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Moradabad News: किसानों ने उठाई मांग कांठ में स्थापित हो मृदा परीक्षण केंद्र
Tue, 27 Oct 2026 02:53 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Tue, 27 Oct 2026 02:53 AM IST
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कांठ। खेतों की सेहत को सुधारने के लिए किसान अनेकों बार ब्लॉक मुख्यालय छजलैट या फिर कांठ तहसील मुख्यालय पर मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित किए जाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन आज तक यह मांग पूरी नहीं हो पाई है। किसानों का कहना है कि उन्हें अपने खेतों की मिट्टी की जांच कराने के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है जिससे समय और धन दोनों का नुकसान उठाना पड़ता है।
कांठ तहसील क्षेत्र किसान बहुल है। यहां सबसे अधिक गन्ने की पैदावार होती है। इसी के साथ किसान धान, गेहूं, उड़द, मक्का आदि की खेती भी करते हैं। बीमार खेतों में उर्वरा शक्ति घटने के कारण फसलों की पैदावार में किसानों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन एक अरसे से ब्लॉक मुख्यालय छजलैट या फिर कांठ तहसील मुख्यालय पर मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित कराए जाने की मांग करती आ रही हैं। पदाधिकारियों का उनका कहना है कि खेतों की मिट्टी की जांच होने से खेतों में आवश्यक तत्व देकर वह उर्वरा शक्ति को बढ़ा सकते हैं। लेकिन स्थानीय स्तर पर मृदा परीक्षण केंद्र न होने के कारण वह मिट्टी की जांच नहीं करा पाते। जिससे खेतों को आवश्यक तत्व नहीं मिल पाते और खेतों की उर्वरा शक्ति घट रही है। भाकियू टिकैत के प्रदेश उपाध्यक्ष पश्चिमी यूपी चौधरी ऋषिपाल सिंह, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष हरदीप सिंह, तहसील अध्यक्ष दर्शन सिंह, तहसील प्रभारी सियाराम विश्नोई, किसान विनय कुमार सिंह, साकिर हुसैन, योगेंद्र सिंह आदि किसानों ने छजलैट में मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित कराए जाने की मांग की है।
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कांठ तहसील क्षेत्र किसान बहुल है। यहां सबसे अधिक गन्ने की पैदावार होती है। इसी के साथ किसान धान, गेहूं, उड़द, मक्का आदि की खेती भी करते हैं। बीमार खेतों में उर्वरा शक्ति घटने के कारण फसलों की पैदावार में किसानों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन एक अरसे से ब्लॉक मुख्यालय छजलैट या फिर कांठ तहसील मुख्यालय पर मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित कराए जाने की मांग करती आ रही हैं। पदाधिकारियों का उनका कहना है कि खेतों की मिट्टी की जांच होने से खेतों में आवश्यक तत्व देकर वह उर्वरा शक्ति को बढ़ा सकते हैं। लेकिन स्थानीय स्तर पर मृदा परीक्षण केंद्र न होने के कारण वह मिट्टी की जांच नहीं करा पाते। जिससे खेतों को आवश्यक तत्व नहीं मिल पाते और खेतों की उर्वरा शक्ति घट रही है। भाकियू टिकैत के प्रदेश उपाध्यक्ष पश्चिमी यूपी चौधरी ऋषिपाल सिंह, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष हरदीप सिंह, तहसील अध्यक्ष दर्शन सिंह, तहसील प्रभारी सियाराम विश्नोई, किसान विनय कुमार सिंह, साकिर हुसैन, योगेंद्र सिंह आदि किसानों ने छजलैट में मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित कराए जाने की मांग की है।
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