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जाली करेंसी की तस्करी में धरा गया मदरसा शिक्षक
ब्यूरो/ अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Mon, 01 Jun 2015 06:48 PM IST
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डिलारी के तुमड़िया गांव में स्थित गुलसने कादिरी मदरसा का शिक्षक जियाउल हसन उर्फ जी हसन जाली करेंसी का तस्कर निकला। पुलिस ने रविवार को मदरसा शिक्षक और उसके लिए काम करने वाले एक एजेंट को 30 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ धर दबोचा। पुलिस पूछताछ में मदरसा शिक्षक ने अपने सप्लायर वाजिद का नाम भी उगला है जो उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में जसपुर का रहनेे वाला है।
पुलिस का कहना है कि जाली करेंसी की तस्करी करने वाले इस गैंग के तार नेपाल और बांग्लादेश से जुड़ रहे हैं। बरामद सभी नोट पांच सौ रुपये के हैं। पुलिस ने पिछले दिनों मदरसा शिक्षक के भांजे को भी 75 हजार रुपये के जाली नोटों समेत गिरफ्तार किया था। एसपी देहात प्रबल प्रताप सिंह और एएसपी रोहित कुमार ने रविवार को प्र्रेस कांफ्रेंस करके इस गैंग का खुलासा किया।
भगतपुर पुलिस ने 27 मई को 75 हजार रुपये के जाली नोटों के साथ नाजिम पुत्र नाजिर निवासी लखनपुर मिलक थाना भगतपुर को गिरफ्तार किया था। इसी मामले की तफ्तीश करते हुए पुलिस के हाथ नाजिम के मामा डिलारी थाना क्षेत्र में तुमड़िया स्थित मदरसे के शिक्षक जियाउल हसन तक पहुंचे। पुलिस ने रविवार को जियाउल हसन पुत्र मेहंदी हसन निवासी मासूमपुर थाना डिलारी और उसके एजेंट नजाकत पुत्र शराफत निवासी उदमावाला थाना भगतपुर को 500- 500 रुपये के साठ नकली नोटों के साथ गिरफ्तार कर लिया।
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एसपी देहात ने बताया कि मदरसा शिक्षक जियाउल हसन अपने एजेंट नजाकत के जरिए गांव देहात के बाजारों और पैंठ में नकली नोट चलवाता था। एक - एक दो - दो करके ये नोट मजदूरों से बाजारों में खपाए जाते थे ताकि किसी को शक न हो। नजाकत भी मजदूूर है। ये जाली नोट छोटी मोटी दुकानों पर चलाए जाते थे ताकि जाली करेंसी को सहजता से खपाया जा सके। मदरसा शिक्षक ने बताया कि उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में जसपुर निवासी उसका दोस्त वाजिद उसे नकली नोट लाकर देता था।
एक लाख रुपये के नकली नोट के बदले उसे 50 हजार रुपये देने होते थे। पुलिस के मुताबिक वाजिद पिछले कई सालों से जाली करेंसी के खेल में लगा है। उसके लिंक नेपाल और बंगाल से भी हैं। एक साल पहले वाजिद ऊधम सिंह नगर में जाली करेंसी की मोटी खेप के साथ पकड़ा गया था। वह लाखों रुपये मजदूरों, महिलाओं और नवयुवकों के माध्यम से बाजार में चलवा चुका है। पुलिस के मुताबिक इस गैंग के तार पाकिस्तान से भी जुड़ रहे हैं जिसकी संजीदगी से जांच की जा रही है।
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पुलिस का कहना है कि जाली करेंसी की तस्करी करने वाले इस गैंग के तार नेपाल और बांग्लादेश से जुड़ रहे हैं। बरामद सभी नोट पांच सौ रुपये के हैं। पुलिस ने पिछले दिनों मदरसा शिक्षक के भांजे को भी 75 हजार रुपये के जाली नोटों समेत गिरफ्तार किया था। एसपी देहात प्रबल प्रताप सिंह और एएसपी रोहित कुमार ने रविवार को प्र्रेस कांफ्रेंस करके इस गैंग का खुलासा किया।
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भगतपुर पुलिस ने 27 मई को 75 हजार रुपये के जाली नोटों के साथ नाजिम पुत्र नाजिर निवासी लखनपुर मिलक थाना भगतपुर को गिरफ्तार किया था। इसी मामले की तफ्तीश करते हुए पुलिस के हाथ नाजिम के मामा डिलारी थाना क्षेत्र में तुमड़िया स्थित मदरसे के शिक्षक जियाउल हसन तक पहुंचे। पुलिस ने रविवार को जियाउल हसन पुत्र मेहंदी हसन निवासी मासूमपुर थाना डिलारी और उसके एजेंट नजाकत पुत्र शराफत निवासी उदमावाला थाना भगतपुर को 500- 500 रुपये के साठ नकली नोटों के साथ गिरफ्तार कर लिया।
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एसपी देहात ने बताया कि मदरसा शिक्षक जियाउल हसन अपने एजेंट नजाकत के जरिए गांव देहात के बाजारों और पैंठ में नकली नोट चलवाता था। एक - एक दो - दो करके ये नोट मजदूरों से बाजारों में खपाए जाते थे ताकि किसी को शक न हो। नजाकत भी मजदूूर है। ये जाली नोट छोटी मोटी दुकानों पर चलाए जाते थे ताकि जाली करेंसी को सहजता से खपाया जा सके। मदरसा शिक्षक ने बताया कि उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में जसपुर निवासी उसका दोस्त वाजिद उसे नकली नोट लाकर देता था।
एक लाख रुपये के नकली नोट के बदले उसे 50 हजार रुपये देने होते थे। पुलिस के मुताबिक वाजिद पिछले कई सालों से जाली करेंसी के खेल में लगा है। उसके लिंक नेपाल और बंगाल से भी हैं। एक साल पहले वाजिद ऊधम सिंह नगर में जाली करेंसी की मोटी खेप के साथ पकड़ा गया था। वह लाखों रुपये मजदूरों, महिलाओं और नवयुवकों के माध्यम से बाजार में चलवा चुका है। पुलिस के मुताबिक इस गैंग के तार पाकिस्तान से भी जुड़ रहे हैं जिसकी संजीदगी से जांच की जा रही है।