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रक्षा सूत्र बांधते भर आई बहनों की आंखें, लंबी उम्र के साथ जल्द रिहाई की प्रार्थना
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मुरादाबाद के जिला कारागार में रक्षाबंधन में मिलने पहुंची बहन लाइन में खड़े होने को बोलता पुलिस क?
- फोटो : CITY
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मुरादाबाद। लंबी दूरी तय कर भाइयों की कलाई पर राखी सजाने पहुंची महिलाओं के चेहरे पर न थकान झलक रही थी न ही बीच-बीच में होने वाली बारिश से ही वह परेशान हो रही थीं। घंटों लाइन में भी लगे रहना पड़ा। लेकिन जैसे ही मिलाई का समय बहनों के चेहरे पर चमक सी आगई। सलाखों के भीतर बंद भाईयों के मिलते ही दोनों की आंखे डबडबा गईं। बहनों ने भाइयों के हाथ पर राखी बांधी और रुधे गले से उनकी लंबी उम्र के साथ जल्द रिहाई और मुसीबतों से मुक्ति की प्रार्थना के साथ तिलक किया। भाइयों ने भी बहनों की सदा रक्षा करने का संकल्प लिया।
संभल जिले के बहजोई निवासी बबिता भी पिछले तीन साल से जेल की सलाखों के अंदर कत्ल के इल्जाम में बंद अपने भाई सोनू को राखी बांधने एक दिन पहले ही मुरादाबाद एक रिश्तेदार के घर पहुंच गई। सुबह सात बजे ही वह जेल गेट पर पहुंच गई। पहले घंटों लाइन में लग कर उसने पर्ची बनवाई। करीब दो बजे उसकी मुलाकात भाई से हो सकी और उसने भाई के हाथ पर राखी सजा उसके जल्द रिहाई और लंबी उम्र की प्रार्थना की। भाई को तिलक लगाया और मिठाई खिलाई।
दिल्ली के मंगोलपुरी बी ब्लाक निवासी गुड्डो भी हत्या प्रयास के जुर्म में पिछले नौ माह से बंद अपने भाई के हाथ पर राखी सजाने मुरादाबाद जेल पहुंची थी। लंबा सफर तय कर पहुंचने के बाद भाई की कलाई पर राखी सजाने के बाद उसकी सारी थकान दूर हो गई। बताया कि जेल में बंद उसके भाई को भी रक्षाबंधन के दिन उसके आने का इंतजार था। इसी तरह रायपुर की वर्षा चौहान भी चार दिन पहले जेल गए अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने पहुंची। बिजनौर नजीबाबाद थाना क्षेत्र के मूसेपुर निवासी यशपल्ली कुछ दिन पहले हुए पथरी के आपरेशन का दर्द भूल भाई के हाथ में राखी बांधने पहुंची थी। सुबह आठ बजे ही वह लाइन में लग गई थी। खड़े रहने में दिक्कत हुई तो वह बीच-बीच में बैठ आराम कर लेती थी। भाई की हाथ पर कलाई सजाने की चाहत में वह आपरेशन के दर्द को भी भूल गई। कमोवेश यही स्थिति जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंची लगभग सभी महिलाओं व युवतियों की रही।
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सुरक्षा का जेल प्रशासन ने पूरा रखा ख्याल
मुरादाबाद। रक्षा बंधन के मौके पर जेल पर उमड़ी भीड़ के बावजूद जेल प्रशासन ने सुरक्षा का खास ध्यान रखा। जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि आधार कार्ड के माध्यम से सबकी आईडी चेक कर पहले पर्ची तैयार कराई गई। फिर भाइयों व बहनों की मिलाई कराई गई। इस दौरान कोविड टेस्ट रिपोर्ट भी देखी गई। जिनके पास नहीं थी और उन्होंने कोविड वैक्सीन लगवा ली थी उन्हें भी मिलवाया। मिलाई करने वालों द्वारा साथ लाई गई मिठाई को पहले लाने वाले व्यक्ति को खिलाकर चेक कराया गया। फिर उसे बंदियों को खिलाने की इजाजत दी गई। जेल अधीक्षक ने दावा किया कि जेल परिसर में पहुंची सभी महिलाओं को उनके भाइयों से मिलवाया गया।
84 पुरुष भी पहुंचे बहनों को राखी बांधने
मुरादाबाद। जिला जेल में विभिन्न अपराधों में बंद महिला बंदियों से राखी बंधवाने के लिए 84 पुरुष भी पहुंचे। ये सभी अपने साथ राखी और मिठाई व तिलक आदि का सामान भी लेकर पहुंचे थे। भाइयों को देख बहनों की आंखे भर आईं। बंदी महिलाओं ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी सजाई, तिलक लगाया तो भाइयों ने भी बहनों की रक्षा का संकल्प लिया।
