{"_id":"685bac8f44ce371a06068acc","slug":"fake-facebook-id-of-amroha-sp-was-created-then-money-demanded-cyber-thugs-linked-to-odisha-and-rajasthan-2025-06-25","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: अमरोहा के एसपी की बनाई फर्जी फेसबुक आईडी, फिर मांगे लोगों से पैसे, इन राज्यों से जुड़े साइबर ठगों के तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: अमरोहा के एसपी की बनाई फर्जी फेसबुक आईडी, फिर मांगे लोगों से पैसे, इन राज्यों से जुड़े साइबर ठगों के तार
Wed, 25 Jun 2025 01:31 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 25 Jun 2025 01:31 PM IST
सार
अमरोहा के पुलिस अधीक्षक की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों से रुपये मांगने का मामला सामने आया है। साइबर ठगों के तार उड़ीसा और राजस्थान से जुड़े हैं। कांस्टेबल की शिकायत पर उड़ीसा की लक्ष्मी प्रिया मैठी और राजस्थान के भागचंद कोहली के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
विज्ञापन
अमित कुमार आनंद, एसपी, अमरोहा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अमरोहा के एसपी अमित कुमार आनंद की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर व फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर लोगों से रुपये मांगने के मामले में नया मोड आया है। फर्जी आईडी बनाने वाले साइबर ठगों के तार उड़ीसा और राजस्थान से जुड़े हैं।
साइबर सेल टीम की छानबीन के बाद आईपी एड्रेस के आईपीडीआर से मिले साक्ष्यों के आधार पर उड़ीसा की लक्ष्मी प्रिया मैठी और राजस्थान के भागचंद कोहली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
आरोपियों पर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर छवि धूमिल करने और पुलिस अफसर की पहचान का गलत तरीके से प्रयोग करके साइबर फ्रॉड कर पैसा कमाने का भी आरोप है।
साइबर अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि वह आमजन के साथ पुलिस अफसरों को भी ठगी का शिकार बना रहे हैं। साथ ही हर रोज नया हथकंडे अपना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। इसमें साइबर ठगों ने एसपी अमित कुमार आनंद के नाम से ही फेसबुक पर उनका फर्जी अकाउंट बना लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
साइबर सेल टीम की छानबीन के बाद आईपी एड्रेस के आईपीडीआर से मिले साक्ष्यों के आधार पर उड़ीसा की लक्ष्मी प्रिया मैठी और राजस्थान के भागचंद कोहली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
आरोपियों पर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर छवि धूमिल करने और पुलिस अफसर की पहचान का गलत तरीके से प्रयोग करके साइबर फ्रॉड कर पैसा कमाने का भी आरोप है।
साइबर अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि वह आमजन के साथ पुलिस अफसरों को भी ठगी का शिकार बना रहे हैं। साथ ही हर रोज नया हथकंडे अपना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। इसमें साइबर ठगों ने एसपी अमित कुमार आनंद के नाम से ही फेसबुक पर उनका फर्जी अकाउंट बना लिया।
विज्ञापन
आधी-अधूरी डिटेल के साथ डीपी पर एसपी का फोटो
गुमराह करने के लिए उनसे जुड़ी आधी-अधूरी डिटेल के साथ डीपी पर उनका फोटो तक लगा दिया। साथ ही उनके फर्जी अकाउंट से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। जरूरत बताकर रकम की मांग की गई, लेकिन लोगों ने रकम देने के बजाय पुलिस को सूचित कर दिया।
गुमराह करने के लिए उनसे जुड़ी आधी-अधूरी डिटेल के साथ डीपी पर उनका फोटो तक लगा दिया। साथ ही उनके फर्जी अकाउंट से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। जरूरत बताकर रकम की मांग की गई, लेकिन लोगों ने रकम देने के बजाय पुलिस को सूचित कर दिया।
एसपी अमित कुमार आनंद को मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने साइबर थाना पुलिस को अलर्ट कर दिया। साथ ही अपने सही अकांउट से लोगों को सतर्क किया और किसी से भी रुपये नहीं देने की अपील की।
जल्द होगी आरोपियों की गिरफ्तारी : एसपी
एसपी के निर्देश पर साइबर टीम फर्जी अकाउंट बनाने वाले को ट्रेस करने में जुट गई थी। एसपी ने बताया कि साइबर ठगों ने उनकी फर्जी फेसबुक आईडी 16 मई 2025 को यूटीसी पर बनाई थी। आईडी बनाते समय एक मेल आईडी रजिस्टर्ड की गई।
एसपी के निर्देश पर साइबर टीम फर्जी अकाउंट बनाने वाले को ट्रेस करने में जुट गई थी। एसपी ने बताया कि साइबर ठगों ने उनकी फर्जी फेसबुक आईडी 16 मई 2025 को यूटीसी पर बनाई थी। आईडी बनाते समय एक मेल आईडी रजिस्टर्ड की गई।
26 और 27 मई को फेसबुक आईडी चलाते समय उनका आईपी ऐड्रेस मिला। दोनों आईपी ऐड्रेस का आईपीडीआर प्राप्त किया गया। इसमें दोनों आरोपियों के नंबर मिले। इसमें एक मोबाइल नंबर उड़ीसा के जिला सुनीति कैद्रपारा में बिनाखंडा निवासी लक्ष्मी प्रिया मैटी का है, जबकि मेल आईडी रजिस्टर्ड करते समय अंकित किया गया दूसरा नंबर राजस्थान के अलवर में सकत निवासी भागचंद कोहली का है। एसपी अमित कुमार आनंद के मुताबिक मामले में जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
यह होता है आईपी एड्रेस
आईपी एड्रेस एक अद्वितीय पहचान संख्या है, जो इंटरनेट से जुड़े प्रत्येक डिवाइस को दी जाती है। यह एक तरह से उस डिवाइस का पता होता है। इसके द्वारा इंटरनेट पर डेटा को सही जगह पर पहुंचाया जाता है। आईपी एड्रेस के बिना, इंटरनेट पर डेटा का आदान-प्रदान संभव नहीं होगा, क्योंकि यह डेटा को सही स्थान तक पहुंचाने में मदद करता है।
आईपी एड्रेस एक अद्वितीय पहचान संख्या है, जो इंटरनेट से जुड़े प्रत्येक डिवाइस को दी जाती है। यह एक तरह से उस डिवाइस का पता होता है। इसके द्वारा इंटरनेट पर डेटा को सही जगह पर पहुंचाया जाता है। आईपी एड्रेस के बिना, इंटरनेट पर डेटा का आदान-प्रदान संभव नहीं होगा, क्योंकि यह डेटा को सही स्थान तक पहुंचाने में मदद करता है।
यह है आईपीडीआर
आईपीडीआर का मतलब है इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड। यह एक लॉग फाइल होती है जिसमें किसी इंटरनेट कनेक्शन से संबंधित जानकारी जैसे कि आईपी एड्रेस, समय और अन्य विवरण दर्ज होते हैं।
आईपीडीआर का मतलब है इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड। यह एक लॉग फाइल होती है जिसमें किसी इंटरनेट कनेक्शन से संबंधित जानकारी जैसे कि आईपी एड्रेस, समय और अन्य विवरण दर्ज होते हैं।