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कटघर पुलिस ने लिखी थी तिरंगे के अपमान की स्क्रिप्ट
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sun, 29 Jan 2017 02:16 AM IST
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राष्ट्रध्वज का अपमान किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
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कटघर में रामगंगा किनारे स्थित ऋषिकुल संस्कृत महाविद्यालय में गणतंत्र पर तिरंगे का अपमान हुआ नहीं था बल्कि साजिशन कराया गया था। इस मामले में सामने आया एक वीडियो चीख - चीखकर गवाही दे रहा है कि तिरंगे की तौहीन की पटकथा कटघर पुलिस ने भू माफिया के इशारे पर लिखी थी।
ताकि कालेज के संस्थापक के परिजनों को जेल भेजकर कालेज की अरबों रुपये की जमीन पर भू माफिया को कब्जा कराया जा सके। जमीन के इस खेल में सपा और भाजपा के दो बड़े नेताओं के साथ ही कुछ पुलिस - प्रशासनिक अफसर भी शामिल हैं। बहरहाल अब इस मामले में एसएसपी मनोज तिवारी ने जांच बैठा दी है।
ऋषिकुल ब्रह्मचर्य आश्रम ट्रस्ट की जमीन पर देश की आजादी के पहले से बुजुर्ग महिला श्रद्धा शर्मा का परिवार रहता आ रहा है। श्रद्धा शर्मा के पिता इस ट्रस्ट के कर्ताधर्ता थे और उन्होंने ही महाविद्यालय की स्थापना की थी। श्रद्धा के इकलौते भाई आलोक शर्मा इस कालेज के मैनेजर थे और बहन मदालसा शर्मा इसी कालेज में पढ़ाती हैं।
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अर्से से इस कालेज की अरबों रुपये की जमीन पर भू माफिया की नजर है। तीन साल मैनेजर आलोक शर्मा की मौत को भी इसी से जोड़कर देखा जाता है। संदिग्ध हालात में कालेज कैंपस में ही एक पेड़ पर आलोक का शव लटका मिला था और तब भू माफियाआें के इशारे पर ही आलोक की दोनों बहनों मदालसा और श्रद्धा को पुलिस ने जेल भेज दिया था।
आलोक की मौत के बाद भू माफिया इस कालेज की जमीन की रजिस्ट्री कथित तौर पर उनके बेटे और पत्नी से करा चुके हैं। जमीन की रजिस्ट्री करने के बाद से ही आलोक का बेटा और पत्नी गायब हैं। इस बीच उनकी गैरमौजूदगी में भू माफिया ने कई बार कालेज की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की है।
जमीन अरबों की है लिहाजा भू माफिया ने पुलिस - प्रशासन के कुछ अहम ओहदेदारों को भी शुरू से अपने खेल में शामिल कर रखा है। यही वजह है कि शहर के इकलौते संस्कृत महाविद्यालय को बंद करने की संस्तुति शासन को हो चुकी है। गुरुवार गणतंत्र दिवस पर भू माफिया ने एक नई साजिश रची।
श्रद्धा शर्मा की बेटी चारू शर्मा और सिद्धार्थ शर्मा पर तिरंगे की तौहीन का आरोप लगाते हुए कटघर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। लेकिन चारू शर्मा की ओर से दिए गए वीडियो ने पुलिस स्क्रिप्ट की कलई खोल दी है। चारू ने बताया कि सपा और भाजपा के दो असरदार नेता भी भू माफिया के साथ शामिल हैं और उन्होंने ही यह साजिश पुलिस के साथ मिलकर रची है।
पहले भी उनकी मां और मौसी को जेल भिजवाया जा चुका है। बकौल चारू गुरुवार को भू माफिया पुलिस के साथ आश्रम कैंपस पहुंचे और आश्रम की जमीन पर व उनके आवास पर झंडा फहराने लगे। उन्हाेंने कब्जे की कोशिश की।
