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साइबर ठगों ने डेबिट कार्ड, गूगल पे का पिन पूछकर खाते से उड़ाए एक लाख रुपये
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मुरादाबाद। मूंढापांडे थानाक्षेत्र में रहने वाली महिला के खाते से साइबर ठगों ने एक लाख रुपये उड़ा लिए। साइबर ठगों ने कॉल कर महिला के बेटे से डेबिट कार्ड और गूगल पे का पिन पूछकर रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर की थी। पीड़ित ने इस मामले में मूंढापांडे थाने और साइबर सेल में शिकायत की है।
मूंढापांडे के नियामतपुर इकरौटिया निवासी शाकिर अली किसान हैं। शाकिर की पत्नी भूरी का एसबीआई की मूंढापांडे शाखा में खाता है। महिला के खाते में एक लाख 43 हजार रुपये थे। महिला के बेटे शुएब ने फ्लिपकार्ट पर ऑनलाइन मोबाइल बुक किया था। इसी दौरान एक अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा था कि वह फ्लिपकार्ट से बोल रहा है। उसने बुकिंग के बारे में बताया। जिस पर शुएब को विश्वास हो गया। तब आरोपी ने शुएब से डेबिट कार्ड और गूगल पे का पिन पूछ लिया। इसके बाद भूरी के खाते से एक लाख रुपये उड़ गए।
शुएब ने बताया कि जब मोबाइल पर लगातार मैसेज आए तो वह समझ गया कि उसके साथ साइबर ठगी हुई है। इसके बाद उसने कस्टमर केयर पर कॉल कर कार्ड बंद करा दिया। जिससे उससे 43 हजार रुपये बच गए। महिला, उसके पिता और बेटे ने इस मामले की शिकायत मूंढापांडे थाने और साइबर सेल में की है।
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बैंकिंग एप डाउनलोड किया तो
खाते से उड़ गए दस हजार
मुरादाबाद। कुंदरकी के हुसैनपुर निवासी शमशाद फैक्टरी में काम करते हैं। कटघर के करूला में एसबीआई की शाखा में उनका खाता है। शमशाद ने बताया कि करीब एक माह पहले उन्होंने मोबाइल पर बैंकिंग एप डाउन लोड करने का प्रयास किया था, लेकिन सफल नहीं हो पाए थे। तब उन्होंने बैंक जाकर महिला कर्मचारी से एप डाउन लोड कराया था। वह बैंक शाखा से निकलकर घर जा रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। जिसमें दस हजार रुपये निकल जाने की जानकारी दी गई थी। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत कटघर थाने और साइबर सेल में की है। ब्यूरो
युवक से साइबर ठगी की कोशिश
मुरादाबाद। सिविल लाइंस के मिशन कंपाउंड निवासी जॉर्च बेंगीमान उर्फ जॉनी ने बताया कि उनके पास एक अंजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए कहा था कि आपका डेबिट कार्ड बंद हो गया है। अगर चालू करना चाहते हैं तो कुछ डिटेल बताइए। उन्होंने ठग को कोई जानकारी नहीं दी। जिस कारण उनके साथ साइबर ठगी होने से बच गई। ब्यूरो
सावधानियां....
