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एनआईए के खोल में अंडरवर्ल्ड को ऑपरेट कर रहा था तंजील
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Fri, 05 Aug 2016 10:59 AM IST
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तंजील अहमद
- फोटो : demo
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कुख्यात शूटर मुनीर के हाथों मारे गए राष्ट्रीय जांच एजेंसी के डिप्टी एसपी तंजील अहमद एनआईए का खोल ओढ़कर अंडरवर्ल्ड को ऑपरेट कर रहे थे। पुलिस कस्टडी में आए मुनीर से पूछताछ में तंजील अहमद के कारनामे प्याज के छिलकों की तरह उधड़ने लगे हैं।
मुनीर ने पुलिस अफसरों को बताया है कि दिल्ली में बैंक की कैश वैन से 1.5 करोड़ रुपये और धामपुर बैंक से 91 लाख रुपये की लूट में से 1.12 करोड़ रुपये उसने तंजील को दिए थे। बदले में डीएसपी तंजील गैंग को अत्याधुनिक हथियार और वारदात के बाद बचकर भागने के लिए सुरक्षित कवर मुहैय्या कराते थे।
बिजनौर जिले के स्योहारा थाना क्षेत्र में सहसपुर निवासी एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद की दो अप्रैल को आधी रात सहसपुर के पास गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें आटोमैटिक हथियारों से 20 गोलियां मारी थीं। एनआईए के डिप्टी एसपी की हत्या से पूरा देश हिल गया था। शुरू में इस हत्या के पीछे आईएसआई का हाथ बताया जा रहा था। लेकिन बाद में पुलिस ने तंजील के ही गांव के कुख्यात शूटर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र मुनीर को हत्या का मास्टरमांइड बताकर वारदात का खुलासा कर दिया था।
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मुनीर के साथियों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। पिछले महीने एसटीएफ ने मुनीर को भी गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया था।
इन दिनों मुनीर पुलिस कस्टडी रिमांड पर है। कोर्ट ने उसे दो अप्रैल से छह अप्रैल तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा है। रिमांड के दौरान डीआईजी ओंकार सिंह समेत पुलिस और एनआईए व एसटीएफ के कई आला अधिकारियों ने तंजील से पूछताछ की है।
सूत्रों का कहना है कि मुनीर ने अभी तक कुल 39 घटनाएं कबूल की हैं। इनमें दिल्ली में दो साल पहले बैंक की कैश बैंक से 1.5 करोड़ रुपये लूटने की घटना भी शामिल है। उसने पुलिस को बताया है कि उसने तमाम घटनाओं में पांच करोड़ से भी ज्यादा कैश लूटा, लेकिन लूट का बड़ा हिस्सा तंजील अहमद रख लेते थे।
‘हम फंस गए थे तंजील ने बचाया था’
मुनीर ने पुलिस को बताया है कि दिल्ली में एटीएम में रकम डालने जा रही बैंक की कैश वैन को लूटने के दौरान वह और उसके साथी दिल्ली में ही डेरा डाले थे। वारदात से पहले उन्होंने दो फ्लैट इस्तेमाल किए। एक फ्लैट पर खुद रहे जबकि दूसरे पर असलहे और दूसरा सामान रखते थे। वैन से 1.5 करोड़ रुपये लूटने के बाद वह सुरक्षित निकल आए थे। लेकिन फ्लैट पर कुछ ऐसा सामान छूट गया था जो उन्हें फंसा सकता था।
ऐसे में तंजील से उन्होंने मदद ली। तंजील ने वो हथियार और बाकी सामान फ्लैट से हटा दिया। तंजील को इस पूरी घटना की जानकारी थी और उन्होंने गैंग को पूरा बैकअप दिया था। बदले में उन्हें 90 लाख रुपये दिए गए थे। इसी तरह धामपुर की बैंक लूट में गैंग के हाथ कुल 91 लाख रुपये लगे थे। तंजील को इस रकम में से 22 लाख रुपये दिए गए थे।
एके - 47 और नाइन एमएम पिस्टल देने थे
पुलिस पूछताछ में मुनीर ने कबूला है कि एनआई के डिप्टी एसपी तंजील अहमद ने गैंग को एके- 47 रायफल और नाइन एमएम के पिस्टल की सप्लाई देने का वादा किया था। लेकिन रकम लेने के बावजूद वह हथियारों की सप्लाई नहीं दे पा रहे थे। मुनीर ने पुलिस को बताया है कि तंजील ने कई बार गैंग को हथियार और कारतूस दिए थे।
