ये अंधविश्वास की इंतेहा: छात्र के शव को घर में छह दिन से गड्ढे में दबाए हैं परिजन, 19 नवंबर तक लगाए ये उम्मीद
परिजनों ने यह कारनामा सपेरों के तंत्र-मंत्र के अंधविश्वास में आकर किया है। शुक्रवार को फिर सपेरे ने दावा किया है कि छह दिन बाद अर्थात 19 नवंबर तक शव रखने पर छात्र जिंदा हो सकता है।
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मुरादाबाद के कुंदरकी ब्लॉक क्षेत्र के सीमांत गांव ऊंचाकानी में परिजन सर्पदंश से मृत सातवीं के छात्र वरुण (14) के शव को छह दिनों से मकान के अंदर गड्ढे में दबाए बैठे हैं। परिजनों ने यह कारनामा सपेरों के तंत्र-मंत्र के अंधविश्वास में आकर किया है। शुक्रवार को फिर सपेरे ने दावा किया है कि छह दिन बाद अर्थात 19 नवंबर तक शव रखने पर छात्र जिंदा हो सकता है।
ऊंचाकानी गांव के रहने वाले दुग्ध विक्रेता बब्लू ठाकुर के पुत्र वरुण (14) को सोते समय कान के पास बीते बृहस्पतिवार की रात करीब 11 बजे सर्प ने डंस लिया था। छात्र की चीख पुकार सुनकर परिजनों की नींद टूट गई। परिजन छात्र का इलाज कराने के लिए उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने देखने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र दो भाइयों में छोटा था।
सपेरे ने दिखाया तंत्र मंत्र से जिंदा करने का सपना
परिजनों ने बेटे का इलाज कराने के लिए सपेरे को बुलाया। सपेरे ने देखने के बाद कहा कि छात्र मरा नहीं, बेहोश है। सांप के काटने के बाद लोग कई दिनों तक बेहोशी की हालत में जीवित रहते हैं। सपेरे ने तंत्र मंत्र की शक्ति का दावा करते हुए परिजनों को विश्वास दिलाया। भरोसे में आकर परिजनों ने छात्र को अपने मकान के अंदर गड्ढा खोदकर मिट्टी के नीचे दबा दिया। सोमवार शाम तक सपेरा बब्लू ठाकुर के घर पहुंचा। वह छात्र को जिंदा करने का दावा करने लगा। कुछ ही देर में गांव के लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। सपेरे ने कुछ देर तक तंत्र विद्या का प्रदर्शन किया, लेकिन छात्र के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई।
अंत में सपेरे ने परिजनों के सामने गारंटी दी कि वह छात्र को जिंदा कर देगा। इसके लिए उसे अभी छह दिन और गड्ढे में ही दबे रहने दीजिए। ग्राम प्रधान सौनाद सिंह ने बताया कि सपेरे ने 19 नवंबर को फिर से आने का वादा किया है। दावा किया कि वह छात्र को जिंदा कर देगा। सपेरा अलीगढ़ क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। इधर अलीगढ़ और जसपुर के सपेरों के दावे को लेकर ग्राम ऊंचाकानी में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। अभी भी गांव का एक बड़ा वर्ग करिश्मा की उम्मीद लगाए बैठा है। वहीं छात्र के परिजन गमगीन हैं। वे बेटे की जिंदगी के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं।
सांप डसे तो क्या करें और क्या न करें
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रामकिशोर व डॉ. सुरेंद्र पाल सिंह के मुताबिक सांप के डसने पर व्यक्ति को घबराने न दें और उसे जगाए रखें। ज्यादातर मामलों में सांप पैर में डसते हैं। इसलिए जहर का प्रभाव धीरे-धीरे होते है। ऐसे में मरीज को एक घंटे के अंदर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। वहां पर एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) इंजेक्शन लगाकर मरीज की जान बचाई जा सकती है। डॉक्टर का कहना है कि सांप के डसने पर झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़ें। जहां सांप ने डसा है उसके आसपास कट न लगाएं और न ही बंध लगाएं। बंध लगाने से रक्त का संचार रुक जाता है। ऐसी स्थिति में हालत गंभीर हो सकती है। जहां सांप ने डसा है, वहां बस छोटा सा निशान लगा दें। प्रभावित अंग को हिलाएं डुलाएं नहीं, इससे रक्त संचरण तेज हो जाता है। पीड़ित व्यक्ति को चलने भी न दें।
एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) वैक्सीन हर सीएचसी व पीएचसी पर उपलब्ध है। यदि किसी को सांप डसता है तो फौरन नजदीकी सीएचसी या पीएचसी पर ले जाएं या जिला अस्पताल लाकर इलाज कराएं। इससे व्यक्ति की जान बच सकती है। -डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ
सर्पदंश से मौत पर पीड़ित परिवार को मिलते हैं चार लाख रुपये
सीएमओ कार्यालय के मुताबिक सर्पदंश से मौत राज्य आपदा के तहत आती है। इसलिए पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है। इसके लिए मृतक का पोस्टमार्टम होना जरूरी है। इसके बाद प्रशासन की ओर से लेखपाल को भेजकर जांच कराई जाती है। मुआवजे की प्रक्रिया लेखपाल द्वारा पूरी की जाने के बाद मृतक के परिजन के खाते में चार लाख रुपये भेजे जाते हैं।