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रामपुर: उर्दू गेट को बुलडोजर से तोड़ा, सपा सरकार में आजम खां ने कराया था निर्माण
Wed, 06 Mar 2019 01:05 PM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 06 Mar 2019 01:05 PM IST
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उर्दू गेट तोड़ती जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
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स्वार रोड पर बने उर्दू गेट को ध्वस्त कर दिया है। सपा शासनकाल में बनाए गए इस गेट की ऊंचाई कम थी, इससे बड़े वाहनों का आवागमन बंद था। प्रदेश में भाजपा के सत्ता में आते ही इस गेट को तोड़े जाने की मांग उठ रही थी। इसकी शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने एडीएम (प्रशासन) की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर बुधवार की सुबह उर्दू गेट को ध्वस्त कर दिया गया।
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सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खां ने स्वार रोड पर कम ऊंचाई का गेट बनवाया था। इसका मकसद स्वार रोड पर बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाना था। सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन) की यूनिट 30 ने इसका निर्माण कराया गया था।
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करीब 40 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ यह गेट बेहद खूबसूरत था लेकिन, लोक निर्माण विभाग के अफसरों की माने तो सीएंडडीएस ने यह गेट पूरी तरह से नियम विरुद्ध बनाया था। इसको लेकर लोक निर्माण विभाग से एनओसी तक नहीं ली गई थी। नगर पालिका ने इसका नक्शा पास किया था लेकिन, रामपुर विकास प्राधिकरण से कोई अनुमति नहीं ली गई। हालांकि, तब आजम खां के मंत्री होने की वजह से कोई इसका विरोध नहीं कर सका।
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सूबे में भाजपा की सरकार आने के बाद गेट को लेकर तमाम शिकायतें होने लगीं। भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने स्थानीय अफसरों से लेकर शासन स्तर तक शिकायत की थी, इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने गेट को अतिक्रमण घोषित करते हुए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी थी। मामले की जांच एसआईटी (विशेष जांच दल) ने भी की थी। नये जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह के सामने यह मामला आया तो उन्होंने जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन कर दिया।
उर्दू गेट नाम था, इस वजह से तोड़ा गया गेट: अब्दुल्ला
जांच के बाद टीम ने रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी, जिसमें शिकायत सही मिली। ऐसे में पूरे मामले को लेकर लोक निर्माण विभाग को कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद बुधवार को तड़के करीब चार बजे लोक निर्माण विभाग के तमाम अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। गेट से करीब आधा किलोमीटर पहले ही पुलिस फोर्स तैनात कर दी। इसके बाद छह जेसीबी से करीब तीन घंटे तक गेट को तोड़ने का काम चला। दो घंटे में गेट का मलवा भी साफ कर दिया गया।
रामपुर जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि गेट को लेकर शिकायत मिली थी, इसके बाद पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी की रिपोर्ट में शिकायत के तथ्य सही पाए गए। लोक निर्माण विभाग की ओर से गेट को अतिक्रमण घोषित किया गया है। इससे वाहनों का आवागमन बाधित हो रहा था, जिसके बाद गेट को ध्वस्त करा दिया गया।
उर्दू गेट को ध्वस्त किए जाने के बाद सपा विधायक अब्दुल्ला आजम ने कहा कि गेट का नाम उर्दू गेट था इस वजह से इसको तोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को उर्दू अल्फाज और मुसलमानों से नफरत है। यह कार्रवाई लोकसभा में भाजपा को फायदा पहुंचाने के मकसद से की गई है। तैयारी तो यह थी कि रामपुर में दंगा भड़का कर पूरे देश में इसका सियासी लाभ लिया जाए।
सपा कार्यालय पर बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर अब्दुल्ला ने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से गेट को गिराया गया है। उर्दू गेट की वजह से खनन के वाहन स्वार रोड पर नहीं आ पाते थे। इस वजह से अधिकारियों की कमाई बंद हो गई थी। अधिकारियों ने अपनी जेब गरम करने के लिए गेट गिरवाया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में मुसलमानों को दूसरे देश का नागरिक समझा जा रहा है। अब मुसलमानों के पास दो ही विकल्प बचा है, या तो वह भाजपा में शामिल हो जाएं या अपना धर्म बदल लें।
विधायक ने ऐसी आशंका जताई कि आने वाले दिनों में आंबेडकर का गेट और बाबा साहब की प्रतिमा भी गिराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में मुस्लिम मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से गायब किया जा रहा है। ऐसे में लोकसभा का चुनाव भी निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो पाना भी संभव नहीं लग रहा है।
इस मौके पर सपा के जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार, पूर्व विधायक विजय सिंह, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खां, डीसीबी के पूर्व चेयरमैन सलीम कासिम, आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत खां शानू, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र सिंह चौहान और नवीन शर्मा मौजूद रहे।
रामपुर जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि गेट को लेकर शिकायत मिली थी, इसके बाद पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी की रिपोर्ट में शिकायत के तथ्य सही पाए गए। लोक निर्माण विभाग की ओर से गेट को अतिक्रमण घोषित किया गया है। इससे वाहनों का आवागमन बाधित हो रहा था, जिसके बाद गेट को ध्वस्त करा दिया गया।
उर्दू गेट को ध्वस्त किए जाने के बाद सपा विधायक अब्दुल्ला आजम ने कहा कि गेट का नाम उर्दू गेट था इस वजह से इसको तोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को उर्दू अल्फाज और मुसलमानों से नफरत है। यह कार्रवाई लोकसभा में भाजपा को फायदा पहुंचाने के मकसद से की गई है। तैयारी तो यह थी कि रामपुर में दंगा भड़का कर पूरे देश में इसका सियासी लाभ लिया जाए।
सपा कार्यालय पर बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर अब्दुल्ला ने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से गेट को गिराया गया है। उर्दू गेट की वजह से खनन के वाहन स्वार रोड पर नहीं आ पाते थे। इस वजह से अधिकारियों की कमाई बंद हो गई थी। अधिकारियों ने अपनी जेब गरम करने के लिए गेट गिरवाया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में मुसलमानों को दूसरे देश का नागरिक समझा जा रहा है। अब मुसलमानों के पास दो ही विकल्प बचा है, या तो वह भाजपा में शामिल हो जाएं या अपना धर्म बदल लें।
विधायक ने ऐसी आशंका जताई कि आने वाले दिनों में आंबेडकर का गेट और बाबा साहब की प्रतिमा भी गिराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में मुस्लिम मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से गायब किया जा रहा है। ऐसे में लोकसभा का चुनाव भी निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो पाना भी संभव नहीं लग रहा है।
इस मौके पर सपा के जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार, पूर्व विधायक विजय सिंह, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खां, डीसीबी के पूर्व चेयरमैन सलीम कासिम, आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत खां शानू, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र सिंह चौहान और नवीन शर्मा मौजूद रहे।