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तहसील परिसर में किसान को पीटा
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मुरादाबाद। बैंक का बकाया अदा नहीं करने पर सदर तहसील में कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मचारियों ने किसान की पिटाई कर दी। इस मामले में तहसील प्रशासन ने पीड़ित किसान और उसके भाई सहित तीन लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
मझोला थाना क्षेत्र में मंडी समिति क्षेत्र निवासी हरिशंकर के मुताबिक उसने वर्ष 2019 में एचडीएफसी बैंक से 19 लाख रुपये का ऋण लिया था। लॉकडाउन के समय कामकाज ठीक नहीं चलने के कारण ऋण बढ़ कर 25 लाख रुपये तक पहुंच गया। इस पर बैंक ने आरसी जारी करते हुए उसे वसूली के लिए तहसील भेज दिया। हरिशंकर के भाई हरिओम ने बताया कि बैंक से सेटलमेंट कर उसके भाई ने 5.50 लाख रुपये भी जमा कर दिए, लेकिन जारी आरसी के नाम पर प्रतिदिन तहसील की टीम घर पहुंचकर बंद करने की धमकी देती रहती थी। आरोप है कि राहत के नाम पर उनसे आए दिन सुविधा शुल्क भी लेते रहते थे। तहसील की टीम गुरुवार सुबह करीब ग्यारह बजे हरिशंकर को घर से तहसील ले आई। बताया जाता है कि इसके कुछ देर बाद ही उसका भाई हरिओम भी वहां पहुंच गया। वार्ता के दौरान एकाएक तहसील परिसर में शोरशराबा होने लगा, जिससे वहां भीड़ लग गई। इस दौरान हरिओम तहसील प्रशासन पर खुलेआम उत्पीड़न का आरोप लगा रहा था। हरिओम का कहना था कि वह बैंक में जमा धनराशि की रसीद लेकर तहसील पहुंचा था और भाई को छोड़ने की मांग कर रहा था, जिसे लेकर नोकझोंक हुई। इसके बाद तहसील कर्मियों ने उसे दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है। वीडियो में हरिओम को तहसीलकर्मियों द्वारा दौड़ाकर पीटे जाने और तहसील के कमरे में ले जाकर बंद कर देने की घटना साफ दिखाई दे रही है।
इस घटना के संबंध में एसडीएम सदर प्रशांत कुमार का कहना है कि बैंक के बकाया अदा न करने पर जारी आरसी के तहत तहसील की टीम हरिशंकर को तहसील ले आई थी। वह थोड़ी-थोड़ी रकम जमा करने की बात भी कर रहा था, लेकिन उसका भाई हरिओम मौके पर पहुंच कर तहसील स्टाफ से अभद्रता करने लगा। अभिलेख फाड़ दिए। इसके बाद तहसील कर्मियों ने उसे पकड़ा। एसडीएम सदर ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल की ओर से इस मामले में सिविल लाइंस थाने में हरिशंकर, उसके भाई हरिओम समेत तीन लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने व सरकारी अभिलेख नष्ट करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। उन्होंने बताया कि हरिशंकर के परिवार वालों द्वारा 65 हजार रुपये शाम को जमा भी किए गए, जिसके बाद हरिशंकर को छोड़ दिया गया।
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डीएम ने सौंपी एडीएम फाइनेेंस को जांच
तहसील परिसर में एक बकायेदार व उसके भाई द्वारा हंगामा करने का मामला संज्ञान में लाया गया है, जिसके तहत सिविल लाइन थाने में तहसील कर्मी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसके अलावा तहसील परिसर में हंगामा व मारपीट का एक वीडियो वायरल होने का मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांच के लिए जांच एडीएम फाइनेंस को सौंपी गई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। घटना में अगर तहसील कर्मियों की गलती मिलती है तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
शैलेंद्र सिंह, जिलाधिकारी
वायरल हो रहे वीडियो को देखने से प्रथम दृष्ट्या ऐसा लग रहा है कि बकाएदार के साथियों की ओर से कुछ ऐसा कृत्य किया गया, जिसके बाद विवाद बढ़ा। अगर, आरोपी युवक से मारपीट करने वाले तहसीलकर्मी हैं तो उनके इस कृत्य को भी कतई जायज नहीं ठहराया जा सकता। डीएम ने पूरे मामले की जांच एडीएम को सौंपे जाने की रिपोर्ट दी है। यह भी बताया कि प्रथम दृष्ट्या बकाएदार बकाया अदा न करने का आदी है। उस पर करीब 75 लाख रुपये का बकाया होने की जानकारी मिल रही है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