चारू का कहना है कि वह भू माफिया और उसके साथ आई पुलिस टीम का वीडियो बनाने लगीं, इसी बीच किसी ने पीछे से उनके पैरों में तिरंगा फेंक दिया और शोर मचा दिया कि वह तिरंगे का अपमान कर रही हैं। वीडियो चारू के दावे को सही साबित कर रहा है।
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ताकि कालेज के संस्थापक के परिजनों को जेल भेजकर कालेज की अरबों रुपये की जमीन पर भू माफिया को कब्जा कराया जा सके। जमीन के इस खेल में सपा और भाजपा के दो बड़े नेताओं के साथ ही कुछ पुलिस - प्रशासनिक अफसर भी शामिल हैं। बहरहाल अब इस मामले में एसएसपी मनोज तिवारी ने जांच बैठा दी है।
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ऋषिकुल ब्रह्मचर्य आश्रम ट्रस्ट की जमीन पर देश की आजादी के पहले से बुजुर्ग महिला श्रद्धा शर्मा का परिवार रहता आ रहा है। श्रद्धा शर्मा के पिता इस ट्रस्ट के कर्ताधर्ता थे और उन्होंने ही महाविद्यालय की स्थापना की थी। श्रद्धा के इकलौते भाई आलोक शर्मा इस कालेज के मैनेजर थे और बहन मदालसा शर्मा इसी कालेज में पढ़ाती हैं।
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अर्से से इस कालेज की अरबों रुपये की जमीन पर भू माफिया की नजर है। तीन साल मैनेजर आलोक शर्मा की मौत को भी इसी से जोड़कर देखा जाता है। संदिग्ध हालात में कालेज कैंपस में ही एक पेड़ पर आलोक का शव लटका मिला था और तब भू माफियाआें के इशारे पर ही आलोक की दोनों बहनों मदालसा और श्रद्धा को पुलिस ने जेल भेज दिया था।
आलोक की मौत के बाद भू माफिया इस कालेज की जमीन की रजिस्ट्री कथित तौर पर उनके बेटे और पत्नी से करा चुके हैं। जमीन की रजिस्ट्री करने के बाद से ही आलोक का बेटा और पत्नी गायब हैं। इस बीच उनकी गैरमौजूदगी में भू माफिया ने कई बार कालेज की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की है।
जमीन अरबों की है लिहाजा भू माफिया ने पुलिस - प्रशासन के कुछ अहम ओहदेदारों को भी शुरू से अपने खेल में शामिल कर रखा है। यही वजह है कि शहर के इकलौते संस्कृत महाविद्यालय को बंद करने की संस्तुति शासन को हो चुकी है। गुरुवार गणतंत्र दिवस पर भू माफिया ने एक नई साजिश रची।
श्रद्धा शर्मा की बेटी चारू शर्मा और सिद्धार्थ शर्मा पर तिरंगे की तौहीन का आरोप लगाते हुए कटघर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। लेकिन चारू शर्मा की ओर से दिए गए वीडियो ने पुलिस स्क्रिप्ट की कलई खोल दी है। चारू ने बताया कि सपा और भाजपा के दो असरदार नेता भी भू माफिया के साथ शामिल हैं और उन्होंने ही यह साजिश पुलिस के साथ मिलकर रची है।
पहले भी उनकी मां और मौसी को जेल भिजवाया जा चुका है। बकौल चारू गुरुवार को भू माफिया पुलिस के साथ आश्रम कैंपस पहुंचे और आश्रम की जमीन पर व उनके आवास पर झंडा फहराने लगे। उन्हाेंने कब्जे की कोशिश की।
चारू का कहना है कि वह भू माफिया और उसके साथ आई पुलिस टीम का वीडियो बनाने लगीं, इसी बीच किसी ने पीछे से उनके पैरों में तिरंगा फेंक दिया और शोर मचा दिया कि वह तिरंगे का अपमान कर रही हैं। वीडियो चारू के दावे को सही साबित कर रहा है।