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Moradabad News: मृत्यु प्रमाणपत्र का मामला... सीबीआई ने खंगाले नगर निगम के रिकॉर्ड
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मुरादाबाद। कांशीरामनगर निवासी राजीव शर्मा के मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़े मामले की जांच के लिए शुक्रवार को सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम नगर निगम पहुंची। गाजियाबाद से आई टीम ने जोन-द्वितीय कार्यालय, मधुबनी में करीब दो घंटे तक संबंधित रिकॉर्ड देखे और अधिकारियों से जानकारी जुटाई। मामला गाजियाबाद की सीबीआई अदालत में चल रहे एक मुकदमे से जुड़ा बताया गया है।
राजीव बैंक कर्मचारी थे। उनके बेटे दीपक ने मामले में श्मशान घाट की रसीद अदालत में दाखिल की थी। इसी रसीद में दर्ज तारीखों को लेकर जांच शुरू हुई। रसीद के ऊपर 28 अगस्त की तारीख लिखी है, जबकि नीचे हस्ताक्षर वाले स्थान पर 28 जून 2026 दर्ज है। एक ही रसीद पर दो अलग-अलग तारीख मिलने के कारण मृत्यु की तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। इसी मामले में राजीव के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए नगर निगम में आवेदन किया गया था। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक प्रमाणपत्र अभी जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि श्मशान घाट की रसीद में तारीखों का अंतर होने के कारण पहले सही तारीख वाली संशोधित रसीद प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद ही मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। रजिस्ट्रार रामवीर सिंह के मुताबिक सीबीआई टीम ने नगर निगम में मृत्यु प्रमाणपत्र से संबंधित आवेदन, उपलब्ध दस्तावेज और रिकॉर्ड की जानकारी ली। टीम ने अधिकारियों से रसीद और मृत्यु प्रमाणपत्र के संबंध में प्रक्रिया भी समझी। मामला गाजियाबाद की सीबीआई अदालत में विचाराधीन होने के कारण रसीद में दर्ज दोनों तारीखें जांच का अहम बिंदु बनी हुई हैं।
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राजीव बैंक कर्मचारी थे। उनके बेटे दीपक ने मामले में श्मशान घाट की रसीद अदालत में दाखिल की थी। इसी रसीद में दर्ज तारीखों को लेकर जांच शुरू हुई। रसीद के ऊपर 28 अगस्त की तारीख लिखी है, जबकि नीचे हस्ताक्षर वाले स्थान पर 28 जून 2026 दर्ज है। एक ही रसीद पर दो अलग-अलग तारीख मिलने के कारण मृत्यु की तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। इसी मामले में राजीव के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए नगर निगम में आवेदन किया गया था। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक प्रमाणपत्र अभी जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि श्मशान घाट की रसीद में तारीखों का अंतर होने के कारण पहले सही तारीख वाली संशोधित रसीद प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद ही मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। रजिस्ट्रार रामवीर सिंह के मुताबिक सीबीआई टीम ने नगर निगम में मृत्यु प्रमाणपत्र से संबंधित आवेदन, उपलब्ध दस्तावेज और रिकॉर्ड की जानकारी ली। टीम ने अधिकारियों से रसीद और मृत्यु प्रमाणपत्र के संबंध में प्रक्रिया भी समझी। मामला गाजियाबाद की सीबीआई अदालत में विचाराधीन होने के कारण रसीद में दर्ज दोनों तारीखें जांच का अहम बिंदु बनी हुई हैं।
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