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नोडल अफसर को बताईं निर्यातकों व उद्यमियों की समस्याएं, मिला आश्वासन
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मुरादाबाद। महानगर के निर्यातकों और व्यापारियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने समस्याओं को लेकर जिले के नोडल अधिकारी मनोज कुमार सिंह से मुलाकात की और उनका ध्यान समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया। नोडल अधिकारी ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान डीएम राकेश कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
ईपीसीएच के पूर्व चेयरमैन सुधीर त्यागी के साथ नोडल अधिकारी से मिले प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि निर्यातकों का टर्नओवर करीब आठ सौ करोड़ रुपये का है। एक साल से जीएसटी रिफंड की धनराशि नहीं मिली है। इससे चार सौ करोड़ रुपये निर्यातकों और उद्यमियों का अपना पैसा फंस गया है। इसके अलावा अनेक निर्यातकों को 2018-19 का भी रिफंड नहीं मिला है। यदि यह रिफंड मिल जाए तो निर्यातकों और उद्यमियों को काफी राहत मिलेगी। नोडल अधिकारी ने इस मामले को दिखवाने और समाधान कराने का भरोसा दिया। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि नगर निगम 1.63 रुपये इंडस्ट्री पर टैक्स लगा रहा है। साथ ही इतना ही वाटर टैक्स लगाया जाता है, जबकि खाली जमीन पर 0.69 रुपये का टैक्स लगाया जाता है, जो काफी है। इसे कम कराया जाए। इसके अलावा 1250 रुपये का प्रति वर्ग मीटर कुल क्षेत्रफल पर विकास शुल्क लगाया जा रहा है। मांग की कि 100 रुपये प्रति वर्ग मीटर से अधिक विकास शुल्क न लगाया जाए। दोनों मांगों पर नोडल अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर समाधान का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल ने कोरोना की रोकथाम के लिए फैक्ट्रियों में वैक्सीनेशन कैंप लगवाने की मांग की ताकि श्रमिकों को समय से टीका लगवाया जा सका। नोडल अधिकारी ने डीएम से कैंप लगवाने को कहा। प्रतिनिधिमंडल में बी हैंडीक्राफ्ट्स एसोसिएशन के सचिव सत्यपाल, सुदेश्वर सरन, टीएमयू के चेयरमैन सुरेश जैन, वाइस चेयरमैन मनीष जैन, राजीव कोठीवाल, इम्तियाज उल हक और डॉ. अनुराग अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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ईपीसीएच के पूर्व चेयरमैन सुधीर त्यागी के साथ नोडल अधिकारी से मिले प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि निर्यातकों का टर्नओवर करीब आठ सौ करोड़ रुपये का है। एक साल से जीएसटी रिफंड की धनराशि नहीं मिली है। इससे चार सौ करोड़ रुपये निर्यातकों और उद्यमियों का अपना पैसा फंस गया है। इसके अलावा अनेक निर्यातकों को 2018-19 का भी रिफंड नहीं मिला है। यदि यह रिफंड मिल जाए तो निर्यातकों और उद्यमियों को काफी राहत मिलेगी। नोडल अधिकारी ने इस मामले को दिखवाने और समाधान कराने का भरोसा दिया। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि नगर निगम 1.63 रुपये इंडस्ट्री पर टैक्स लगा रहा है। साथ ही इतना ही वाटर टैक्स लगाया जाता है, जबकि खाली जमीन पर 0.69 रुपये का टैक्स लगाया जाता है, जो काफी है। इसे कम कराया जाए। इसके अलावा 1250 रुपये का प्रति वर्ग मीटर कुल क्षेत्रफल पर विकास शुल्क लगाया जा रहा है। मांग की कि 100 रुपये प्रति वर्ग मीटर से अधिक विकास शुल्क न लगाया जाए। दोनों मांगों पर नोडल अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर समाधान का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल ने कोरोना की रोकथाम के लिए फैक्ट्रियों में वैक्सीनेशन कैंप लगवाने की मांग की ताकि श्रमिकों को समय से टीका लगवाया जा सका। नोडल अधिकारी ने डीएम से कैंप लगवाने को कहा। प्रतिनिधिमंडल में बी हैंडीक्राफ्ट्स एसोसिएशन के सचिव सत्यपाल, सुदेश्वर सरन, टीएमयू के चेयरमैन सुरेश जैन, वाइस चेयरमैन मनीष जैन, राजीव कोठीवाल, इम्तियाज उल हक और डॉ. अनुराग अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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