{"_id":"5817a6764f1c1bab31435e8c","slug":"dark-in-gaurav-life","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिवाली पर छाया गौरव की जिंदगी में अंधेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिवाली पर छाया गौरव की जिंदगी में अंधेरा
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Tue, 01 Nov 2016 02:01 AM IST
विज्ञापन
gaurav
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रौशनी के पर्व पर पटाखा फोड़ने में एक 13 साल के मासूम की एक आंख की रौशनी चली गई। इस हादसे से पूरा परिवार सदमे में है। परिवार वालों के लिए इस बार की दिवाली की किसी डरावने अंधेरे से कम नहीं रही। सबको बस यही दुख सता रहा है कि आखिर बच्चे को पटाखा फोड़ने से रोका क्यों नहीं।
थाना क्षेत्र कटघर के इंदिरा कालोनी निवासी सुधीर कुमार का तेरह वर्षीय बेटा गौरव दीपावली पर अपने घर के बाहर पटाखे फोड़ रहा था। वह शाम से ही पटाखे जलाने को उत्सुक था। पापा से जिद कर पटाखे मंगाए थे। बेटे की जिद के सामने पापा भी मजबूर थे और बेटे को पटाखे लाकर दे दिए।
रात करीब साढ़े नौ बजे जब गौरव ने पटाखे में आग लगाई तो पटाखा अचानक फूट गया। गौरव को वहां से दूर भागने का मौका भी नहीं मिला। इस घटना में गौरव की बांए आंख में जलती चिंगारियां चली गई और वह चिखने-चिल्लाने लगा। उसकी चीख पुकार सुनकर घर के लोग बाहर आए तो देखा गौर एक आंख को दबाए जोर-जोर से चिल्ला रहा था।
विज्ञापन
परिजन समझ गए कि उसकी आंख बुरी तरह जल चुकी है। उसे तुरंत सीएल गुप्ता आई हास्पिटल ले गए। यहां डाक्टरों ने उसकी आंख की मरहम पट्टी कर प्लास्टिक की कैप लगा दी है। डाक्टरों ने सुधीर को बताया कि गौरव की आंख की रौशनी चली गई है। लेकिन ऑपरेशन से उसके आंख की रौशनी वापस लाने की कोशिश की जा सकती है। इसके लिए तीन ऑपरेशन करने होेंगे।
विज्ञापन
थाना क्षेत्र कटघर के इंदिरा कालोनी निवासी सुधीर कुमार का तेरह वर्षीय बेटा गौरव दीपावली पर अपने घर के बाहर पटाखे फोड़ रहा था। वह शाम से ही पटाखे जलाने को उत्सुक था। पापा से जिद कर पटाखे मंगाए थे। बेटे की जिद के सामने पापा भी मजबूर थे और बेटे को पटाखे लाकर दे दिए।
विज्ञापन
रात करीब साढ़े नौ बजे जब गौरव ने पटाखे में आग लगाई तो पटाखा अचानक फूट गया। गौरव को वहां से दूर भागने का मौका भी नहीं मिला। इस घटना में गौरव की बांए आंख में जलती चिंगारियां चली गई और वह चिखने-चिल्लाने लगा। उसकी चीख पुकार सुनकर घर के लोग बाहर आए तो देखा गौर एक आंख को दबाए जोर-जोर से चिल्ला रहा था।
विज्ञापन
परिजन समझ गए कि उसकी आंख बुरी तरह जल चुकी है। उसे तुरंत सीएल गुप्ता आई हास्पिटल ले गए। यहां डाक्टरों ने उसकी आंख की मरहम पट्टी कर प्लास्टिक की कैप लगा दी है। डाक्टरों ने सुधीर को बताया कि गौरव की आंख की रौशनी चली गई है। लेकिन ऑपरेशन से उसके आंख की रौशनी वापस लाने की कोशिश की जा सकती है। इसके लिए तीन ऑपरेशन करने होेंगे।