{"_id":"58bb2ae94f1c1b1c5e830b85","slug":"fake-currency-entering-nepal-root-in-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाल के रास्ते पाकिस्तान से आ रही जाली करेंसी की खेप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेपाल के रास्ते पाकिस्तान से आ रही जाली करेंसी की खेप
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sun, 05 Mar 2017 02:43 AM IST
विज्ञापन
फर्जी करेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत में जाली करेंसी की खेप भेजने के लिए पाकिस्तान नेपाल का इस्तेमाल कर रहा है। फैसल से पूछताछ के बाद खुफिया एजेंसियों को कई अहम जानकारियां हासिल हुई हैं। एजेंसियों को पता चला है कि फैसल और उसका गैंग जाली करेंसी की खेप 25 फीसदी पर नेपाल में बैठे एजेंट्स से लेता है।
जबकि नेपाल में बैठे एजेंट्स तक जाली करेंसी पाकिस्तान से आईएसआई के सुपरविजन में पहुंचती है। फैसल ने एजेंसियों को बताया है कि उसका गैंग नेपाल से जाली करेंसी की खेप लेता है और फिर उसे उत्तराखंड व वेस्ट यूपी में छोटे - छोेटे एजेंट्स को सप्लाई कर देता है।
फैसल ने बताया कि गैंग को नेपाल से पांच सौ रुपये के असली नोट की एवज में 2000 रुपये का जाली नोट मिलता है। यानी गैंग को 25 फीसदी पर जाली करेंसी मिलती है। इसके बाद गैंग इस करेंसी को चालीस फीसदी में आगे सप्लाई करता है। यानी 800 रुपये के असली नोट लेकर 2000 रुपये का नकली नोट दिया जाता है।
विज्ञापन
पूरा धंधा एडवांस पर चलता है। नेपाल में बैठे जाली करेंसी के तस्करों के बारे में फैसल ने एजेंसियों को कई अहम जानकारियां दी हैं। उसने बताया है कि बांग्लादेश के रास्ते भी पाकिस्तान जाली करेंसी की सप्लाई भारत में भेजता है। पश्चिम बंगाल में भी उसके गैंग की जड़ें हैं। वेस्ट बंगाल से भी यह गैंग फेक करेंसी की सप्लाई लेता रहा है।
पुलिस मुठभेड़ में जख्मी होने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती जाली करेंसी के तस्कर फैसल ने पुलिस और एजेंसियों को बताया है कि उत्तराखंड के साथ ही वेस्ट यूपी में रामपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर, अमरोहा, हापुड़, गाजियाबाद समेत अन्य जिलों में शहरों और कस्बों में गैंग के सैकड़ों की तादाद में छोटे - छोटे एजेंट्स हैं। जिनके जरिए गैंग जाली करेंसी को बाजारों में खपाता है।
विज्ञापन
जबकि नेपाल में बैठे एजेंट्स तक जाली करेंसी पाकिस्तान से आईएसआई के सुपरविजन में पहुंचती है। फैसल ने एजेंसियों को बताया है कि उसका गैंग नेपाल से जाली करेंसी की खेप लेता है और फिर उसे उत्तराखंड व वेस्ट यूपी में छोटे - छोेटे एजेंट्स को सप्लाई कर देता है।
विज्ञापन
फैसल ने बताया कि गैंग को नेपाल से पांच सौ रुपये के असली नोट की एवज में 2000 रुपये का जाली नोट मिलता है। यानी गैंग को 25 फीसदी पर जाली करेंसी मिलती है। इसके बाद गैंग इस करेंसी को चालीस फीसदी में आगे सप्लाई करता है। यानी 800 रुपये के असली नोट लेकर 2000 रुपये का नकली नोट दिया जाता है।
विज्ञापन
पूरा धंधा एडवांस पर चलता है। नेपाल में बैठे जाली करेंसी के तस्करों के बारे में फैसल ने एजेंसियों को कई अहम जानकारियां दी हैं। उसने बताया है कि बांग्लादेश के रास्ते भी पाकिस्तान जाली करेंसी की सप्लाई भारत में भेजता है। पश्चिम बंगाल में भी उसके गैंग की जड़ें हैं। वेस्ट बंगाल से भी यह गैंग फेक करेंसी की सप्लाई लेता रहा है।
पुलिस मुठभेड़ में जख्मी होने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती जाली करेंसी के तस्कर फैसल ने पुलिस और एजेंसियों को बताया है कि उत्तराखंड के साथ ही वेस्ट यूपी में रामपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर, अमरोहा, हापुड़, गाजियाबाद समेत अन्य जिलों में शहरों और कस्बों में गैंग के सैकड़ों की तादाद में छोटे - छोटे एजेंट्स हैं। जिनके जरिए गैंग जाली करेंसी को बाजारों में खपाता है।