उन्हाेंने कहा था कि एनआईए में होने के नाते वह एके-47 आसानी से उपलब्ध करा देंगे। लेकिन वह इस वादे को पूरा नहीं कर पा रहे थे। उधर, उनकी डिमांड लगातार बढ़ती जा रही थीं। हर घटना के बाद वह मोटा हिस्सा ले लेते थे। मुनीर ने पुलिस से दावा किया है कि तंजील के लिंक कई दूसरे खतरनाक गैंगों से भी थे।
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मुनीर ने पुलिस अफसरों को बताया है कि दिल्ली में बैंक की कैश वैन से 1.5 करोड़ रुपये और धामपुर बैंक से 91 लाख रुपये की लूट में से 1.12 करोड़ रुपये उसने तंजील को दिए थे। बदले में डीएसपी तंजील गैंग को अत्याधुनिक हथियार और वारदात के बाद बचकर भागने के लिए सुरक्षित कवर मुहैय्या कराते थे।
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बिजनौर जिले के स्योहारा थाना क्षेत्र में सहसपुर निवासी एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद की दो अप्रैल को आधी रात सहसपुर के पास गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें आटोमैटिक हथियारों से 20 गोलियां मारी थीं। एनआईए के डिप्टी एसपी की हत्या से पूरा देश हिल गया था। शुरू में इस हत्या के पीछे आईएसआई का हाथ बताया जा रहा था। लेकिन बाद में पुलिस ने तंजील के ही गांव के कुख्यात शूटर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र मुनीर को हत्या का मास्टरमांइड बताकर वारदात का खुलासा कर दिया था।
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मुनीर के साथियों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। पिछले महीने एसटीएफ ने मुनीर को भी गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया था।
इन दिनों मुनीर पुलिस कस्टडी रिमांड पर है। कोर्ट ने उसे दो अप्रैल से छह अप्रैल तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा है। रिमांड के दौरान डीआईजी ओंकार सिंह समेत पुलिस और एनआईए व एसटीएफ के कई आला अधिकारियों ने तंजील से पूछताछ की है।
सूत्रों का कहना है कि मुनीर ने अभी तक कुल 39 घटनाएं कबूल की हैं। इनमें दिल्ली में दो साल पहले बैंक की कैश बैंक से 1.5 करोड़ रुपये लूटने की घटना भी शामिल है। उसने पुलिस को बताया है कि उसने तमाम घटनाओं में पांच करोड़ से भी ज्यादा कैश लूटा, लेकिन लूट का बड़ा हिस्सा तंजील अहमद रख लेते थे।
‘हम फंस गए थे तंजील ने बचाया था’
मुनीर ने पुलिस को बताया है कि दिल्ली में एटीएम में रकम डालने जा रही बैंक की कैश वैन को लूटने के दौरान वह और उसके साथी दिल्ली में ही डेरा डाले थे। वारदात से पहले उन्होंने दो फ्लैट इस्तेमाल किए। एक फ्लैट पर खुद रहे जबकि दूसरे पर असलहे और दूसरा सामान रखते थे। वैन से 1.5 करोड़ रुपये लूटने के बाद वह सुरक्षित निकल आए थे। लेकिन फ्लैट पर कुछ ऐसा सामान छूट गया था जो उन्हें फंसा सकता था।
ऐसे में तंजील से उन्होंने मदद ली। तंजील ने वो हथियार और बाकी सामान फ्लैट से हटा दिया। तंजील को इस पूरी घटना की जानकारी थी और उन्होंने गैंग को पूरा बैकअप दिया था। बदले में उन्हें 90 लाख रुपये दिए गए थे। इसी तरह धामपुर की बैंक लूट में गैंग के हाथ कुल 91 लाख रुपये लगे थे। तंजील को इस रकम में से 22 लाख रुपये दिए गए थे।
एके - 47 और नाइन एमएम पिस्टल देने थे
पुलिस पूछताछ में मुनीर ने कबूला है कि एनआई के डिप्टी एसपी तंजील अहमद ने गैंग को एके- 47 रायफल और नाइन एमएम के पिस्टल की सप्लाई देने का वादा किया था। लेकिन रकम लेने के बावजूद वह हथियारों की सप्लाई नहीं दे पा रहे थे। मुनीर ने पुलिस को बताया है कि तंजील ने कई बार गैंग को हथियार और कारतूस दिए थे।
उन्हाेंने कहा था कि एनआईए में होने के नाते वह एके-47 आसानी से उपलब्ध करा देंगे। लेकिन वह इस वादे को पूरा नहीं कर पा रहे थे। उधर, उनकी डिमांड लगातार बढ़ती जा रही थीं। हर घटना के बाद वह मोटा हिस्सा ले लेते थे। मुनीर ने पुलिस से दावा किया है कि तंजील के लिंक कई दूसरे खतरनाक गैंगों से भी थे।