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मुरादाबाद -चंदौसी लाइन का होगा इलेक्ट्रिफिकेशन
ब्यूरो/अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Fri, 26 Feb 2016 02:28 AM IST
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मंडल कई बड़ी योजनाएं मिली हैं। जिसमें इलेक्ट्रिफिकेशन की स्वीकृति के साथ ही छह रोड ओवर ब्रिज मिले हैं। जिनसे लोगों को राहत मिलेगी। रेल बजट में इस साल सबसे बड़ी योजना बरेली चंदौसी हरदुआगंज और चंदौसी मुरादाबाद लाइन के इलेक्ट्रिफिकेशन को स्वीकृति मिली है।
इस योजना का सर्वे 2011 के बजट में स्वीकृत किया गया था। सर्वे पूरा होने केे बावजूद किसी भी बजट में इसे स्वीकृत नहीं किया जा रहा था। इस बजट में स्वीकृति मिलने के बाद इस रूट का महत्व बढ़ जाएगा। हालांकि पहले से ही बरेली अलीगढ़ ब्रांच लाइन को महत्वपूर्ण रूट के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बनाई जा रही थी। दिल्ली हावड़ा रूट पर ट्रैफिक कम करने के लिए इस लाइन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस लाइन पर ट्रैक पहले ही 90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पर ट्रेन चलाने के लिए तैयार किया जा चुका है। इस लाइन पर दोहरीकरण का सर्वे भी किया जा चुका है। ऐसे में इस लाइन को आगे चलकर बाईपास के रूप में प्रयोग किया जा सकेगा। इसके अलावा मंडल को छह आरओबी भी मिले हैं।
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जिन फाटकों पर रोड ओवर ब्रिज स्वीकृत हुए हैं। वहां लोग जाम की समस्याएं से परेशान हैं। ब्रिज बनने से यात्रियों को भी राहत मिलेगी। इसके साथ ही पिछले साल स्वीकृत हुए एलएचएस और अन्य फाटकों पर चल रहे कामों के लिए भी आगे की किस्त जारी की गई है।
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इस योजना का सर्वे 2011 के बजट में स्वीकृत किया गया था। सर्वे पूरा होने केे बावजूद किसी भी बजट में इसे स्वीकृत नहीं किया जा रहा था। इस बजट में स्वीकृति मिलने के बाद इस रूट का महत्व बढ़ जाएगा। हालांकि पहले से ही बरेली अलीगढ़ ब्रांच लाइन को महत्वपूर्ण रूट के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बनाई जा रही थी। दिल्ली हावड़ा रूट पर ट्रैफिक कम करने के लिए इस लाइन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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इस लाइन पर ट्रैक पहले ही 90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पर ट्रेन चलाने के लिए तैयार किया जा चुका है। इस लाइन पर दोहरीकरण का सर्वे भी किया जा चुका है। ऐसे में इस लाइन को आगे चलकर बाईपास के रूप में प्रयोग किया जा सकेगा। इसके अलावा मंडल को छह आरओबी भी मिले हैं।
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जिन फाटकों पर रोड ओवर ब्रिज स्वीकृत हुए हैं। वहां लोग जाम की समस्याएं से परेशान हैं। ब्रिज बनने से यात्रियों को भी राहत मिलेगी। इसके साथ ही पिछले साल स्वीकृत हुए एलएचएस और अन्य फाटकों पर चल रहे कामों के लिए भी आगे की किस्त जारी की गई है।