आंजनेय कुमार, कमिश्नर
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मझोला थाना क्षेत्र में मंडी समिति क्षेत्र निवासी हरिशंकर के मुताबिक उसने वर्ष 2019 में एचडीएफसी बैंक से 19 लाख रुपये का ऋण लिया था। लॉकडाउन के समय कामकाज ठीक नहीं चलने के कारण ऋण बढ़ कर 25 लाख रुपये तक पहुंच गया। इस पर बैंक ने आरसी जारी करते हुए उसे वसूली के लिए तहसील भेज दिया। हरिशंकर के भाई हरिओम ने बताया कि बैंक से सेटलमेंट कर उसके भाई ने 5.50 लाख रुपये भी जमा कर दिए, लेकिन जारी आरसी के नाम पर प्रतिदिन तहसील की टीम घर पहुंचकर बंद करने की धमकी देती रहती थी। आरोप है कि राहत के नाम पर उनसे आए दिन सुविधा शुल्क भी लेते रहते थे। तहसील की टीम गुरुवार सुबह करीब ग्यारह बजे हरिशंकर को घर से तहसील ले आई। बताया जाता है कि इसके कुछ देर बाद ही उसका भाई हरिओम भी वहां पहुंच गया। वार्ता के दौरान एकाएक तहसील परिसर में शोरशराबा होने लगा, जिससे वहां भीड़ लग गई। इस दौरान हरिओम तहसील प्रशासन पर खुलेआम उत्पीड़न का आरोप लगा रहा था। हरिओम का कहना था कि वह बैंक में जमा धनराशि की रसीद लेकर तहसील पहुंचा था और भाई को छोड़ने की मांग कर रहा था, जिसे लेकर नोकझोंक हुई। इसके बाद तहसील कर्मियों ने उसे दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है। वीडियो में हरिओम को तहसीलकर्मियों द्वारा दौड़ाकर पीटे जाने और तहसील के कमरे में ले जाकर बंद कर देने की घटना साफ दिखाई दे रही है।
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इस घटना के संबंध में एसडीएम सदर प्रशांत कुमार का कहना है कि बैंक के बकाया अदा न करने पर जारी आरसी के तहत तहसील की टीम हरिशंकर को तहसील ले आई थी। वह थोड़ी-थोड़ी रकम जमा करने की बात भी कर रहा था, लेकिन उसका भाई हरिओम मौके पर पहुंच कर तहसील स्टाफ से अभद्रता करने लगा। अभिलेख फाड़ दिए। इसके बाद तहसील कर्मियों ने उसे पकड़ा। एसडीएम सदर ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल की ओर से इस मामले में सिविल लाइंस थाने में हरिशंकर, उसके भाई हरिओम समेत तीन लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने व सरकारी अभिलेख नष्ट करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। उन्होंने बताया कि हरिशंकर के परिवार वालों द्वारा 65 हजार रुपये शाम को जमा भी किए गए, जिसके बाद हरिशंकर को छोड़ दिया गया।
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डीएम ने सौंपी एडीएम फाइनेेंस को जांच
तहसील परिसर में एक बकायेदार व उसके भाई द्वारा हंगामा करने का मामला संज्ञान में लाया गया है, जिसके तहत सिविल लाइन थाने में तहसील कर्मी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसके अलावा तहसील परिसर में हंगामा व मारपीट का एक वीडियो वायरल होने का मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांच के लिए जांच एडीएम फाइनेंस को सौंपी गई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। घटना में अगर तहसील कर्मियों की गलती मिलती है तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
शैलेंद्र सिंह, जिलाधिकारी
वायरल हो रहे वीडियो को देखने से प्रथम दृष्ट्या ऐसा लग रहा है कि बकाएदार के साथियों की ओर से कुछ ऐसा कृत्य किया गया, जिसके बाद विवाद बढ़ा। अगर, आरोपी युवक से मारपीट करने वाले तहसीलकर्मी हैं तो उनके इस कृत्य को भी कतई जायज नहीं ठहराया जा सकता। डीएम ने पूरे मामले की जांच एडीएम को सौंपे जाने की रिपोर्ट दी है। यह भी बताया कि प्रथम दृष्ट्या बकाएदार बकाया अदा न करने का आदी है। उस पर करीब 75 लाख रुपये का बकाया होने की जानकारी मिल रही है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
आंजनेय कुमार, कमिश्नर