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दुर्गा महोत्सव संपन्न
सार
पिछले पांच दिनों से शहर में हर्षोल्लास के साथ मनाए जा रहे दुर्गा महोत्सव में मंगलवार को सिंदूर खेलने के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।इसके बाद चट्टा पुल रामगंगा नदी पर विसर्जन किया।
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विस्तार
मुरादाबाद। पिछले पांच दिनों से शहर में हर्षोल्लास के साथ मनाए जा रहे दुर्गा महोत्सव में मंगलवार को सिंदूर खेलने के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। महिलाएं लाल और सफेद पारंपरिक साड़ी पहनकर पहुंची। पंडालों से रामगंगा नदी तक उत्साहपूर्वक विसर्जन यात्राएं निकाली गईं। ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूमते हुए माता के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो गया।
दीनदयाल नगर के सद्भावना पार्क में विजयदशमी की पूजा की। विधि-विधान से मातारानी की आराधना करने के बाद महिलाओं ने माता को सिंदूर लगाया। इसके बाद सभी ने सिंदूर खेला। इसके बाद विसर्जन यात्रा निकाली गई। रामगंगा नदी पर पहुंचकर मातारानी का पूजन किया और नदी में प्रतिमा का विसर्जन किया। इस दौरान प्रेमवीर सिंह, सूचीमय बर्मन, शिखा बर्मन, शिखा मजूमदार, आकांक्षा आदि मौजूद रहीं।
कांशीराम नगर स्थित कालीबाड़ी मंदिर में दुर्गा महोत्सव के अंतिम दिन जयकारों के बीच दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन किया गया। दुर्गा माई के जयकारों की गूंज रही। सिंदूर खेला उत्सव में महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर चढ़ाया और सिंदूर से होली खेलकर उत्सव मनाया। विसर्जन यात्रा कालीबाड़ी से कांशीराम नगर दिल्ली रोड, महाराणा प्रताप चौराहा, कपूर कंपनी, ताड़ीखाना चौक, गुलजारीमल धर्मशाला, टाउन हॉल, बुध बाजार, रेलवे स्टेशन, पीलीकोठी होते हुए रामगंगा विहार स्थित रामगंगा तट पर पहुंची। प्रतिमाओं का पूजन करने के बाद विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने ढाक की थाप पर जमकर नृत्य किया। इस दौरान पुरोहित गौरीशंकर भट्टाचार्य, असीम कुमार मित्रा, एसके राय, हिमांशु मुखर्जी, जयंत साहा, राजा घटक,मानसी विश्वास, चंचल विश्वास, प्रिया मित्र, पारुल घटक, संगीता राय, सुष्मिता राय, गायत्री मुखर्जी आदि मौजूद रहीं।
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सार्वजनिन बंगाली एसोसिएशन में मनोरंजन सदन में सिंदूर खेला के बाद विसर्जन यात्रा निकाली गई। यात्रा कपूर कंपनी होते हुए जीएमडी रोड, स्टेशन रोड बुध बाजार से वापस कपूर कंपनी पर समाप्त हुई। यहां से बस द्वारा रामगंगा विहार स्थित रामगंगा नदी पर श्रद्धालु पहुंचे और बैलगाड़ी में प्रतिमा को रखकर नदी में लेकर गए और विसर्जन किया। इसके बाद वापस मनोरंजन सदन में पदाधिकारी एकत्रित हुए और शाम को शांति जल का आम के पत्तों के द्वारा श्रद्धालुओं पर छिड़काव किया गया। इसके बाद सभी ने एक-दूसरे के गले मिलकर पूरे वर्ष भूलवश हुई गलतियों की माफी मांगी। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान कोषाध्यक्ष असित बनर्जी, गौतम सरकार, सुदीप बनर्जी, सौरभ चक्रवर्ती, लोकेश घोष, अभिजीत रॉय, देवाशीष भट्टाचार्य, अतुल जौहरी आदि मौजूद रहे।
