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Moradabad News: एक नवंबर से लें सफारी का आनंद, 15 दिन पहले खुलेगा अमानगढ़
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- कम बारिश के चलते इस बार पहले खोला जा रहा है जंगल
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। बाघ, हाथी और तेंदुआ समेत वन्यजीवों को करीब से देखने के लिए अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में इस बार पर्यटकों को 15 दिन पहले सफारी का मौका मिलेगा। अमानगढ़ में एक नवंबर से जंगल सफारी शुरू होगी। सामान्य तौर पर पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू होता है। कम बारिश और मानसून का असर कम रहने के कारण वन विभाग ने इस बार सफारी जल्दी शुरू करने का फैसला लिया है।
इस बार अमानगढ़ को मानसून के दौरान एक जुलाई से बंद किया गया था। यह सामान्य समय से 15 दिन बाद था। गर्मी के सत्र को भी इस साल 15 जून के बजाय 30 जून तक बढ़ाया गया था। इस अवधि में 3019 पर्यटक सफारी कर चुके थे, इनमें 3010 भारतीय और नौ विदेशी पर्यटक शामिल थे। इस दौरान जिप्सियों के 677 चक्कर लगे थे। करीब 9,500 हेक्टेयर में फैले अमानगढ़ में केहरीपुर गेट से झिरना गेट तक करीब 32 किलोमीटर का सफारी रूट है। एक चक्कर पूरा करने में करीब तीन से साढ़े तीन घंटे लगते हैं। इस बार करीब 10 जिप्सियां दो पालियों में चलाने की तैयारी है। जिप्सी का शुल्क 2280 रुपये, वाहन प्रवेश शुल्क 300 रुपये, गाइड शुल्क 400 रुपये और भारतीय पर्यटक का प्रवेश शुल्क 100 रुपये है। मंडलीय वन संरक्षक आदर्श कुमार का कहना है कि वन विभाग सफारी से पहले रास्तों की मरम्मत और दोनों ओर व्यू लाइन साफ करा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। बाघ, हाथी और तेंदुआ समेत वन्यजीवों को करीब से देखने के लिए अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में इस बार पर्यटकों को 15 दिन पहले सफारी का मौका मिलेगा। अमानगढ़ में एक नवंबर से जंगल सफारी शुरू होगी। सामान्य तौर पर पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू होता है। कम बारिश और मानसून का असर कम रहने के कारण वन विभाग ने इस बार सफारी जल्दी शुरू करने का फैसला लिया है।
इस बार अमानगढ़ को मानसून के दौरान एक जुलाई से बंद किया गया था। यह सामान्य समय से 15 दिन बाद था। गर्मी के सत्र को भी इस साल 15 जून के बजाय 30 जून तक बढ़ाया गया था। इस अवधि में 3019 पर्यटक सफारी कर चुके थे, इनमें 3010 भारतीय और नौ विदेशी पर्यटक शामिल थे। इस दौरान जिप्सियों के 677 चक्कर लगे थे। करीब 9,500 हेक्टेयर में फैले अमानगढ़ में केहरीपुर गेट से झिरना गेट तक करीब 32 किलोमीटर का सफारी रूट है। एक चक्कर पूरा करने में करीब तीन से साढ़े तीन घंटे लगते हैं। इस बार करीब 10 जिप्सियां दो पालियों में चलाने की तैयारी है। जिप्सी का शुल्क 2280 रुपये, वाहन प्रवेश शुल्क 300 रुपये, गाइड शुल्क 400 रुपये और भारतीय पर्यटक का प्रवेश शुल्क 100 रुपये है। मंडलीय वन संरक्षक आदर्श कुमार का कहना है कि वन विभाग सफारी से पहले रास्तों की मरम्मत और दोनों ओर व्यू लाइन साफ करा रहा है।
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