फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   dr brajesh husband of newly elected district panchayat president of moradabad dr shefali singh is absent from district hospital for last 85 days

यूपी: कोरोना काल में डॉक्टरों की छुट्टियों पर रोक पर जिपं अध्यक्ष के पति को छुट्टियों की छूट, 85 दिन से बिना सूचना हैं गायब

Tue, 20 Jul 2021 05:41 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 20 Jul 2021 05:41 AM IST
सार

नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह के पति डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह जिला अस्पताल में एनस्थेटिस्ट के पद पर तैनात हैं। वह ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर) का भी काम संभालते रहे हैं। फिलहाल 16 अप्रैल से वह ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं। 

विज्ञापन
dr brajesh husband of newly elected district panchayat president of moradabad dr shefali singh is absent from district hospital for last 85 days
डॉ. ब्रजेश - फोटो : amar ujala

विस्तार

कोरोना संक्रमण काल में एक तरफ डॉक्टरों की छुट्टियों पर रोक है, वहीं दूसरी तरफ मुरादाबाद की नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह के पति डॉ. ब्रजेश जिला अस्पताल से 85 दिन से गैरहाजिर हैं। उनकी  गैरहाजिरी का दौर 16 अप्रैल से शुरू हुआ था। यह वो अवधि है, जबकि कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप चरम पर था और छुट्टियों पर रोक के बीच डॉक्टरों को ड्यूटी की निर्धारित अवधि से ज्यादा वक्त तक काम करना पड़ रहा था लेकिन यह नियम डॉ. ब्रजेश पर लागू नहीं था। उनका दावा है कि वह लीव विदआउट पे (एलडब्ल्यूपी) पर हैं, जबकि विभागीय अफसर बताते हैं कि लीव विद आउट पे के लिए कारण बताते हुए स्थानीय स्तर पर आवेदन करना होता है। इसकी मंजूरी शासन स्तर से होती है लेकिन डॉ. ब्रजेश के स्तर से एलडब्ल्यूपी के लिए स्थानीय स्तर पर आवेदन नहीं किया गया है।

विज्ञापन


नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह के पति डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह जिला अस्पताल में एनस्थेटिस्ट के पद पर तैनात हैं। वह ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर) का भी काम संभालते रहे हैं। फिलहाल 16 अप्रैल से वह ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं। हाजिरी रजिस्टर पर उनके नाम के आगे अनुपस्थित अंकित किया जा रहा है। 85 दिनों से गैरहाजिर डॉ. ब्रजेश सिंह ने 19 जुलाई तक ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। ये हाल तब है, जब अप्रैल से मई के बीच कोरोना की दूसरी लहर के घातक स्वरूप ले लेने के कारण शासन ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टी पर रोक लगा दी थी। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को सिर्फ इमरजेंसी में अवकाश देने की अनुमति थी। बावजूद इसके डॉ. ब्रजेश सिंह ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए।
विज्ञापन


स्वास्थ्य महकमे और भाजपा से जुड़े लोग दबी जुबान में स्वीकारते हैं कि ड्यूटी से गैरहाजिर रहते हुए डॉ. ब्रजेश की मध्य अप्रैल से शुरू हुई पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में व्यस्तता थी। पत्नी को जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित कराने से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने तक की प्रक्रिया में उनकी बड़ी हिस्सेदारी रही। टिकट तय होने से लेकर डॉ. शैफाली के जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभालने तक की अवधि में वह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात में आगे रहे। यह बात अलग है कि वह खुद के गले में दिक्कत को गैर हाजिरी की वजह बताकर लीव विदआउट पे पर होने की बात कह रहे हैं लेकिन वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि लीव विदआउट पे इकतरफा फैसला नहीं है। इसके लिए तैनाती स्थल पर कारण बताते हुए आवेदन किया जाता है, जिस पर अंतिम निर्णय शासन स्तर पर होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


- मैंने सात जून को प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक का कार्यभार संभाला था। डॉ. ब्रजेश इससे पहले से गैरहाजिर चल रहे हैं। उनकी ओर से छुट्टी के संबंध में मुझे कोई लिखित सूचना नहीं दी गई है। डॉ. कल्पना सिंह (पूर्व प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक) को कोई लिखित सूचना दी हो तो मुझे नहीं पता। फिलहाल जून माह में उनकी सैलरी नहीं जारी हुई है। उनके आने पर उनकी अनुपस्थिति के बारे में जवाब मांगा जाएगा। कारण स्पष्ट करने के बाद नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। - डॉ. शिव सिंह, कार्यवाहक प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक

- मैं लीव विथ आउट पे पर हूं। मैंने तीन महीने से सैलरी नहीं ली है। इस संबंध में मैंने अधिकारियों को अवगत करा दिया है। मुझे कोई सैलरी नहीं दी जाए। लीव विदआउट पे मेरा अधिकार है। मैंने मेडिकल, ईएल या सीएल नहीं ली है। मैंने अप्रैल में 15 दिन काम किया था, लेकिन उसकी सैलरी भी मुझे अभी नहीं मिली है। मेरे गले में दिक्कत हो गई है। एक ऑपरेशन करा चुका हूं, दूसरा ऑपरेशन कराने के बाद ड्यूटी ज्वाइन करूंगा। - डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह, जिला अस्पताल

अप्रैल-मई में लगी थीं नौ इमरजेंसी ड्यूटी लेकिन एक भी नहीं की 
डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह की 16 अप्रैल से 31 मई तक सीएमएस ने ईएमओ के तौर नौ इमरजेंसी ड्यूटी लगाई गई थीं। लेकिन उन्होंने एक भी इमरजेंसी ड्यूटी नहीं की। लगातार अनुपस्थित रहने पर जून से उनका नाम ड्यूटी चार्ट से हटा दिया गया है।


- लीव विदआउट पे के लिए पहले स्थानीय स्तर पर आवेदन करना पड़ता है। जिसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाता है। स्थानीय स्तर पर इसकी स्वीकृति नहीं दी जाती है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद ही लीव विदआउट पे मिल सकती है। इसके लिए कारण बताना जरूरी होता है। आमतौर पर पीजी, एमएस की पढ़ाई के लिए चिकित्सक ये अवकाश लेते हैं। डॉ. ब्रजेश ने लीव विदआउट पे के लिए आवेदन नहीं किया है। - डॉ. एमसी गर्ग, सीएमओ

पंचायत चुनाव का कार्यक्रम
- 13 और 15 अप्रैल को नामांकन
- 18 अप्रैल को नाम वापसी
- 26 अप्रैल को मतदान
- 02 मई को मतगणना

जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम
- 26 जून को नामांकन
- 29 जून को नाम वापसी
- 03 जुलाई को मतदान और मतगणना

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed