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ईद मिलादुन्नबी पर सजी नातिया महफिल
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Dec 2017 12:22 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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ईद मिलादुन्नबी के मौके पर मरकजी जमीयते अहले सुन्नत की जानिब से रविवार को लाल मस्जिद रोड पर नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया, जिसमें अकीदतमंदाें ने पैगंबर-ए-इस्लाम की शान में नातिया कलाम का नजराना पेश किया। जिसे सुुनकर आशिक-ए-रसूल झूम उठे।
मुशायरे का आगाज तिलावते कुरान-ए-पाक से किया गया। इसके बाद जहीन अशरफी, अब्दुल वाजिद, चांद नईमी सहित अन्य शोरा-ए-केराम और नात ख्वां हजरात ने बारगाह-ए-रसूल में नजराना-ए-अकीदत और मोहब्बत पेश किया। मुफ्ती दानिश कादरी ने नबी-ए-करीम की सीरते तय्यबा पर तफसीली खिताब फरमाया।
कहा कि मजहब-ए-इस्लाम अमन, अखलाक और मोहब्बत का पैगाम देता है। इस्लाम का मतलब ही सलामती है। आखिर में सलातो सलाम पेश किया गया। आल इंडिया जमीयते अहले सुन्नत के सेक्रेटरी मौलाना मोहम्मद अहमद अकरमी ने सभी का शुक्रिया अदा किया। प्रोग्राम की सदारत मंसूर उस्मानी और निजामत डा. आसिफ हुसैन ने की।
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इस दौरान मुफ्ती दानिश उल कादरी, हाजी अफजाल निजाम अकरमी, आसिफ अकरमी, कारी जमाल अख्तर, मास्टर मो. तौकीर, हाजी असलम फरहान, मौलाना कासिम रजा आदि मौजूद रहे।
मुशायरे का आगाज तिलावते कुरान-ए-पाक से किया गया। इसके बाद जहीन अशरफी, अब्दुल वाजिद, चांद नईमी सहित अन्य शोरा-ए-केराम और नात ख्वां हजरात ने बारगाह-ए-रसूल में नजराना-ए-अकीदत और मोहब्बत पेश किया। मुफ्ती दानिश कादरी ने नबी-ए-करीम की सीरते तय्यबा पर तफसीली खिताब फरमाया।
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कहा कि मजहब-ए-इस्लाम अमन, अखलाक और मोहब्बत का पैगाम देता है। इस्लाम का मतलब ही सलामती है। आखिर में सलातो सलाम पेश किया गया। आल इंडिया जमीयते अहले सुन्नत के सेक्रेटरी मौलाना मोहम्मद अहमद अकरमी ने सभी का शुक्रिया अदा किया। प्रोग्राम की सदारत मंसूर उस्मानी और निजामत डा. आसिफ हुसैन ने की।
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इस दौरान मुफ्ती दानिश उल कादरी, हाजी अफजाल निजाम अकरमी, आसिफ अकरमी, कारी जमाल अख्तर, मास्टर मो. तौकीर, हाजी असलम फरहान, मौलाना कासिम रजा आदि मौजूद रहे।