फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Didn't clean shoes of political bosses: Azam

सियासी आकाओं के जूते नहीं किए साफ: आजम

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2022 11:27 PM IST
विज्ञापन
Didn't clean shoes of political bosses: Azam
सियासी आकाओं के जूते नहीं किए साफ: आजम
विज्ञापन

सपा नेता ने साधा सियासी आकाओं पर निशाना, हमें नहीं चाहिए सोने-चांदी के कंगन
रामपुर। सीतापुर जेल से रिहा होकर घर पहुंचे सपा विधायक आजम खां ने मीडिया से बात करते हुए सुप्रीम कोर्ट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद। आजम खां ने इस दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विवि की राजनीति से लेकर अब तक के राजनीतिक सफर, उद्देश्यों पर भी बात करते हुए कहा कि हमने 40 साल में सियासी आकाओं के जूते इसलिए साफ नहीं किए क्योंकि हमें सोने-चांदी के कंगन नहीं चाहिए।
आजम खां ने कहा कि एक बार वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी के दौरान उन्होंने जज साहब से कहा था कि आपके पास आसमान वाले की ताकत डेलीगेटेड है। इसका इस्तेमाल कैसे करना है, ये आपको तय करना है। आजम ने कहा कि कुछ मामलों में हाईकोर्ट और शत-प्रतिशत मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने जिस प्रकार विधाता द्वारा डेलीगेट की कई ताकतों का प्रयोग ईमानदारी से किया है, उससे हमारा दिल भी ये कहने को मजबूर हो गया कि सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद। जब कोई मिशन बड़ा होगा तो उसके नुकसान, तकलीफ, फायदे और मुखालिफ भी बड़े होंगे। हमारा मिशन राजनीतिक नहीं रहा है, अपने 40 साल के राजनीतिक कार्यकाल में हमने कभी पार्टी के नेताओं और सियासी आकाओं के जूते इसलिए साफ नहीं किए क्योंकि हमें सोने-चांदी के कंगन नहीं चाहिए।
विज्ञापन

उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय निर्माण को लेकर कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विवि में एक शायरी उन्होंने सुनी थी कि चश्मे सय्यद नगरा है कि फिर उठे शायद कोई दीवाना अलीगढ़ के बयाबां से... तभी अलीगढ़ मुस्लिम विवि जैसा विवि बनाने की सोची थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

