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एथनॉल से सुधरेगी शुगर लॉबी की सेहत
ब्यूरो/अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Sat, 02 Jan 2016 07:06 PM IST
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पेट्रोल में एथनॉल मिक्सिंग की दर बढ़ाने की घोषणा से शुगर लॉबी को उम्मीद बढ़ी है। चीनी लॉबी का मानना है कि इससे कमजोर शुगर इंडस्ट्री को राहत मिलेगी। अभी तक प्रदेश में 29 चीनी मिलें और डिस्टलरी एथनॉल बना रही हैं। अगर लगातार डिमांड बढ़ेगी कई ग्रुप एथनॉल बनाने का प्लांट खोल लेंगे।
प्रदेश में 124 चीनी मिलें हैं। मौजूदा पेराई सत्र में भी 113 मिलें गन्ना खरीद कर रही हैं। इनमें 29 मिलें ही ऐसी हैं जिन्होंने अपने यहां एथनॉल उत्पादन की यूनिट लगा रखी हैं। मुरादाबाद मंडल में ही 5 चीनी मिलों में एथनॉल बन रहा है। पिछले साल इन मिलों ने 70 हजार किलोलीटर एथनॉल बनाया था। प्रदेश का आंकड़ा भी तीस करोड़ लीटर तक पहुंचा था। मगर ऑयल कंपनियों से जो डिमांड थी वह कहीं ज्यादा थी। कुल मिलाकर प्रदेश की मिलें डिमांड को पूरा नहीं कर पाई थीं। शुगर लॉबी का कहना है कि एथनॉल का मार्केट अभी तक सुरक्षित नहीं है। डिमांड आएगी या नहीं इसका भी पता नहीं होता है लिहाजा एथनॉल बनाने से अभी तक मिलें बचती रही हैं। लेकिन अब जिस तरह से प्रधानमंत्री पेट्रोल में एथनॉल मिक्सिंग का प्रतिशत बढ़ाकर दस फीसदी करने की बात कर रहे हैं उससे जरूर एथनाल का मार्केट सुधर जाएगा। अभी तक भारत में सरकार ने तेल कंपनियों को पेट्रोल में 5 फीसदी तक एथनाल मिक्सिंग की छूट दे रखी है मगर दो फीसदी ही मिक्सिंग की जा रही है।
पांच फीसदी की मिक्सिंग भी नहीं करा पाई सरकार : वीएम सिंह
राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी के अध्यक्ष वीएम सिंह का कहना है कि पहले से सरकार ने पांच फीसदी एथनाल पेट्रोल में मिलाने की छूट दे रखी थी। लेकिन आज तक इसका ही पालन नहीं हुआ। दो फीसदी एथनाल भी नहीं मिलाया जा रहा है। अब दस फीसदी की घोषणा की जा रही है। जब तक सरकार सख्ती नहीं करेगी इस प्रकार की घोषणाएं केवल कागजी ही रह जाएंगी। वैसे भी चीनी मिलों के पास एथनाल बनाने का इंफ्रास्ट्रक्चर ही कहां हैं। किसी भी सहकारी मिल में एथनाल बनाने की यूनिट नहीं है।
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110 करोड़ लीटर का टेंडर पड़ा
इस बार देश भर में एथनाल के लिए 110 करोड़ लीटर का टेंडर पड़ा है। इसमें यूपी का हिस्सा भी 56 करोड़ लीटर का है। उत्तर प्रदेश से हिमाचल, हरियाणा और राजस्थान को एथनाल की सप्लाई की जाएगी। यूपी इस्मा के दीपक गुप्तारा ने बताया कि मौजूदा समय में चीनी मिलें टेंडर के मुताबिक सप्लाई करने की स्थिति में हैं। उनका कहना है कि जब चीनी का उत्पादन कम होगा तो रेट भी अच्छे रहेंगे। वैसे भी अब देश भर में चीनी का भंडार मांग से कहीं ज्यादा है।
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प्रदेश में 124 चीनी मिलें हैं। मौजूदा पेराई सत्र में भी 113 मिलें गन्ना खरीद कर रही हैं। इनमें 29 मिलें ही ऐसी हैं जिन्होंने अपने यहां एथनॉल उत्पादन की यूनिट लगा रखी हैं। मुरादाबाद मंडल में ही 5 चीनी मिलों में एथनॉल बन रहा है। पिछले साल इन मिलों ने 70 हजार किलोलीटर एथनॉल बनाया था। प्रदेश का आंकड़ा भी तीस करोड़ लीटर तक पहुंचा था। मगर ऑयल कंपनियों से जो डिमांड थी वह कहीं ज्यादा थी। कुल मिलाकर प्रदेश की मिलें डिमांड को पूरा नहीं कर पाई थीं। शुगर लॉबी का कहना है कि एथनॉल का मार्केट अभी तक सुरक्षित नहीं है। डिमांड आएगी या नहीं इसका भी पता नहीं होता है लिहाजा एथनॉल बनाने से अभी तक मिलें बचती रही हैं। लेकिन अब जिस तरह से प्रधानमंत्री पेट्रोल में एथनॉल मिक्सिंग का प्रतिशत बढ़ाकर दस फीसदी करने की बात कर रहे हैं उससे जरूर एथनाल का मार्केट सुधर जाएगा। अभी तक भारत में सरकार ने तेल कंपनियों को पेट्रोल में 5 फीसदी तक एथनाल मिक्सिंग की छूट दे रखी है मगर दो फीसदी ही मिक्सिंग की जा रही है।
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पांच फीसदी की मिक्सिंग भी नहीं करा पाई सरकार : वीएम सिंह
राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी के अध्यक्ष वीएम सिंह का कहना है कि पहले से सरकार ने पांच फीसदी एथनाल पेट्रोल में मिलाने की छूट दे रखी थी। लेकिन आज तक इसका ही पालन नहीं हुआ। दो फीसदी एथनाल भी नहीं मिलाया जा रहा है। अब दस फीसदी की घोषणा की जा रही है। जब तक सरकार सख्ती नहीं करेगी इस प्रकार की घोषणाएं केवल कागजी ही रह जाएंगी। वैसे भी चीनी मिलों के पास एथनाल बनाने का इंफ्रास्ट्रक्चर ही कहां हैं। किसी भी सहकारी मिल में एथनाल बनाने की यूनिट नहीं है।
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110 करोड़ लीटर का टेंडर पड़ा
इस बार देश भर में एथनाल के लिए 110 करोड़ लीटर का टेंडर पड़ा है। इसमें यूपी का हिस्सा भी 56 करोड़ लीटर का है। उत्तर प्रदेश से हिमाचल, हरियाणा और राजस्थान को एथनाल की सप्लाई की जाएगी। यूपी इस्मा के दीपक गुप्तारा ने बताया कि मौजूदा समय में चीनी मिलें टेंडर के मुताबिक सप्लाई करने की स्थिति में हैं। उनका कहना है कि जब चीनी का उत्पादन कम होगा तो रेट भी अच्छे रहेंगे। वैसे भी अब देश भर में चीनी का भंडार मांग से कहीं ज्यादा है।