आप खाना नहीं जहर खा रहे हैं: खाद्य पदार्थों की जांच में हर चौथा सैंपल फेल, दूध से लेकर मिर्च-हल्दी सब मिलावटी
मुरादाबाद के कटरा नाज चौराहे पर मोबाइल वैन में 80 खाद्य पदार्थों की जांच की गई। इसमें 20 नमूने जांच के मानक पर खरे नहीं उतरे। इस हिसाब से हर चौथा सैंपल फेल पाया गया।
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मुरादाबाद में करीब सात महीने बाद दुरुस्त हो कर आई खाद्य विभाग की मोबाइल वैन से बुधवार को खाद्य पदार्थों की जांच की गई। कटरा नाज चौराहे पर मोबाइल वैन में 80 खाद्य पदार्थों की जांच की गई। इसमें 20 नमूने जांच के मानक पर खरे नहीं उतरे। इस हिसाब से हर चौथा सैंपल फेल पाया गया।
मिलावटी खाद्य पदार्थों की रोकथाम के लिए पिछले साल शासन की ओर से मुरादाबाद मंडल को मोबाइल वैन मिली थी। इसका मकसद चौक चौराहों पर अपने घर के पास लोग खाद्य पदार्थों की जांच करा सके। मुरादाबाद समेत मंडल के दूसरे जिलों में वैन भेज कर खाद्य पदार्थों की जांच कराई गई। लेकिन अक्तूबर में बिजनौर जाते से वैन दुर्घटना की शिकार हो गई। इसके बाद जांच ठप हो गई। करीब चार दिन पहले वैन दुरुस्त होकर दोबारा मुरादाबाद पहुंची। मोबाइल वैन बुधवार की सुबह 11 बजे कटरा नाज चौराहे पर पहुंची।
पवन ने अरहर की दाल, जैन मिष्ठान भंडार ने मावा, रोहित ने दूध, ओम चक्रवाल ने दूध, प्रवीण ने मावा, राजाराम राम अवतार ने घी समेत लोगों ने आटा, सरसों तेल, चाय, दूध, घी, लड्डू नमकीन, मसाला, कचरी, बर्फी, बेसन, चना, दाल आदि खाद्य पदार्थों की जांच कराई। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी सहरिश सादात, अमिता जिज्ञासु, ज्योत्सना त्रिपाठी ने 80 खाद्य पदार्थों की पांच-पांच मिनट में जांच कर लोगों को दिखाया। जांच के दौरान 20 खाद्य पदार्थों में मिलावट पाई गई।
लोगों को किया जागरूक
- सहायक आयुक्त (खाद्य) ग्रेड-2 विनोद कुमार सिंह ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश, राजीव कुमार, जगदंबा प्रसाद, ओमपाल सिंह, धर्मपाल सिंह ने लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ खाने के लिए जागरूक किया। बताया कि किस प्रकार खाद्य पदार्थों की घरेलू ढंग से जांच की जाएगी। इस मौके पर व्यवसायी दिनेश, ओम प्रकाश सक्सेना, अमित रस्तोगी दिनेश मल्होत्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
दूध, मावा, सरसों तेल, मसालों में मिली मिलावट
- अपर आयुक्त (खाद्य) ग्रेड-2 विनोद कुमार सिंह ने बताया कि जांच के दौरान दूध, मावा, सरसों तेल और मसालों में मिलावट पाई गई है। इस मामले में उपभोक्ताओं से जानकारी कर संबंधित व्यवसायियों को हिदायत दी जाएगी। व्यवसायी ब्रांडेड खाद्य पदार्थ खरीदे ताकि उपभोक्ताओं को शुद्ध सामान उपलब्ध हो सके। व्यवसायी यदि दूसरी बार गलती करेंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन नंबरों पर करें शिकायत
- उपभोक्ता खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायत आने पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के 9451540804 या सहायक आयुक्त के नंबर लिखित या मौखिक शिकायत कर सकते हैं। कार्यालय में भी उपभोक्ता लिखित शिकायत करने के लिए जा सकते हैं। शिकायतों पर तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
सामान्य ढंग से मिलावट पहचानने के टिप्स
दूध- दूध की सामान्य जांच के लिए उसे फर्श पर थोड़ा गिराएं। यदि दूध तेजी के साथ बगैर निशान छोड़े बह जाए तो मिश्रण है। यदि दूध धीरे धीरे बहे और धब्बा छोड़े तो उसे शुद्ध माना जाएगा। वैसे दूध की जांच के लिए लेक्टोमीटर का प्रयोग कर सकते हैं।
आइसक्रीम - आइसक्रीम पर नीबू की बूंदे डालने पर यदि बुलबुले छोड़ने लगे तो समझे वाशिंग पाउडर मिलने का संकेत है।
लाल मिर्च- एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर को गिलास के पानी में डालकर मिलाएं। यदि गिलास में लाल रंग बने तो समझे मिलावट है। ईंट मिली है तो वह तल पर बैठ जाएगी। शुद्ध है तो मिर्च पानी पर तैरने लगेगा।
काली मिर्च- काली मिर्च में पपीते की बीज कुछ व्यवसायी मिला देते हैं। इसकी जांच के लिए काली मिर्च को गिलास भरे पानी में डाल दें। पपीता तैरने लगेगा। मिर्च डूब जाएगी।
हल्दी पाउडर - हाईड्रोलिक एसिड की बूंदे डालने पर गुलाबी या बैगनी रंग आने पर समझे कि मिश्रण हैं।