सर्वोदय विकास समिति की ओर से लाइनपार में पंडित सर्वाशीष भट्टाचार्य ने विधि विधान से पूजन कराया। महिलाओं ने सिंदूर खेला। इसके बाद चट्टा पुल रामगंगा नदी पर विसर्जन किया। इस दौरान एके विश्वास, प्रदीप कुमार विश्वास, सहदेव मंडल, प्रकाश विश्वास, राम करमाकर, तुषार विश्वास, प्रणव कुमार विश्वास आदि मौजूद रहे।
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दीनदयाल नगर के सद्भावना पार्क में विजयदशमी की पूजा की। विधि-विधान से मातारानी की आराधना करने के बाद महिलाओं ने माता को सिंदूर लगाया। इसके बाद सभी ने सिंदूर खेला। इसके बाद विसर्जन यात्रा निकाली गई। रामगंगा नदी पर पहुंचकर मातारानी का पूजन किया और नदी में प्रतिमा का विसर्जन किया। इस दौरान प्रेमवीर सिंह, सूचीमय बर्मन, शिखा बर्मन, शिखा मजूमदार, आकांक्षा आदि मौजूद रहीं।
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कांशीराम नगर स्थित कालीबाड़ी मंदिर में दुर्गा महोत्सव के अंतिम दिन जयकारों के बीच दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन किया गया। दुर्गा माई के जयकारों की गूंज रही। सिंदूर खेला उत्सव में महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर चढ़ाया और सिंदूर से होली खेलकर उत्सव मनाया। विसर्जन यात्रा कालीबाड़ी से कांशीराम नगर दिल्ली रोड, महाराणा प्रताप चौराहा, कपूर कंपनी, ताड़ीखाना चौक, गुलजारीमल धर्मशाला, टाउन हॉल, बुध बाजार, रेलवे स्टेशन, पीलीकोठी होते हुए रामगंगा विहार स्थित रामगंगा तट पर पहुंची। प्रतिमाओं का पूजन करने के बाद विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने ढाक की थाप पर जमकर नृत्य किया। इस दौरान पुरोहित गौरीशंकर भट्टाचार्य, असीम कुमार मित्रा, एसके राय, हिमांशु मुखर्जी, जयंत साहा, राजा घटक,मानसी विश्वास, चंचल विश्वास, प्रिया मित्र, पारुल घटक, संगीता राय, सुष्मिता राय, गायत्री मुखर्जी आदि मौजूद रहीं।
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सार्वजनिन बंगाली एसोसिएशन में मनोरंजन सदन में सिंदूर खेला के बाद विसर्जन यात्रा निकाली गई। यात्रा कपूर कंपनी होते हुए जीएमडी रोड, स्टेशन रोड बुध बाजार से वापस कपूर कंपनी पर समाप्त हुई। यहां से बस द्वारा रामगंगा विहार स्थित रामगंगा नदी पर श्रद्धालु पहुंचे और बैलगाड़ी में प्रतिमा को रखकर नदी में लेकर गए और विसर्जन किया। इसके बाद वापस मनोरंजन सदन में पदाधिकारी एकत्रित हुए और शाम को शांति जल का आम के पत्तों के द्वारा श्रद्धालुओं पर छिड़काव किया गया। इसके बाद सभी ने एक-दूसरे के गले मिलकर पूरे वर्ष भूलवश हुई गलतियों की माफी मांगी। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान कोषाध्यक्ष असित बनर्जी, गौतम सरकार, सुदीप बनर्जी, सौरभ चक्रवर्ती, लोकेश घोष, अभिजीत रॉय, देवाशीष भट्टाचार्य, अतुल जौहरी आदि मौजूद रहे।
सर्वोदय विकास समिति की ओर से लाइनपार में पंडित सर्वाशीष भट्टाचार्य ने विधि विधान से पूजन कराया। महिलाओं ने सिंदूर खेला। इसके बाद चट्टा पुल रामगंगा नदी पर विसर्जन किया। इस दौरान एके विश्वास, प्रदीप कुमार विश्वास, सहदेव मंडल, प्रकाश विश्वास, राम करमाकर, तुषार विश्वास, प्रणव कुमार विश्वास आदि मौजूद रहे।