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Moradabad News: सर्जरी की नई तकनीकों पर मंथन, दो डॉक्टरों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
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मुरादाबाद। सर्जरी के क्षेत्र में नई तकनीकों, मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा की बदलती चुनौतियों पर रविवार को सर्जन्स एसोसिएशन मुरादाबाद की ओर से दिल्ली रोड स्थित एक होटल में वार्षिक सीएमई का आयोजन किया गया। लाइफ बियॉन्ड स्कैल्पल थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के विशेषज्ञ सर्जनों ने आधुनिक शल्य चिकित्सा, मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा विज्ञान के नए आयामों पर विस्तार से विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. यूके शाह और डॉ. अशोक कुमार को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वरिष्ठ सर्जन डॉ. परवीन यादव ने कैंसर सर्जरी में आधुनिक तकनीकों और उनके बेहतर परिणामों पर जानकारी दी। डॉ. ऋषि भाटिया ने मेडिको-लीगल मामलों में मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि सही और व्यवस्थित दस्तावेज न केवल उपचार को बेहतर बनाते हैं, बल्कि कानूनी विवादों की स्थिति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं डॉ. परवीन भाटिया ने इंस्पायर ऑर एक्सपायर विषय पर प्रेरक व्याख्यान देते हुए चिकित्सकों से निरंतर सीखते रहने और सकारात्मक सोच अपनाने का आह्वान किया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अरुण चुघ के नेतृत्व में पेरिऑपरेटिव मॉर्टेलिटी विषय पर विशेषज्ञों की पैनल चर्चा भी हुई। इसमें ऑपरेशन के दौरान और उसके बाद मरीजों में होने वाली जटिलताओं को कम करने, सुरक्षित सर्जरी और बेहतर उपचार प्रबंधन के उपायों पर विस्तार से मंथन किया गया। प्रतिभागियों के लिए मेडिकल क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
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सचिव डॉ. मगन मेहरोत्रा ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान तेजी से बदल रहा है और सर्जनों के लिए नई तकनीकों, वैज्ञानिक शोध और विशेषज्ञों के अनुभवों से लगातार सीखना समय की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से सीएमई का आयोजन किया गया, ताकि सर्जनों को आधुनिक उपचार पद्धतियों, जटिल ऑपरेशन, मरीजों की सुरक्षा और ऑपरेशन थिएटर से जुड़े व्यावहारिक अनुभवों पर एक साझा मंच मिल सके।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजन अध्यक्ष डॉ. संजय गुप्ता, आयोजन सचिव डॉ. सुभाष सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. रघु प्रकाश, वैज्ञानिक समिति के सदस्य डॉ. राजेश रस्तोगी एवं डॉ. प्रारूप गुप्ता तथा संयुक्त सचिव डॉ. देवेंद्र चौरसिया की प्रमुख भूमिका रही। कार्यक्रम का समापन फेलोशिप के साथ हुआ।
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कार्यक्रम के दौरान शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. यूके शाह और डॉ. अशोक कुमार को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वरिष्ठ सर्जन डॉ. परवीन यादव ने कैंसर सर्जरी में आधुनिक तकनीकों और उनके बेहतर परिणामों पर जानकारी दी। डॉ. ऋषि भाटिया ने मेडिको-लीगल मामलों में मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि सही और व्यवस्थित दस्तावेज न केवल उपचार को बेहतर बनाते हैं, बल्कि कानूनी विवादों की स्थिति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं डॉ. परवीन भाटिया ने इंस्पायर ऑर एक्सपायर विषय पर प्रेरक व्याख्यान देते हुए चिकित्सकों से निरंतर सीखते रहने और सकारात्मक सोच अपनाने का आह्वान किया।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अरुण चुघ के नेतृत्व में पेरिऑपरेटिव मॉर्टेलिटी विषय पर विशेषज्ञों की पैनल चर्चा भी हुई। इसमें ऑपरेशन के दौरान और उसके बाद मरीजों में होने वाली जटिलताओं को कम करने, सुरक्षित सर्जरी और बेहतर उपचार प्रबंधन के उपायों पर विस्तार से मंथन किया गया। प्रतिभागियों के लिए मेडिकल क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
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सचिव डॉ. मगन मेहरोत्रा ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान तेजी से बदल रहा है और सर्जनों के लिए नई तकनीकों, वैज्ञानिक शोध और विशेषज्ञों के अनुभवों से लगातार सीखना समय की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से सीएमई का आयोजन किया गया, ताकि सर्जनों को आधुनिक उपचार पद्धतियों, जटिल ऑपरेशन, मरीजों की सुरक्षा और ऑपरेशन थिएटर से जुड़े व्यावहारिक अनुभवों पर एक साझा मंच मिल सके।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजन अध्यक्ष डॉ. संजय गुप्ता, आयोजन सचिव डॉ. सुभाष सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. रघु प्रकाश, वैज्ञानिक समिति के सदस्य डॉ. राजेश रस्तोगी एवं डॉ. प्रारूप गुप्ता तथा संयुक्त सचिव डॉ. देवेंद्र चौरसिया की प्रमुख भूमिका रही। कार्यक्रम का समापन फेलोशिप के साथ हुआ।