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नाले में डूबने से रेल कर्मचारी की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Sat, 07 Jul 2018 03:00 AM IST
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death
- फोटो : file photo
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लाइनपार में रहने वाले एक रेल कर्मचारी का शव मनोकामना मंदिर के पास नाले में शुक्रवार को पड़ा मिला है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया है। परिजनों को सूचना दी गई है। वह एटा के रहने वाले हैं, शव की शिनाख्त के लिए मुरादाबाद बुलाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि एटा से आकर परिजन शव देख लेंगे इसके बाद ही आधिकारिक पुष्टि की जा सकेगी कि मृतक रेल कर्मचारी ही था।
एसएचओ सिविल लाइन अजीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह आठ बजे मनोकामना मंदिर के पास चाय बेचने वाले राजू ने नाले में शव पड़ा देखा तो पुलिस को सूचना दी। सिविल लाइन पुलिस ने शव को नाले से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उसकी जेब से एक पर्ची मिली, जिस पर मोहर सिंह पुत्र महराज सिंह लिखा था। शव की फोटो लेकर पुलिस की एक टीम उसकी पहचान में जुटी। एक जूस विक्रेता ने शव की पहचान रेल कर्मचारी मोहर सिंह के रूप में की, उसे लाइनपार का रहने वाला बताया।
पुलिस की टीम लाइनपार पहुंची तो उसे मोहर सिंह के बेटे भोले का मोबाइल नंबर मिला है। पुलिस ने मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो पता चला कि मोहर सिंह एटा के ग्वाला खेड़ा का रहने वाला था। परिवार एटा में ही रहता है। शव की फोटो देखकर भोले ने बताया कि फोटो उनके पिता मोहर सिंह का ही है।
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मुरादाबाद में रहने वाले उनके जानकारों रेल कर्मचारियों ने भी शव की पहचान कर ली है। एक सप्ताह पहले रेलवे अस्पताल के पीछे भी नाले में एक युवक का शव बरामद हुआ था, अब तक उस युवक के शव की पहचान नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नाले में डूबने से युवक की मौत की पुष्टि हुई थी। पुलिस का कहना है कि शव की पहचान के प्रयास जारी हैं।
भोले ने बताया कि तीन तारीख को आखिरी बार फोन कर उनके पिता मोहर ने बात की थी। बताया था कि आंखों का चेकअप रेलवे अस्पताल में करवाया है, डॉक्टर ने बताया कि आंखों का आपरेशन करना है। इसके लिए उनके पास रुपये भी नहीं है। खर्च के लिए भी उनके पास रुपये नहीं थे, पत्नी की मौत के बाद से वह ड्यूटी से भी अनुपस्थित चल रहे थे। भोले ने बताया कि वह शनिवार सुबह तक मुरादाबाद आ जाएगा।
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एसएचओ सिविल लाइन अजीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह आठ बजे मनोकामना मंदिर के पास चाय बेचने वाले राजू ने नाले में शव पड़ा देखा तो पुलिस को सूचना दी। सिविल लाइन पुलिस ने शव को नाले से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उसकी जेब से एक पर्ची मिली, जिस पर मोहर सिंह पुत्र महराज सिंह लिखा था। शव की फोटो लेकर पुलिस की एक टीम उसकी पहचान में जुटी। एक जूस विक्रेता ने शव की पहचान रेल कर्मचारी मोहर सिंह के रूप में की, उसे लाइनपार का रहने वाला बताया।
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पुलिस की टीम लाइनपार पहुंची तो उसे मोहर सिंह के बेटे भोले का मोबाइल नंबर मिला है। पुलिस ने मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो पता चला कि मोहर सिंह एटा के ग्वाला खेड़ा का रहने वाला था। परिवार एटा में ही रहता है। शव की फोटो देखकर भोले ने बताया कि फोटो उनके पिता मोहर सिंह का ही है।
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मुरादाबाद में रहने वाले उनके जानकारों रेल कर्मचारियों ने भी शव की पहचान कर ली है। एक सप्ताह पहले रेलवे अस्पताल के पीछे भी नाले में एक युवक का शव बरामद हुआ था, अब तक उस युवक के शव की पहचान नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नाले में डूबने से युवक की मौत की पुष्टि हुई थी। पुलिस का कहना है कि शव की पहचान के प्रयास जारी हैं।
भोले ने बताया कि तीन तारीख को आखिरी बार फोन कर उनके पिता मोहर ने बात की थी। बताया था कि आंखों का चेकअप रेलवे अस्पताल में करवाया है, डॉक्टर ने बताया कि आंखों का आपरेशन करना है। इसके लिए उनके पास रुपये भी नहीं है। खर्च के लिए भी उनके पास रुपये नहीं थे, पत्नी की मौत के बाद से वह ड्यूटी से भी अनुपस्थित चल रहे थे। भोले ने बताया कि वह शनिवार सुबह तक मुरादाबाद आ जाएगा।