रक्षा बंधन के मौके पर 1482 महिलाएं और 84 पुरुष जेल में निरु द्ध अपने पुरुष व महिला भाई-बहनों को राखी बंधवाने पहुंचे। इन लोगों के साथ 365 बच्चे भी शामिल रहे। जेल परिसर में पहुंची किसी भी बहन को बिना राखी बांधे निराश होकर नहीं लौटने दिया गया। कोविड समेत अन्य सुरक्षाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया।
वीरेश राज शर्मा, जेल अधीक्षक
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संभल जिले के बहजोई निवासी बबिता भी पिछले तीन साल से जेल की सलाखों के अंदर कत्ल के इल्जाम में बंद अपने भाई सोनू को राखी बांधने एक दिन पहले ही मुरादाबाद एक रिश्तेदार के घर पहुंच गई। सुबह सात बजे ही वह जेल गेट पर पहुंच गई। पहले घंटों लाइन में लग कर उसने पर्ची बनवाई। करीब दो बजे उसकी मुलाकात भाई से हो सकी और उसने भाई के हाथ पर राखी सजा उसके जल्द रिहाई और लंबी उम्र की प्रार्थना की। भाई को तिलक लगाया और मिठाई खिलाई।
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दिल्ली के मंगोलपुरी बी ब्लाक निवासी गुड्डो भी हत्या प्रयास के जुर्म में पिछले नौ माह से बंद अपने भाई के हाथ पर राखी सजाने मुरादाबाद जेल पहुंची थी। लंबा सफर तय कर पहुंचने के बाद भाई की कलाई पर राखी सजाने के बाद उसकी सारी थकान दूर हो गई। बताया कि जेल में बंद उसके भाई को भी रक्षाबंधन के दिन उसके आने का इंतजार था। इसी तरह रायपुर की वर्षा चौहान भी चार दिन पहले जेल गए अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने पहुंची। बिजनौर नजीबाबाद थाना क्षेत्र के मूसेपुर निवासी यशपल्ली कुछ दिन पहले हुए पथरी के आपरेशन का दर्द भूल भाई के हाथ में राखी बांधने पहुंची थी। सुबह आठ बजे ही वह लाइन में लग गई थी। खड़े रहने में दिक्कत हुई तो वह बीच-बीच में बैठ आराम कर लेती थी। भाई की हाथ पर कलाई सजाने की चाहत में वह आपरेशन के दर्द को भी भूल गई। कमोवेश यही स्थिति जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंची लगभग सभी महिलाओं व युवतियों की रही।
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सुरक्षा का जेल प्रशासन ने पूरा रखा ख्याल
मुरादाबाद। रक्षा बंधन के मौके पर जेल पर उमड़ी भीड़ के बावजूद जेल प्रशासन ने सुरक्षा का खास ध्यान रखा। जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि आधार कार्ड के माध्यम से सबकी आईडी चेक कर पहले पर्ची तैयार कराई गई। फिर भाइयों व बहनों की मिलाई कराई गई। इस दौरान कोविड टेस्ट रिपोर्ट भी देखी गई। जिनके पास नहीं थी और उन्होंने कोविड वैक्सीन लगवा ली थी उन्हें भी मिलवाया। मिलाई करने वालों द्वारा साथ लाई गई मिठाई को पहले लाने वाले व्यक्ति को खिलाकर चेक कराया गया। फिर उसे बंदियों को खिलाने की इजाजत दी गई। जेल अधीक्षक ने दावा किया कि जेल परिसर में पहुंची सभी महिलाओं को उनके भाइयों से मिलवाया गया।
84 पुरुष भी पहुंचे बहनों को राखी बांधने
मुरादाबाद। जिला जेल में विभिन्न अपराधों में बंद महिला बंदियों से राखी बंधवाने के लिए 84 पुरुष भी पहुंचे। ये सभी अपने साथ राखी और मिठाई व तिलक आदि का सामान भी लेकर पहुंचे थे। भाइयों को देख बहनों की आंखे भर आईं। बंदी महिलाओं ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी सजाई, तिलक लगाया तो भाइयों ने भी बहनों की रक्षा का संकल्प लिया।
रक्षा बंधन के मौके पर 1482 महिलाएं और 84 पुरुष जेल में निरु द्ध अपने पुरुष व महिला भाई-बहनों को राखी बंधवाने पहुंचे। इन लोगों के साथ 365 बच्चे भी शामिल रहे। जेल परिसर में पहुंची किसी भी बहन को बिना राखी बांधे निराश होकर नहीं लौटने दिया गया। कोविड समेत अन्य सुरक्षाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया।
वीरेश राज शर्मा, जेल अधीक्षक