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हथकड़ी से बांधकर बरसाए लात-घूंसे
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Mon, 19 Sep 2016 02:00 AM IST
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युवक को रस्सी से बांध दिया गया।
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी पुलिस का एक और कारनामा सामने आया है। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे पीड़ित को शांति भंग का आरोपी बना दिया। यही नहीं मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाने के बाद कटघर थाना पुलिस के दो सिपाहियों ने उस पर जमकर लात घूंसे बरसाए।
हथकड़ी लगे युवक को मेडिकल के बाद पीटते हुए इमरजेंसी से गेट तक लाया गया। यहां भीड़ लग जाने के बाद दोनों सिपाही युवक को अपनी बाइक पर बैठाकर ले गए। कटघर थाना क्षेत्र के गांव ढेहरी निवासी महेंद्र पुत्र रामगोपाल रविवार को बिलारी से मुरादाबाद आ रहा था।
इस दौरान उसका कुछ सामान गाड़ी में ही छूट गया। बाद में वह सामान की गुमशुदगी दर्ज कराने थाना कटघर पहुंचा। जहां पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए उल्टे ही महेंद्र का शांतिभंग में चालान कर दिया। शाम चार बजे के करीब मेडिकल कराने के लिए सिपाही अजय अपने साथ ही के साथ महेंद्र को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
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जहां इमरजेंसी में तैनात ईएमओ डा. एसएस कक्कड़ ने उसका मेडिकल किया। इस दौरान वह अपने को बेगुनाह बताता रहा। मेडिकल कराने के बाद दोनों सिपाही महेंद्र पर टूट पड़े। लात घूंसे बरसाने लगे।
कंट्रोल रूम से उसे पीटते हुए इमरजेंसी गेट तक लाए। इस बीच उसकी पिटाई के लिए एक सिपाही ने अपनी बेल्ट तक खोलने की कोशिश की। इस दौरान महेंद्र गेट पर खड़े लोगों से बचाने की गुहार लगाई।
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हथकड़ी लगे युवक को मेडिकल के बाद पीटते हुए इमरजेंसी से गेट तक लाया गया। यहां भीड़ लग जाने के बाद दोनों सिपाही युवक को अपनी बाइक पर बैठाकर ले गए। कटघर थाना क्षेत्र के गांव ढेहरी निवासी महेंद्र पुत्र रामगोपाल रविवार को बिलारी से मुरादाबाद आ रहा था।
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इस दौरान उसका कुछ सामान गाड़ी में ही छूट गया। बाद में वह सामान की गुमशुदगी दर्ज कराने थाना कटघर पहुंचा। जहां पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए उल्टे ही महेंद्र का शांतिभंग में चालान कर दिया। शाम चार बजे के करीब मेडिकल कराने के लिए सिपाही अजय अपने साथ ही के साथ महेंद्र को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
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जहां इमरजेंसी में तैनात ईएमओ डा. एसएस कक्कड़ ने उसका मेडिकल किया। इस दौरान वह अपने को बेगुनाह बताता रहा। मेडिकल कराने के बाद दोनों सिपाही महेंद्र पर टूट पड़े। लात घूंसे बरसाने लगे।
कंट्रोल रूम से उसे पीटते हुए इमरजेंसी गेट तक लाए। इस बीच उसकी पिटाई के लिए एक सिपाही ने अपनी बेल्ट तक खोलने की कोशिश की। इस दौरान महेंद्र गेट पर खड़े लोगों से बचाने की गुहार लगाई।