अखिलेश पर बोले..मेरी तबाही में मेरे लोगों का कंट्रीब्यूशन
आजम ने अखिलेश यादव को लेकर बार-बार पूछे गए सवालों पर बिना नाम लिए कुछ अन्य अपनों पर भी निशाना साधा और कहा कि मेरी तबाहियों में मेरे लोगों का कंट्रीब्यूशन है, मालिक उन्हें सदबुद्धि दे। एक उदाहरण देते हुए कहा कि एक व्यक्ति ने महबूबा के लिए मां का दिल निकाल लिया और जब महबूबा को देने जा रहा था तो उसे ठोकर लग गई तो मां के दिल से आवाज आई कि बेटा चोट तो नहीं लगी। वो किसी को खतावार ही नहीं मानते तो माफ करने की बात ही नहीं होती।
दो हजार रुपये बीघा की जमीन के 40 हजार रुपये भुगतान किया
आजम ने कहा कि सबसे पहले उनके खिलाफ आठ किसानों ने मुकदमे दर्ज कराए थे। उन्होंने किसानों को दो हजार रुपये बीघा वाली जमीन के 40-40 हजार रुपये बीघा का चेक से भुगतान किया था। जिससे कई लोग दो-दो बार हज गए और एक-दो बीघा की जगह आठ-आठ बीघा जमीन भी खरीद ली। वो सब लोग मुकदमा हार गए और सोच रहे थे कि हम मुकदमा करेंगे लेकिन, हमने कुछ नहीं किया।
फायरिंग से और हेलिकॉप्टर से बची जान
अपने संघर्षों को याद करते हुए आजम ने कहा कि साल 1989 में लोकसभा चुनावों में किला परिसर में बने बूथ पर वो अपने परिवार के साथ वोट डालने गए थे तो वहां पर फायरिंग हुई थी लेकिन, वो बच गए। इस दौरान उन्होंने इसके लिए नवाब परिवार पर भी निशाना साधा। इसके बाद एक बार चुनाव प्रचार के दौरान हेलिकॉप्टर का पंख खराब हुआ तो भी बच गए और फिर भयानक कोरोना से बच गए। अस्पताल में भर्ती तमाम संक्रमित मर गए, वो देखते रहते थे कि वार्ड भरता था और खाली हो जाता था लेकिन, वो बच गए क्योंकि उनके चाहने वाले मोहब्बत करने वाले हजारों लोगों की दुआएं थीं।
जेल में ईडी ने पूछे विदेश में प्रॉपर्टी और बैंक खातों के सवाल
आजम ने कहा कि जेल में पांच बार उनसे ईडी ने पूछा कि विदेश में उनकी कहां-कहां प्रापर्टी है, कहां-कहां बैंक खाते हैं। इस दौरान उन्होंने रामपुर आने पर अपनी जान को खतरा बताते हुए कहा कि एक बार एक दरोगा जी जेल में उनके बयान लेने आए तो उन्होंने भी उनके कामों की तारीफ की लेकिन, कहा कि आपके खिलाफ इतने मुकदमे दर्ज हैं कि आप रामपुर जाएं भी तो भूमिगत होकर रहें, नहीं तो आपका एनकाउंटर हो सकता है।
इतने जुल्म हुए, आंखे भी नम नहीं होती
आजम ने कहा कि इतने जुल्म हुए हैं कि अब तो आंखें भी नम नहीं होतीं और खुस्क हो गई हैं। कहा कि वो लीडर नहीं हैं, अगर लीडर होते तो विवि और स्कूल नहीं बनवाते। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनावों में भी वो साढ़े तीन लाख वोटों से जीतते, अगर एक डीएम साहब की इनायत और पुलिस की धांधली नहीं होती। इस वक्त सपा, बसपा और कांग्रेस से बड़ा सवाल उन हजारों लोगों के बारे में सोचना है जिनके खिलाफ मेरे और मेरे परिजनों के साथ मुकदमे हुए हैं।
ज्ञानवापी मस्जिद पर कुछ भी कहने से इंकार
आजम ने कहा कि मुसलमानों को उनके मताधिकार की वजह से सजा मिल रही है। रिहाई के बाद अखिलेश यादव की ओर से कोई कॉल आई.. इसपर कहा कि मेरे पास कई साल से मोबाइल फोन नहीं है, अब तो मैं मोबाइल चलाना भी भूल गया हूं। ज्ञानवापी मस्जिद प्रकरण पर कुछ भी कहने से इंकार करते हुए कहा कि इससे देश का माहौल खराब हो सकता है लेकिन बाबरी मस्जिद में दशकों प्रक्रिया चली थी जबकि इस मामले में लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक सब कुछ तेजी से हुआ है। बुलडोजर की कार्रवाई पर कहा कि कोई शिकायत नहीं है। हम तो कहते हैं कि सिर्फ मुसलमानों पर ही शरीयत का कानून लागू कर दिया जाए और परिणाम अच्छे आएं तो अन्यों पर लागू करें।
उन्होंने कहा कि चुनाव में हमें नंबर एक पर माफिया रखा गया जबकि मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद को उनके बाद रखा गया, जबकि हमने कभी किसी पर हाथ नहीं उठाया, मारपीट तक का कोई मुकदमा नहीं हुआ, कभी गाड़ी तक से किसी को टक्कर नहीं मारी।
मैं नहीं लडूंगा लोकसभा उपचुनाव : आजम खां
रामपुर। आजम खां ने कहा कि वो रामपुर में होने वाले लोकसभा उपचुनाव नहीं लड़ेंगे और अधिक सक्रिय भी नहीं रह पाएंगे, क्योंकि उनकी सेहत ठीक नहीं है। कहा कि सेहत के कारण भागदौड़ नहीं कर पाएंगे। हमें आज तक ये पता नहीं चला कि सरकार और सरकार की पार्टी को हमसे इतनी घृणा क्यों है। मौका लगेगा तो विधानसभा सदन में जानने की कोशिश करेंगे। जो भी जेल में हुआ वो तो शक्ल से नजर आ रहा होगा।

मिलक से रामपुर तक गाड़ी से नहीं उतरे आजम खां
रामपुर। सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद रामपुर पहुंचे आजम खां मिलक से लेकर अपने घर तक गाड़ी से नहीं उतरे। इस दौरान कई जगह समर्थकों व कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। गाड़ी में से ही शीशा उतारकर उन्होंने अभिवादन किया। घर के निकट पहुंचकर गाड़ी का गेट खोलकर खड़े हुए और समर्थकों से बात की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed