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Moradabad News: लाइनपार में भी बुजुर्गों के लिए बने डे केयर सेंटर
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मुरादाबाद। शहर के दूसरे हिस्सों की तरह लाइनपार में भी बुजुर्गों के लिए सीनियर सिटीजन डे केयर सेंटर और सुरक्षित सार्वजनिक स्थान विकसित करने की जरूरत महसूस की जा रही है। लाइनपार के सात वार्डों में करीब चार लाख की आबादी रहती है। इनमें करीब एक लाख लोग 60 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। जयंतीपुर, पीतलनगरी, प्रीतमनगर, मानसरोवर कॉलोनी, प्रकाशनगर, कुंदनपुर और आसपास के मोहल्लों में बुजुर्गों के लिए अलग से बैठने, मिलने-जुलने और समय बिताने की सुविधाएं सीमित हैं।
शहर में सिविल लाइंस इलाके में बुजुर्गों के लिए सीनियर सिटीजन केयर सेंटर तैयार किया गया है। नगर निगम के इस केंद्र में वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित और आरामदायक माहौल देने के साथ सामाजिक मेलजोल का अवसर देने की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य परामर्श, मनोरंजन और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं का भी प्रावधान बताया गया है। लाइनपार के लोगों का कहना है कि इसी तरह की सुविधा क्षेत्र में भी विकसित की जानी चाहिए। रामलीला मैदान समेत अन्य सार्वजनिक स्थलों के आसपास बुजुर्गों के लिए छायादार बैठने की जगह, पैदल चलने का सुरक्षित रास्ता, शौचालय, पेयजल और नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की जा सकती है। इससे बुजुर्गों को घर तक सीमित रहने के बजाय रोज कुछ समय बाहर बिताने का सुरक्षित स्थान मिलेगा। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह का कहना है कि लाइनपार में फिलहाल इस प्रकार का कोई प्रस्ताव नहीं है। बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई पार्कों पर कार्य किया जा रहा है।
लोगों के कोट्स
लाइनपार में रहने वाले बुजुर्गों के लिए ऐसी जगह की जरूरत लंबे समय से महसूस हो रही है, जहां सुबह-शाम बैठ सकें और दूसरे लोगों से बातचीत कर सकें। पार्क और सार्वजनिक स्थान हैं, लेकिन वहां बुजुर्गों के लिए जरूरी सुविधाएं और सुरक्षित बैठने की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।
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- श्याम शरण
चार लाख की आबादी वाले इलाके में बुजुर्गों के लिए एक समर्पित केंद्र होना जरूरी है। यहां कई परिवारों में युवा नौकरी या कारोबार के सिलसिले में दिनभर बाहर रहते हैं। ऐसे में डे केयर सेंटर बुजुर्गों को अकेलेपन से बचाने और सामाजिक मेलजोल का अवसर दे सकता है। - वीरेंद्र सिंह सीनियर सिटीजन सेंटर केवल बैठने की जगह नहीं होना चाहिए। वहां नियमित स्वास्थ्य जांच, दवाओं से संबंधित सलाह, पुस्तकालय, समाचार पत्र पढ़ने और मनोरंजन की सुविधा भी हो। अगर लाइनपार में ऐसा केंद्र बने तो आसपास के कई मोहल्लों के बुजुर्गों को सीधा लाभ मिलेगा। - छत्रपाल लाइनपार में सार्वजनिक सुविधाओं का विकास करते समय बच्चों और युवाओं के साथ बुजुर्गों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। पार्क में छायादार स्थान, साफ शौचालय, पेयजल और बैठने की सुविधा जैसी छोटी व्यवस्थाएं बुजुर्गों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती हैं।
- आरपी गोस्वामी
जयंतीपुर, प्रीतमनगर, पीतलनगरी और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में बुजुर्ग रहते हैं। उनके लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं है। स्मार्ट सिटी में नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है तो वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी क्षेत्रवार सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए।
- रामाश्रय शर्मा
उम्र बढ़ने के साथ लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत साथ और सुरक्षित माहौल की होती है। घर से निकलकर कुछ घंटे परिचित लोगों के साथ बिताने की सुविधा मिले तो बुजुर्गों का जीवन आसान हो सकता है। लाइनपार में डे केयर सेंटर इसी जरूरत को पूरा कर सकता है।
- नरेश कुमार
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शहर में सिविल लाइंस इलाके में बुजुर्गों के लिए सीनियर सिटीजन केयर सेंटर तैयार किया गया है। नगर निगम के इस केंद्र में वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित और आरामदायक माहौल देने के साथ सामाजिक मेलजोल का अवसर देने की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य परामर्श, मनोरंजन और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं का भी प्रावधान बताया गया है। लाइनपार के लोगों का कहना है कि इसी तरह की सुविधा क्षेत्र में भी विकसित की जानी चाहिए। रामलीला मैदान समेत अन्य सार्वजनिक स्थलों के आसपास बुजुर्गों के लिए छायादार बैठने की जगह, पैदल चलने का सुरक्षित रास्ता, शौचालय, पेयजल और नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की जा सकती है। इससे बुजुर्गों को घर तक सीमित रहने के बजाय रोज कुछ समय बाहर बिताने का सुरक्षित स्थान मिलेगा। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह का कहना है कि लाइनपार में फिलहाल इस प्रकार का कोई प्रस्ताव नहीं है। बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई पार्कों पर कार्य किया जा रहा है।
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लोगों के कोट्स
लाइनपार में रहने वाले बुजुर्गों के लिए ऐसी जगह की जरूरत लंबे समय से महसूस हो रही है, जहां सुबह-शाम बैठ सकें और दूसरे लोगों से बातचीत कर सकें। पार्क और सार्वजनिक स्थान हैं, लेकिन वहां बुजुर्गों के लिए जरूरी सुविधाएं और सुरक्षित बैठने की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।
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- श्याम शरण
चार लाख की आबादी वाले इलाके में बुजुर्गों के लिए एक समर्पित केंद्र होना जरूरी है। यहां कई परिवारों में युवा नौकरी या कारोबार के सिलसिले में दिनभर बाहर रहते हैं। ऐसे में डे केयर सेंटर बुजुर्गों को अकेलेपन से बचाने और सामाजिक मेलजोल का अवसर दे सकता है। - वीरेंद्र सिंह सीनियर सिटीजन सेंटर केवल बैठने की जगह नहीं होना चाहिए। वहां नियमित स्वास्थ्य जांच, दवाओं से संबंधित सलाह, पुस्तकालय, समाचार पत्र पढ़ने और मनोरंजन की सुविधा भी हो। अगर लाइनपार में ऐसा केंद्र बने तो आसपास के कई मोहल्लों के बुजुर्गों को सीधा लाभ मिलेगा। - छत्रपाल लाइनपार में सार्वजनिक सुविधाओं का विकास करते समय बच्चों और युवाओं के साथ बुजुर्गों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। पार्क में छायादार स्थान, साफ शौचालय, पेयजल और बैठने की सुविधा जैसी छोटी व्यवस्थाएं बुजुर्गों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती हैं।
- आरपी गोस्वामी
जयंतीपुर, प्रीतमनगर, पीतलनगरी और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में बुजुर्ग रहते हैं। उनके लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं है। स्मार्ट सिटी में नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है तो वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी क्षेत्रवार सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए।
- रामाश्रय शर्मा
उम्र बढ़ने के साथ लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत साथ और सुरक्षित माहौल की होती है। घर से निकलकर कुछ घंटे परिचित लोगों के साथ बिताने की सुविधा मिले तो बुजुर्गों का जीवन आसान हो सकता है। लाइनपार में डे केयर सेंटर इसी जरूरत को पूरा कर सकता है।
- नरेश कुमार