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नकली नोटों समेत एक गिरफ्तार, दो फरार
ब्यूरो/ अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Sat, 30 May 2015 06:25 PM IST
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बांग्लादेश और नेपाल के रास्ते पाकिस्तान से भारत में लाई जा रही नकली करेंसी के मामले में भगतपुर पुलिस ने लखनपुर मिलक के 40 बीघे के काश्तकार नाजिम को गिरफ्तार किया है। उससे 65 हजार के नकली नोट बरामद किए हैं। नाजिम गांव के ही नजाकत को नकली नोट बेचकर बाजार में चलाता है।
नाजिम को उसका मामा जियाउल हसन निवासी मासूमपुर थाना डिलारी नकली नोट उपलब्ध कराता है। जियाउल हसन और नजाकत पुलिस को चकमा देकर फरार हो चुके हैं। फेरी लगाकर कपड़े बेचने वाले खुर्शीद पुत्र अब्दुल रशीद निवासी पीपलसाना थाना भोजपुर ने 28 अप्रैल को थाना भगतुपर में नजाकत पुत्र शराफत निवासी उदमावाला के खिलाफ 500 रुपये के बीस नकली नोट देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस जांच में लग गई। बुधवार को पुलिस को सूचना मिली की नजाकत को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला नाजिम पुत्र नाजिर नकली नोट लेकर आ रहा है। पुलिस ने बुधवार रात में सत्तीखेड़ा के पास उसे पकड़ लिया। नाजिम के पास से 1000 रुपये के 40 और 500 रुपये के 50 नकली नोट मिले। गुरुवार को पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी ने बताया कि नाजिम को उसके मामा जियाउल हसन उर्फ जी हसन निवासी मासूमपुर थाना डिलारी 55 हजार में एक लाख रुपये की नकली करेंसी बेचता है।
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जी हसन डिलारी के तुमडिया स्थित गुलसने कादिरी मदरसा में शिक्षक है। उसे तुमडिया का ही एक व्यक्ति नकली नोट बेचता है। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में तीन लोगों की पहचान हो चुकी है। उनमें नजाकत और जी हसन फरार हो चुके हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्त में आया नाजिम 40 बीघा जमीन का काश्तकार है। एसएसपी ने बताया कि जांच में पाया गया है कि पाकिस्तान नेपाल और बांग्लादेश के रास्ते भारत में नकली करेंसी भेज रहा है।
भगतपुर में पकड़े गए नकली नोट बांग्लादेश के रास्ते प.बंगाल होते हुए आए हैं। इस गिरोह के लोग बंगाल, बिहार व उत्तराखंड में सक्रिय हैं। ये लोग मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, बिजनौर, उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद के काशीपुर में काले शीशे लगी कारों के जरिए जाली नोट सप्लाई कर रहे हैं।
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नाजिम को उसका मामा जियाउल हसन निवासी मासूमपुर थाना डिलारी नकली नोट उपलब्ध कराता है। जियाउल हसन और नजाकत पुलिस को चकमा देकर फरार हो चुके हैं। फेरी लगाकर कपड़े बेचने वाले खुर्शीद पुत्र अब्दुल रशीद निवासी पीपलसाना थाना भोजपुर ने 28 अप्रैल को थाना भगतुपर में नजाकत पुत्र शराफत निवासी उदमावाला के खिलाफ 500 रुपये के बीस नकली नोट देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुलिस जांच में लग गई। बुधवार को पुलिस को सूचना मिली की नजाकत को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला नाजिम पुत्र नाजिर नकली नोट लेकर आ रहा है। पुलिस ने बुधवार रात में सत्तीखेड़ा के पास उसे पकड़ लिया। नाजिम के पास से 1000 रुपये के 40 और 500 रुपये के 50 नकली नोट मिले। गुरुवार को पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी ने बताया कि नाजिम को उसके मामा जियाउल हसन उर्फ जी हसन निवासी मासूमपुर थाना डिलारी 55 हजार में एक लाख रुपये की नकली करेंसी बेचता है।
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जी हसन डिलारी के तुमडिया स्थित गुलसने कादिरी मदरसा में शिक्षक है। उसे तुमडिया का ही एक व्यक्ति नकली नोट बेचता है। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में तीन लोगों की पहचान हो चुकी है। उनमें नजाकत और जी हसन फरार हो चुके हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्त में आया नाजिम 40 बीघा जमीन का काश्तकार है। एसएसपी ने बताया कि जांच में पाया गया है कि पाकिस्तान नेपाल और बांग्लादेश के रास्ते भारत में नकली करेंसी भेज रहा है।
भगतपुर में पकड़े गए नकली नोट बांग्लादेश के रास्ते प.बंगाल होते हुए आए हैं। इस गिरोह के लोग बंगाल, बिहार व उत्तराखंड में सक्रिय हैं। ये लोग मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, बिजनौर, उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद के काशीपुर में काले शीशे लगी कारों के जरिए जाली नोट सप्लाई कर रहे हैं।