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Moradabad News: अरिल नदी को पुनर्जीवित करने के लिए डीएम ने चलाया फावड़ा
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कुंदरकी/ मुरादाबाद।
संभल जिले के गुमसानी गांव से निकल कर बदायूं जिले के दातागंज में गांव नवादा मधुकर तक बहने वाली अरिल नदी को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने फिर पहल की है। अभी अरिल नदी सूखी है। विलुप्त हो चुकी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए मनरेगा मजदूरों की मदद से खोदाई का काम बृहस्पतिवार से डीएम के निर्देश पर शुरू कर दिया गया। लोकसभा चुनाव के कारण नदी की खोदाई का काम बीच में ठप पड़ गया था।
डीएम मानवेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को कुंदरकी ब्लॉक क्षेत्र के गांव हुसैनपुर पच्तौर में पहुंच कर सूखी अरिल नदी का जायजा लिया। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ पहले विधि विधान से भूमि पूजन किया। इसके बाद डीएम ने फावड़ा चलाकर अरिल नदी की खोदाई में श्रमदान किया। इसके बाद मनरेगा मजदूरों ने खोदाई का काम शुरू कर दिया। डीएम ने कहा कि विलुप्त अरिल नदी के जीवित होने से हजारों किसानों को भविष्य में लाभ मिलेगा। इसके पानी से किसान खेतों में फसलोें की सिंचाई कर सकेंगे। सूखे की समस्या दूर होगी और भूगर्भ जलस्तर भी ऊंचा होगा। डीएम ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए आम जनता से श्रमदान करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक सतीश चंद्र मिश्र, नायब तहसीलदार लोकेश कुमार यादव, बीडीओ चैतन्य कुमार पाठक, डॉ. हरिओम शर्मा, नमामि गंगे की मिथलेश सक्सेना, एडीओ पंचायत कुलदीप सिंह, एपीओ मनरेगा शील प्रकाश यादव, जेई पवन बाबू, जेई एएमआई अजय गौतम, ग्राम प्रधान नीरज मौजूद रहे।
तहसील के 27 गांवों से गुजरती है अरिल नदी
कुंदरकी। तहसील के कुंदरकी और बिलारी ब्लॉक क्षेत्र के 27 ग्रामों से होकर अरिल नदी गुजरती है। नदी में पानी आने से गांव नरौदा, हुसैनपुर पच्तौर, खाबरी गंदू, जिगनिया, रसूलपुर गौसर, मुडिया जैन, लोहारपुर, भिड़बारी, नगलिया शाहपुर, अभनपुर नरौली, कुआंखंड़ा, ज्वालापुरी, सतारन, बहोरनपुर नरौली, मोहम्मद हयातपुर, कूबरी मानक, पहाड़पुर, कनौबी, भूड़मरेशी, आरीखेड़ा, समसपुर, पालनपुर, विजयपुर, अमरपुरकाशी, देवरी, दिनौरा और खानपुर के किसानों को फायदा होगा। इसके पहले डीएम रहे शैलेंद्र कुमार सिंह ने भी पिछले साल 22 जून को नदी को पुनर्जीवित करने की पहल की थी।
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संभल जिले के गुमसानी गांव से निकल कर बदायूं जिले के दातागंज में गांव नवादा मधुकर तक बहने वाली अरिल नदी को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने फिर पहल की है। अभी अरिल नदी सूखी है। विलुप्त हो चुकी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए मनरेगा मजदूरों की मदद से खोदाई का काम बृहस्पतिवार से डीएम के निर्देश पर शुरू कर दिया गया। लोकसभा चुनाव के कारण नदी की खोदाई का काम बीच में ठप पड़ गया था।
डीएम मानवेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को कुंदरकी ब्लॉक क्षेत्र के गांव हुसैनपुर पच्तौर में पहुंच कर सूखी अरिल नदी का जायजा लिया। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ पहले विधि विधान से भूमि पूजन किया। इसके बाद डीएम ने फावड़ा चलाकर अरिल नदी की खोदाई में श्रमदान किया। इसके बाद मनरेगा मजदूरों ने खोदाई का काम शुरू कर दिया। डीएम ने कहा कि विलुप्त अरिल नदी के जीवित होने से हजारों किसानों को भविष्य में लाभ मिलेगा। इसके पानी से किसान खेतों में फसलोें की सिंचाई कर सकेंगे। सूखे की समस्या दूर होगी और भूगर्भ जलस्तर भी ऊंचा होगा। डीएम ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए आम जनता से श्रमदान करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक सतीश चंद्र मिश्र, नायब तहसीलदार लोकेश कुमार यादव, बीडीओ चैतन्य कुमार पाठक, डॉ. हरिओम शर्मा, नमामि गंगे की मिथलेश सक्सेना, एडीओ पंचायत कुलदीप सिंह, एपीओ मनरेगा शील प्रकाश यादव, जेई पवन बाबू, जेई एएमआई अजय गौतम, ग्राम प्रधान नीरज मौजूद रहे।
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तहसील के 27 गांवों से गुजरती है अरिल नदी
कुंदरकी। तहसील के कुंदरकी और बिलारी ब्लॉक क्षेत्र के 27 ग्रामों से होकर अरिल नदी गुजरती है। नदी में पानी आने से गांव नरौदा, हुसैनपुर पच्तौर, खाबरी गंदू, जिगनिया, रसूलपुर गौसर, मुडिया जैन, लोहारपुर, भिड़बारी, नगलिया शाहपुर, अभनपुर नरौली, कुआंखंड़ा, ज्वालापुरी, सतारन, बहोरनपुर नरौली, मोहम्मद हयातपुर, कूबरी मानक, पहाड़पुर, कनौबी, भूड़मरेशी, आरीखेड़ा, समसपुर, पालनपुर, विजयपुर, अमरपुरकाशी, देवरी, दिनौरा और खानपुर के किसानों को फायदा होगा। इसके पहले डीएम रहे शैलेंद्र कुमार सिंह ने भी पिछले साल 22 जून को नदी को पुनर्जीवित करने की पहल की थी।
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