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डेंटल कालेज के छात्रों को पढ़ाने आए थे, मेंटल हास्पिटल भेजने की तैयारी
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मुरादाबाद। कभी चीखना-चिल्लाना, कभी बेड छोड़कर इमरजेंसी कक्ष से बाहर निकल जाना। कभी फर्राटेदार अंग्रेजी में बात करना तो कभी एकदम से गुमसुम हो जाना। यह हालत करीब दस दिन पहले तक कोरोना संक्रमण के बीच केरल से मुरादाबाद पहुंचे एक प्रोफेसर की थी। हालांकि अब उनकी सेहत में सुधार है। वह मुरादाबाद डेंटल कालेज में छात्रों को पढ़ाने आए थे लेकिन विडंबना देखिए कि अब उन्हें ही मेंटल हास्पिटल भेजने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए प्रशासनिक आदेश का इंतजार है। फिलहाल प्रोफेसर का मानसिक रोग विशेषज्ञ की देखरेख में जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
शहर के ताड़ीखाना चौराहे के पास 13 अक्तूबर को करीब 45 वर्षीय व्यक्ति असामान्य स्थिति में मिला। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह शोर मचाकर हंगामा कर रहा था। जिसे लेकर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने व्यक्ति को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया। जहां उसने जमकर हंगामा किया। बाद में व्यक्ति की पहचान केरल के एक मेडिकल कालेज के डेंटल डिपार्टमेंट में तैनात प्रोफेसर के रूप में हुई। दो दिन बाद 15 नवंबर को जिला अस्पताल प्रशासन प्रोफेसर को मेंटल हास्पिटल बरेली भेज दिया। जहां अस्पताल प्रशासन ने न्यायालय का आर्डर नहीं होने का हवाला देकर प्रोफेसर को भर्ती करने से इंकार कर दिया। तब से प्रोफेसर जिला अस्पताल में भर्ती है। जहां मानसिक विशेषज्ञ डा. एसएन तिवारी की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। दरअसल वह यहां एक डेंटल कालेज में छात्रों को पढ़ाने के इरादे से आए थे। यहां नौकरी के लिए उन्हें इंटरव्यू देना था पर उनकी मानसिक स्थिति गड़बड़ हो गई।
- अस्पताल के स्टाफ ने प्रोफेसर के परिजनों से संपर्क किया था। परिजनों के मुताबिक प्रोफेसर एक डेंटल कालेज में छात्रों को पढ़ाने आए थे। इसके लिए प्रोफेसर इंटरव्यू देने आए थे। वह कुछ दिनों तक दिल्ली रोड स्थिति होटल में भी रहे। मेंटल हास्पिटल बरेली में भर्ती कराने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट और संबंधित थाने को सूचना दे दी गई है। - डा. राजेंद्र कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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महीनेभर बाद भी नहीं भर्ती कराने का आदेश
मुरादाबाद। जिला अस्पताल प्रशासन ने प्रोफेसर को पंद्रह अक्तूबर को मेंटल हास्पिटल बरेली भेज दिया था। जहां से न्यायालय के आदेश का हवाला देकर प्रोफेसर को लौटा दिया गया। 17 अक्तूबर को इस संबंध में अस्पताल प्रशासन ने सिटी मजिस्ट्रेट और संबंधित थाने को पत्र भेज दिया। ताकि आदेश जारी कराकर प्रोफेसर को इलाज के लिए मेंटल हास्पिटल बरेली में भर्ती कराया जा सके। लेकिन अभी तक भर्ती कराने का आदेश नहीं आ सका है।
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मां की गुहार, बेटे को मेंटल अस्पताल में भर्ती करा दो
मुरादाबाद। चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार ने बताया कि प्रोफेसर की मां से संपर्क किया गया था। वह काफी बुजुर्ग हैं और बीमार रहती हैं। उन्होंने अपील की है कि बेटे को किसी तरह मेंटल हास्पिटल में भर्ती करा दें। मां के मुताबिक प्रोफेसर को पहले भी ऐसे अटैक हो चुके हैं। बेटे की हालत जानने के लिए मां ने एक रिश्तेदार को भेजा था। उसने पूर्व की दवाओं के बारे में जानकारी दी थी।
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शहर के ताड़ीखाना चौराहे के पास 13 अक्तूबर को करीब 45 वर्षीय व्यक्ति असामान्य स्थिति में मिला। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह शोर मचाकर हंगामा कर रहा था। जिसे लेकर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने व्यक्ति को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया। जहां उसने जमकर हंगामा किया। बाद में व्यक्ति की पहचान केरल के एक मेडिकल कालेज के डेंटल डिपार्टमेंट में तैनात प्रोफेसर के रूप में हुई। दो दिन बाद 15 नवंबर को जिला अस्पताल प्रशासन प्रोफेसर को मेंटल हास्पिटल बरेली भेज दिया। जहां अस्पताल प्रशासन ने न्यायालय का आर्डर नहीं होने का हवाला देकर प्रोफेसर को भर्ती करने से इंकार कर दिया। तब से प्रोफेसर जिला अस्पताल में भर्ती है। जहां मानसिक विशेषज्ञ डा. एसएन तिवारी की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। दरअसल वह यहां एक डेंटल कालेज में छात्रों को पढ़ाने के इरादे से आए थे। यहां नौकरी के लिए उन्हें इंटरव्यू देना था पर उनकी मानसिक स्थिति गड़बड़ हो गई।
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- अस्पताल के स्टाफ ने प्रोफेसर के परिजनों से संपर्क किया था। परिजनों के मुताबिक प्रोफेसर एक डेंटल कालेज में छात्रों को पढ़ाने आए थे। इसके लिए प्रोफेसर इंटरव्यू देने आए थे। वह कुछ दिनों तक दिल्ली रोड स्थिति होटल में भी रहे। मेंटल हास्पिटल बरेली में भर्ती कराने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट और संबंधित थाने को सूचना दे दी गई है। - डा. राजेंद्र कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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महीनेभर बाद भी नहीं भर्ती कराने का आदेश
मुरादाबाद। जिला अस्पताल प्रशासन ने प्रोफेसर को पंद्रह अक्तूबर को मेंटल हास्पिटल बरेली भेज दिया था। जहां से न्यायालय के आदेश का हवाला देकर प्रोफेसर को लौटा दिया गया। 17 अक्तूबर को इस संबंध में अस्पताल प्रशासन ने सिटी मजिस्ट्रेट और संबंधित थाने को पत्र भेज दिया। ताकि आदेश जारी कराकर प्रोफेसर को इलाज के लिए मेंटल हास्पिटल बरेली में भर्ती कराया जा सके। लेकिन अभी तक भर्ती कराने का आदेश नहीं आ सका है।
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मां की गुहार, बेटे को मेंटल अस्पताल में भर्ती करा दो
मुरादाबाद। चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार ने बताया कि प्रोफेसर की मां से संपर्क किया गया था। वह काफी बुजुर्ग हैं और बीमार रहती हैं। उन्होंने अपील की है कि बेटे को किसी तरह मेंटल हास्पिटल में भर्ती करा दें। मां के मुताबिक प्रोफेसर को पहले भी ऐसे अटैक हो चुके हैं। बेटे की हालत जानने के लिए मां ने एक रिश्तेदार को भेजा था। उसने पूर्व की दवाओं के बारे में जानकारी दी थी।