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Moradabad News: लाइनपार को खराब सड़कों, जलभराव से निजात दिलाने की उठी मांग
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मुरादाबाद। लाइनपार की बदहाल सड़कें, कपूर कंपनी पुल का बंद कट, जलभराव और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को लेकर रविवार को सूर्य नगर में लाइनपार विकास संघर्ष समिति की बैठक हुई। बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों से उठाई जा रहीं समस्याओं पर सिस्टम गंभीर नहीं है। सबसे ज्यादा नाराजगी कपूर कंपनी पुल के शहर की ओर बने कट को बंद किए जाने को लेकर दिखाई दी।
लोगों का कहना था कि पुल बनने का मकसद ही खत्म हो गया है, क्योंकि अब लाइनपार के लाखों लोगों को शहर पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। बैठक में लाइनपार की टूटी सड़कों और जगह-जगह जलभराव का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठा। वक्ताओं ने कहा कि बारिश के दौरान कई मोहल्लों में सड़कें तालाब बन जाती हैं। गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन मरम्मत नहीं कराई जा रही। लाइनपार के नए नाम को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए। समिति के अध्यक्ष देशराज शर्मा ने कहा कि नाम ऐसा हो जिसमें सर्वसमाज की राय शामिल हो। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को भी बड़ा मुद्दा बताया गया। समिति का कहना है कि ढक्का के सरकारी अस्पताल में सुविधाएं बढ़नी चाहिए। बैठक की अध्यक्षता देशराज शर्मा ने की, जबकि संचालन धर्मेंद्र सिंह ने किया।
लोगों के कोट्स
लाइनपार की समस्याएं नई नहीं हैं, लेकिन उनका समाधान लगातार टलता जा रहा है। चार लाख लोगों की समस्याओं की अनदेखी हो रही है। पुल का बंद कट, टूटी सड़कें, जलभराव और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी सीधे लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं। अब प्रशासन को ठोस कार्रवाई करनी होगी।
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- गौतम श्रोत्रीय
कपूर कंपनी पुल का शहर की ओर बना कट बंद होने से पुल का उद्देश्य ही प्रभावित हो गया है। रोज लाखों लोगों को अनावश्यक चक्कर लगाना पड़ता है। प्रशासन को यातायात व्यवस्था की समीक्षा कर बंद कट तत्काल खोलना चाहिए।
- वीरेंद्र सिंह
लाइनपार के अधिकांश इलाकों में सड़कें गड्ढों में बदल चुकी हैं। बारिश के बाद जलभराव से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं हुआ।
- प्रशांत शर्मा
जयंतीपुर, करूला, मीना नगर जैसे इलाकों में गरीब आबादी रहती है। यहां सरकारी अस्पताल में सुविधाएं न होने से मरीजों को काफी परेशानी होती है। स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधाएं बढ़ें और नियमित चिकित्सा शिविर शुरू किए जाने चाहिए।
- हैदर अली
लाइनपार लगातार आबादी के लिहाज से बढ़ रहा है, लेकिन सुविधाएं उसी अनुपात में नहीं बढ़ीं। विकास केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। बुनियादी सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं।
- श्याम शरण
लोग वर्षों से समस्याओं को झेल रहे हैं। अब केवल आश्वासन नहीं, जमीन पर काम दिखना चाहिए। यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो क्षेत्र के लोग लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
- देशराज शर्मा
लाइनपार के लाखों लोग टूटी सड़कों, जलभराव के कारण परेशान होते हैं। कई मार्ग ऐसे हैं जहां से कावंड़िये गुजरेंगे लेकिन उनकी मरम्मत नहीं हुई है। लोगो लगातार आवाज उठा रहे हैं। समाधान होना चाहिए।
- योगेंद्र शर्मा
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लोगों का कहना था कि पुल बनने का मकसद ही खत्म हो गया है, क्योंकि अब लाइनपार के लाखों लोगों को शहर पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। बैठक में लाइनपार की टूटी सड़कों और जगह-जगह जलभराव का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठा। वक्ताओं ने कहा कि बारिश के दौरान कई मोहल्लों में सड़कें तालाब बन जाती हैं। गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन मरम्मत नहीं कराई जा रही। लाइनपार के नए नाम को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए। समिति के अध्यक्ष देशराज शर्मा ने कहा कि नाम ऐसा हो जिसमें सर्वसमाज की राय शामिल हो। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को भी बड़ा मुद्दा बताया गया। समिति का कहना है कि ढक्का के सरकारी अस्पताल में सुविधाएं बढ़नी चाहिए। बैठक की अध्यक्षता देशराज शर्मा ने की, जबकि संचालन धर्मेंद्र सिंह ने किया।
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लोगों के कोट्स
लाइनपार की समस्याएं नई नहीं हैं, लेकिन उनका समाधान लगातार टलता जा रहा है। चार लाख लोगों की समस्याओं की अनदेखी हो रही है। पुल का बंद कट, टूटी सड़कें, जलभराव और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी सीधे लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं। अब प्रशासन को ठोस कार्रवाई करनी होगी।
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- गौतम श्रोत्रीय
कपूर कंपनी पुल का शहर की ओर बना कट बंद होने से पुल का उद्देश्य ही प्रभावित हो गया है। रोज लाखों लोगों को अनावश्यक चक्कर लगाना पड़ता है। प्रशासन को यातायात व्यवस्था की समीक्षा कर बंद कट तत्काल खोलना चाहिए।
- वीरेंद्र सिंह
लाइनपार के अधिकांश इलाकों में सड़कें गड्ढों में बदल चुकी हैं। बारिश के बाद जलभराव से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं हुआ।
- प्रशांत शर्मा
जयंतीपुर, करूला, मीना नगर जैसे इलाकों में गरीब आबादी रहती है। यहां सरकारी अस्पताल में सुविधाएं न होने से मरीजों को काफी परेशानी होती है। स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधाएं बढ़ें और नियमित चिकित्सा शिविर शुरू किए जाने चाहिए।
- हैदर अली
लाइनपार लगातार आबादी के लिहाज से बढ़ रहा है, लेकिन सुविधाएं उसी अनुपात में नहीं बढ़ीं। विकास केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। बुनियादी सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं।
- श्याम शरण
लोग वर्षों से समस्याओं को झेल रहे हैं। अब केवल आश्वासन नहीं, जमीन पर काम दिखना चाहिए। यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो क्षेत्र के लोग लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
- देशराज शर्मा
लाइनपार के लाखों लोग टूटी सड़कों, जलभराव के कारण परेशान होते हैं। कई मार्ग ऐसे हैं जहां से कावंड़िये गुजरेंगे लेकिन उनकी मरम्मत नहीं हुई है। लोगो लगातार आवाज उठा रहे हैं। समाधान होना चाहिए।
- योगेंद्र शर्मा