साथ इस धरने में शामिल होने जाएंगे।
फिर छावनी बना मौढ़ा तेहिया गांव
पाकबड़ा। किसानों को दिल्ली से जाने से रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सभी तरह की व्यवस्था कर रखी है। मौढ़ा तेहिया गांव को पुलिस ने छावनी बना रखा है। सोमवार रात से प्रदेश महासचिव डा नौ सिंह को पुलिस ने नजर बंद रखा था। दिन में किसानों ने उनके घर पहुंच कर नजरबंदी से मुक्त किया था। मंगलवार शाम को फिर से प्रदेश महासचिव के घर पर पुलिस को तैनात कर दिया गया है। थाना प्रभारी रजनी द्विवेदी ने बताया की सुरक्षा के लिए पुलिस को गांव में तैनात किया गया है।
पुलिस घेरा नहीं तोड़ पाए प्रदर्शनकारी, 10 गिरफ्तार, चालीस नजर बंद
मुरादाबाद। नए कृषि कानून के विरोध में मंगलवार को भाकियू कार्यकर्ता और राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन किया। कई जगह जाम लगाने की कोशिश की, हालांकि प्रदर्शनकारी पुलिस पहरे को तोड़ नहीं पाए। पुलिस कर्मियों ने कहीं भी जाम नहीं लगने दिया। जनपद में दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि 40 नेता नजर बंद किए गए थे।
भारत बंद के एलान की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां कर ली गई थीं। जनपद को आठ जोन और बीस सेक्टर में बांटना गया था। चार जोन और दस सेक्टर शहर में बनाए गए थे। जबकि देहात क्षेत्र को भी इसी तरह चार जोन और दस सेक्टर में बांटा गया था। जनपद में 1500 पुलिस कर्मी, एक कंपनी आरएएफ और दो कंपनी पीएसी लगाई थी। शहर में चौराहों से लेकर हाईवे तक जगह जगह पुलिस बल तैनात किया गया था। एसएसपी प्रभाकर चौधरी भी जनपद में भ्रमण पर रहे और उन्होंने ड्यूटी प्वाइंटों पर जाकर पुलिस कर्मियों को दिशा निर्देश भी एि। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने बताया कि जनपद में कहीं भी जाम नहीं लगने दिया गया है। दस लोग गिरफ्तार किए गए है। चार लोग कटघर और छह लोग भोजपुर में गिरफ्तार किए गए। जिन्हें मंगलवार शाम निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है। इसके अलावा 40 लोगों को नजर बद भी किया गया था।
हाईवे से पहले ही किया प्रदर्शन
मुरादाबाद। प्रशासन तथा पुलिस की सख्ती के चलते किसान हाईवे तक नहीं पहुंच सके। दरअसल भाकियू के तहसील अध्यक्ष नरेन्द्र प्रताप सिंह को उनके घर पर तथा भाकियू असली के ब्लाक अध्यक्ष सतेंद्र सिंह को भी किसानों के साथ उनके आवास पर एसडीएम सदर प्रेरणा सिंह एवं एएसपी दरवेश कुमार ने घेरेबंदी में रखा। किसान निकले तो उन्हें पहले भीतखेडा मोड़ पर रोक दिया लेकिन किसान नहीं माने वह मनकरा मोड़ से पहले ज्ञापन देने पर अड़ गए । नारेबाजी करने लगे तो अधिकारी हाईवे से मनकरा मोड़ से 100 मीटर दूरी पर राजी हुए। वहां भाकियू टिकैत के तहसील अध्यक्ष नरेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में किसानों यहां ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर अमरपाल सिंह डा केपी सिंह गुडडू, पाशा, दुर्ग पाल सिंह नरेश सिंह, अजयपाल सिंह ओमवीर सिंह आदि मौजूद रहे । उधर इससे भाकियू असली के ब्लाक सतेंद्र सिंह ने भी यहाँ पर ज्ञापन एसडीएम तथा एएसपी को ज्ञापन सौंपा। उनके साथ दिनेश सिंह, देवेन्द्र सिंह, ओमपाल सिंह, सरन पाल सिंह रहे।
ब्लॉक अध्यक्ष को टोल प्लाजा पर रोका
ब्लाक अध्यक्ष धर्मेश सिंह को गाज़ीपुर दिल्ली बार्डर जाते उनको पिलखुवा टोलप्लाजा पर पुलिस उन्हें किसानों के साथ हिरासत में ले लिया। वे वहां धरने पर बैठ गए। शाम चार बजे उन्हें वहां से आगे जाने दिया गया।