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शहर में बिजली कर्मियों के वेतन से 5.7 गुना ज्यादा बिजली चोरी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jan 2022 12:36 AM IST
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Electricity theft 5.7 times more than the salary of electricity workers in the city
मुरादाबाद। शहर में विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की भारी भरकम फौज बिजली चोरी रोकने में कामयाब नहीं हो रही है। जितना वेतन शहर में विद्युत वितरण से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी पाते हैं। उसकी तुलना में तकरीबन 5.7 गुना ज्यादा बिजली चोरी शहर में हो रही है। अप्रैल 2021 से नवंबर 2021 तक के आंकड़ों की बात करें तो शहर में 11.75 करोड़ यूनिट की बिजली चोरी हुई है।
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इससे निगम को कुल नुकसान 82.25 करोड़ रुपये हुआ है। शहर में तीन विद्युत वितरण खंडों में 30 बिजलीघर हैं। इन बिजलीघरों पर उपखंड अधिकारी और अवर अभियंता समेत औसतन 12-12 कर्मी तैनात हैं। तीन अधिशासी अभियंताओं और अधीक्षण अभियंता कार्यालय को मिलाकर औसतन 40000 रुपये प्रति व्यक्ति आय से आठ माह में 14.40 करोड़ रुपये होते हैं। ऐसे में शहर में लगातार बढ़ रहे लाइन लॉस को न रोक पाना निगम की काम के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। पिछले दो माह से निगम ने किसी भी क्षेत्र में बिजली चोरों पर कार्रवाई के लिए रेड नहीं की। इसका फायदा बिजली चोरों ने उठाया है। वहीं जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के चलते चेकिंग कार्य प्रभावित होने की खबरें भी आती रही हैं, लेकिन अब आचार संहिता लागू हो गई है।
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इसके दृष्टिगत निगम को शहर में बिजली चोरी रोकने के लिए हरकत में आना चाहिए। रिकॉर्ड के अनुसार शहर में सबसे अधिक लाइन लॉस विद्युत वितरण खंड तृतीय में है। इसके अंतर्गत कटघर, असालतपुरा, गलशहीद, जीआईसी, ईदगाह, शिवपुरी, पीतलबस्ती, रामपुर रोड आदि क्षेत्र आते हैं। इन क्षेत्रों में आठ माह में पांच करोड़ यूनिट का लाइन लॉस है। इसकी कीमत तकरीबन 34.3 करोड़ रुपये है। इसके अलावा प्रथम विद्युत वितरण खंड में 2.7 करोड़ यूनिट और द्वितीय विद्युत वितरण खंड में चार करोड़ यूनिट का लाइन लॉस है।
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ट्रांसफार्मर वार होनी चाहिए कार्रवाई
मुरादाबाद। शहर में तीन माह से ट्रांसफार्मर वार बिलिंग हो रही है। विभाग का मानना है कि इससे मीटर रीडर एक दिन में ट्रांसफार्मर के अनुसार लोगों को बिल बनाकर देंगे तो कम दिन में अधिक उपभोक्ताओं तक बिल पहुंच सकेगा। लोग समय से बिल जमा करेंगे तो राजस्व बढ़ेगा। ऐसे में यदि अधिक लाइनलॉस वाले ट्रांसफार्मरों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाए तो लाइन लॉस कम करने में आसानी होगी।
ज्यादा लाइन लॉस शहर के विकास में बाधा
मुरादाबाद। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्यालय के अनुसार रीवेंप योजना का लाभ उसी क्षेत्र को मिलेगा जहां लाइन लॉस कम होगा। ज्ञात हो कि रीवेंप स्कीम में ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, नए ट्रांसफार्मर, नए पोल समेत तमाम कार्य होने हैं। ऐसे में ज्यादा लाइन लॉस शहर के विकास में बाधा बन सकता है। पीवीवीएनएल के लक्ष्य के मुताबिक मुरादाबाद में लाइनलॉस 13 फीसदी से कम होना चाहिए। जबकि वर्तमान में यह लगभग 19 फीसदी है।

लाइन लॉस का विवरण ( अप्रैल से नवंबर 2021)
विद्युत वितरण खंड प्राप्त ऊर्जा विक्रय ऊर्जा लाइन लॉस
प्रथम 222.55 195.88 26.67
द्वितीय 210.79 170.91 39.88
ततीय 207.75 156.80 50.95
कुल 641.10 523.60 117.5 (मिलीयन यूनिट)
बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए अलग अलग क्षेत्रों में टीम गठित कर दी गई है। क्षेत्रों में ट्रांसफार्मरों से लाइन लॉस की गणना की जा रही है। अगले सप्ताह से बिजली चोरों पर कार्रवाई शुरू होगी। शहर में लाइन लॉस का आंकड़ा 13 फीसदी से कम किया जाएगा।
संजय गुप्ता, अधीक्षण अभियंता
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