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Moradabad News: मुरादाबाद -बरेली सिक्स लेन का डीपीआर केंद्र को भेजा... मंजूरी का इंतजार
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नेशनल हाईवे पर कट नहीं रहेंगे, दलपतपुर की तरह फ्लाईओवर बनेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। नेशनल हाईवे मुरादाबाद -बरेली के 122 किलोमीटर लंबे फोरलेन को सिक्स लेन में बदलने की तैयारी चल रही है। इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। डीपीआर की स्वीकृति के बाद एनएचएआई के अधिकारी निर्माण की प्रक्रिया शुरू करेंगे। निर्माण के बाद मुरादाबाद-बरेली हाईवे पर सफर और आसान हो जाएगा।
केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों के निर्देश पर एनएचएआई की टीम ने मुरादाबाद से बरेली तक 121 किमी लंबे हाईवे का पहले सर्वे किया। इसके बाद अधिकारियों की एक अन्य टीम ने इस फोरलेन हाईवे को सिक्सलेन करने का प्रस्ताव तैयार किया। प्राधिकरण बोर्ड तक मामला पहुंचने पर एनएचएआई के अधिकारियों ने एक एजेंसी को डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी सौंप दी। एजेंसी की टीम ने चार माह में डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दिया है। इस बारे में एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रवीण जिंदल का कहना है कि केंद्र से डीपीआर मंजूर होने के बाद पता चलेगा कि छह लेन पर कितना खर्च आएगा। एजेंसी ने 122 किमी में अवैध कट को समाप्त करने की रिपोर्ट तैयार की है। इसमें जगह-जगह अंडरपास और फ्लाईओवर बनाए जाएंगे ताकि वाहनों की गति में कोई रुकावट पैदा न हो सके। पता चला है कि रामपुर जिले के कुछ स्थानों पर सड़क की दिशा बदलेगी। फोरलेन का निर्माण करने से पहले एनएचएआई ने सिक्सलेन के लिए जमीन अधिग्रहीत कर ली थी। इस कारण अब विभाग को जमीन अधिग्रहीत करने की ज्यादा समस्या आड़े नहीं आएगी।
अत्याधुनिक होगा सिक्सलेन, खत्म होगी ब्लैक स्पॉट की समस्या
देश के अन्य शहरों की तरह मुरादाबाद-बरेली हाईवे को अत्याधुनिक बनाया जाएगा। इस मार्ग पर कैमरे, फ्लाईओवर के अलावा अन्य प्रकार की यात्री सुविधाएं रहेंगी। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि सिक्सलेन बनने से ब्लैक स्पॉट की समस्याएं भी समाप्त हो जाएंगी। सड़क की इंजीनियरिंग काफी दुरुस्त की जाएगी। डीपीआर में इन तथ्यों को शामिल किया गया है।
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2017 में बनाया गया था फोरलेन
मुरादाबाद-बरेली हाईवे (एनएच-24) 2017 में बनकर तैयार हो गया था। इससे पहले यह हाईवे टू-लेन था। यह हाईवे दिल्ली से लखनऊ को जोड़ता है। इस रोड को बनाने के लिए एनएचएआई 2010 से काम कर रहा था। समय बदलने के साथ-साथ वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। नेशनल हाईवे मुरादाबाद -बरेली के 122 किलोमीटर लंबे फोरलेन को सिक्स लेन में बदलने की तैयारी चल रही है। इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। डीपीआर की स्वीकृति के बाद एनएचएआई के अधिकारी निर्माण की प्रक्रिया शुरू करेंगे। निर्माण के बाद मुरादाबाद-बरेली हाईवे पर सफर और आसान हो जाएगा।
केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों के निर्देश पर एनएचएआई की टीम ने मुरादाबाद से बरेली तक 121 किमी लंबे हाईवे का पहले सर्वे किया। इसके बाद अधिकारियों की एक अन्य टीम ने इस फोरलेन हाईवे को सिक्सलेन करने का प्रस्ताव तैयार किया। प्राधिकरण बोर्ड तक मामला पहुंचने पर एनएचएआई के अधिकारियों ने एक एजेंसी को डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी सौंप दी। एजेंसी की टीम ने चार माह में डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दिया है। इस बारे में एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रवीण जिंदल का कहना है कि केंद्र से डीपीआर मंजूर होने के बाद पता चलेगा कि छह लेन पर कितना खर्च आएगा। एजेंसी ने 122 किमी में अवैध कट को समाप्त करने की रिपोर्ट तैयार की है। इसमें जगह-जगह अंडरपास और फ्लाईओवर बनाए जाएंगे ताकि वाहनों की गति में कोई रुकावट पैदा न हो सके। पता चला है कि रामपुर जिले के कुछ स्थानों पर सड़क की दिशा बदलेगी। फोरलेन का निर्माण करने से पहले एनएचएआई ने सिक्सलेन के लिए जमीन अधिग्रहीत कर ली थी। इस कारण अब विभाग को जमीन अधिग्रहीत करने की ज्यादा समस्या आड़े नहीं आएगी।
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अत्याधुनिक होगा सिक्सलेन, खत्म होगी ब्लैक स्पॉट की समस्या
देश के अन्य शहरों की तरह मुरादाबाद-बरेली हाईवे को अत्याधुनिक बनाया जाएगा। इस मार्ग पर कैमरे, फ्लाईओवर के अलावा अन्य प्रकार की यात्री सुविधाएं रहेंगी। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि सिक्सलेन बनने से ब्लैक स्पॉट की समस्याएं भी समाप्त हो जाएंगी। सड़क की इंजीनियरिंग काफी दुरुस्त की जाएगी। डीपीआर में इन तथ्यों को शामिल किया गया है।
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2017 में बनाया गया था फोरलेन
मुरादाबाद-बरेली हाईवे (एनएच-24) 2017 में बनकर तैयार हो गया था। इससे पहले यह हाईवे टू-लेन था। यह हाईवे दिल्ली से लखनऊ को जोड़ता है। इस रोड को बनाने के लिए एनएचएआई 2010 से काम कर रहा था। समय बदलने के साथ-साथ वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।