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Moradabad News: इलेक्ट्रिक शवदाह गृह... परंपराओं के आगे टूट रहीं तकनीक की सांसें

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 26 May 2025 01:07 AM IST
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Electric crematoriums... technology is losing its breath in front of traditions
मुरादाबाद। स्मार्ट सिटी ने कटघर स्थित गुलाबबाड़ी में करीब चार करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक शवदाह गृह का निर्माण कराया है। यह शवदाह गृह धार्मिक परंपराओं के चलते कबाड़ हो रहा है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह केंद्र एक साल पहले बनकर तैयार हो गया, लेकिन आज तक इसमें एक भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। धार्मिक पारंपरिक और रीति-रिवाज के कारण लोग अपनों का अंतिम संस्कार इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में नहीं कर रहे हैं।
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इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में एक साथ तीन शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था है। इसे तैयार करने में धार्मिक भावनाओं को भी ध्यान में रखा गया है। पारंपरिक कपाल क्रिया के लिए भी इलेक्ट्रिक विधि से प्रबंध किया गया है। इसके बावजूद लोग लकड़ी से ही दाह संस्कार को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक शवदाह से कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन न के बराबर होता है, जबकि लकड़ी के दाह संस्कार में भारी मात्रा में धुआं और कार्बन वातावरण में फैलता है। एक शव के दहन में तीन से पांच क्विंटल लकड़ी की जरूरत पड़ती है, जिससे दो शवों के लिए एक पेड़ कटता है। ऐसे में इलेक्ट्रिक शवदाह गृह को पर्यावरण के अनुकूल और आर्थिक रूप से कारगर विकल्प है।
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मशीनें हो रही कंडम, बैरंग लौट रहे कर्मचारी

केंद्र पर तैनात कर्मचारी रोजाना अपनी ड्यूटी पर आते हैं और शाम को वापस लाैट जाते हैं। मशीनों के रख-रखाव और मेंटीनेंस पर भी खर्च हो रहा है, लेकिन उपयोग न होने के कारण मशीनें धीरे-धीरे खराब होती जा रही हैं।


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इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में एक साथ तीन शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है। इसमें कम पैसे लगते हैं और यह पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता है। शहरवासियों से अपील है कि वह जागरूक हों और पर्यावरण को बचाने के लिए आगे आएं। इसके लिए धर्मगुरुओं और स्थानीय नेताओं से भी संपर्क किया जाएगा कि वह लोगों को जागरूक करें। - एके मित्तल, मुख्य अभियंता, स्मार्ट सिटी
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