- डेबिट व क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट कराने के लिए बैंक शाखा जाकर संपर्क करें।
- कोई भी बैंक, बीमा कंपनी आपके खाते, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड की जानकारी नहीं मांगते हैं, अगर कोई फोन पर जानकारी मांग करा है तो वह साइबर ठग हो सकते हैं। ऐसे लोगों से फोन पर कोई जानकारी शेयर नहीं करें।
- मोबाइल पर आने वाला ओटीपी किसी को शेयर नहीं करें।
- मोबाइल पर बार बार खाते से रुपये निकलने के मैसेज आ रहे हैं तो इसकी सूचना बैंक में देने में देरी नहीं करें।
ठगी होने पर इस तरीके से वापस आ सकती है रकम
- साइबर अपराध होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। 24 से 48 घंटे के अंतराल में आपके धन को वापस कराने की अधिक संभावना रहती है।
- साइबर अपराध थाना प्रभारी मो. नं. 7839876646 एवं साइबर सेल मोबाइल नंबर 9454401742, हेल्पलाइन नंबर-1930
- साइबर ठगी होने पर घबराकर गूगल पर नंबर सर्च कर तुरंत कॉल न करें। यहां भी साइबर अपराधियों ने अपने नंबर, फर्जी ईमेल आईडी अपलोड कर रखी हैं। बैंक शाखा जाएं और उनके नंबरों पर ही कॉल करें।
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मूंढापांडे के नियामतपुर इकरौटिया निवासी शाकिर अली किसान हैं। शाकिर की पत्नी भूरी का एसबीआई की मूंढापांडे शाखा में खाता है। महिला के खाते में एक लाख 43 हजार रुपये थे। महिला के बेटे शुएब ने फ्लिपकार्ट पर ऑनलाइन मोबाइल बुक किया था। इसी दौरान एक अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा था कि वह फ्लिपकार्ट से बोल रहा है। उसने बुकिंग के बारे में बताया। जिस पर शुएब को विश्वास हो गया। तब आरोपी ने शुएब से डेबिट कार्ड और गूगल पे का पिन पूछ लिया। इसके बाद भूरी के खाते से एक लाख रुपये उड़ गए।
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शुएब ने बताया कि जब मोबाइल पर लगातार मैसेज आए तो वह समझ गया कि उसके साथ साइबर ठगी हुई है। इसके बाद उसने कस्टमर केयर पर कॉल कर कार्ड बंद करा दिया। जिससे उससे 43 हजार रुपये बच गए। महिला, उसके पिता और बेटे ने इस मामले की शिकायत मूंढापांडे थाने और साइबर सेल में की है।
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बैंकिंग एप डाउनलोड किया तो
खाते से उड़ गए दस हजार
मुरादाबाद। कुंदरकी के हुसैनपुर निवासी शमशाद फैक्टरी में काम करते हैं। कटघर के करूला में एसबीआई की शाखा में उनका खाता है। शमशाद ने बताया कि करीब एक माह पहले उन्होंने मोबाइल पर बैंकिंग एप डाउन लोड करने का प्रयास किया था, लेकिन सफल नहीं हो पाए थे। तब उन्होंने बैंक जाकर महिला कर्मचारी से एप डाउन लोड कराया था। वह बैंक शाखा से निकलकर घर जा रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। जिसमें दस हजार रुपये निकल जाने की जानकारी दी गई थी। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत कटघर थाने और साइबर सेल में की है। ब्यूरो
युवक से साइबर ठगी की कोशिश
मुरादाबाद। सिविल लाइंस के मिशन कंपाउंड निवासी जॉर्च बेंगीमान उर्फ जॉनी ने बताया कि उनके पास एक अंजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए कहा था कि आपका डेबिट कार्ड बंद हो गया है। अगर चालू करना चाहते हैं तो कुछ डिटेल बताइए। उन्होंने ठग को कोई जानकारी नहीं दी। जिस कारण उनके साथ साइबर ठगी होने से बच गई। ब्यूरो
सावधानियां....
- डेबिट व क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट कराने के लिए बैंक शाखा जाकर संपर्क करें।
- कोई भी बैंक, बीमा कंपनी आपके खाते, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड की जानकारी नहीं मांगते हैं, अगर कोई फोन पर जानकारी मांग करा है तो वह साइबर ठग हो सकते हैं। ऐसे लोगों से फोन पर कोई जानकारी शेयर नहीं करें।
- मोबाइल पर आने वाला ओटीपी किसी को शेयर नहीं करें।
- मोबाइल पर बार बार खाते से रुपये निकलने के मैसेज आ रहे हैं तो इसकी सूचना बैंक में देने में देरी नहीं करें।
ठगी होने पर इस तरीके से वापस आ सकती है रकम
- साइबर अपराध होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। 24 से 48 घंटे के अंतराल में आपके धन को वापस कराने की अधिक संभावना रहती है।
- साइबर अपराध थाना प्रभारी मो. नं. 7839876646 एवं साइबर सेल मोबाइल नंबर 9454401742, हेल्पलाइन नंबर-1930
- साइबर ठगी होने पर घबराकर गूगल पर नंबर सर्च कर तुरंत कॉल न करें। यहां भी साइबर अपराधियों ने अपने नंबर, फर्जी ईमेल आईडी अपलोड कर रखी हैं। बैंक शाखा जाएं और उनके नंबरों पर ही कॉल करें।