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घोटालों के आरोपों में घिरा मेटल हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Nov 2017 12:24 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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हस्तशिल्प कारोबार को बढ़ावा देने के लिए 33 वर्ष पहले स्थापित किया गया मेटल हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर घोटालों के आरोपों में घिर गया है। केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपये का अनुदान इस सेंटर को दिया गया। आरोप है कि मुरादाबाद की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री को इस सेंटर का लाभ नहीं मिला।
कुछ दिन पूर्व वस्त्र मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने यहां निरीक्षण किया तो तमाम खामियां मिलीं, जिसके बाद सेंटर में अब तक किए गए खर्च का ऑडिट करने के निर्देश दिए थे। अब प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत पहुंची है। बताया जाता है कि जल्द ही जांच शुरू हो सकती है।
मुरादाबाद के हस्तशिल्प कारोबार की दुनिया में अलग पहचान है। वर्ष 1983-84 में रामपुर रोड पर केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय ने मेटल हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर की स्थापना की। इसका उद्देश्य हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण देकर उनकी प्रतिभा को विश्व स्तर पर पहचान दिलाना था। प्रत्येक वर्ष वस्त्र मंत्रालय ने सेंटर को करोड़ों रुपये का अनुदान दिया।
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आरोप है कि यहां के हस्तशिल्प कारोबार को सेंटर की योजना के अनुरूप लाभ नहीं मिला। केंद्र में सरकार बदलने के बाद सेंटर में घोटाले के आरोप लगाते हुए शिकायतें पीएमओ तक पहुंचनी शुरू हो गईं।
गत 6 नवंबर को वस्त्र मंत्रालय के संयुक्त सचिव (वित्त) जेके दादू ने सेंटर का जायजा लिया, जिसमें कई गड़बड़ियां उजागर हुई। दादू ने सेंटर के महाप्रबंधक रविंद्र शर्मा से नाराजगी जताते हुए केंद्र सरकार से टीम भेजकर अब तक के खर्च का ऑडिट कराने के निर्देश दिए थे।
ऑल इंडिया हैंडीक्राफ्ट बोर्ड के पूर्व सदस्य आजम अंसारी और हस्तशिल्पियों ने दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की है, जिसमें सेंटर पर खर्च का शीघ्र ऑडिट कराने की मांग की है। बताया जाता है कि केंद्र और प्रदेश की सरकारें मुरादाबाद के हस्तशिल्प कारोबार को लेकर गंभीर है।
जल्द ही सेंटर का ऑडिट होने के साथ हस्तशिल्प कारोबार को दी जा रही अन्य सुविधाओं की जांच भी हो सकती है। इस संबंध में महाप्रबंधक रविंद्र शर्मा से काफी प्रयास के बाद भी बात नहीं हो सकी।
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कुछ दिन पूर्व वस्त्र मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने यहां निरीक्षण किया तो तमाम खामियां मिलीं, जिसके बाद सेंटर में अब तक किए गए खर्च का ऑडिट करने के निर्देश दिए थे। अब प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत पहुंची है। बताया जाता है कि जल्द ही जांच शुरू हो सकती है।
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मुरादाबाद के हस्तशिल्प कारोबार की दुनिया में अलग पहचान है। वर्ष 1983-84 में रामपुर रोड पर केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय ने मेटल हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर की स्थापना की। इसका उद्देश्य हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण देकर उनकी प्रतिभा को विश्व स्तर पर पहचान दिलाना था। प्रत्येक वर्ष वस्त्र मंत्रालय ने सेंटर को करोड़ों रुपये का अनुदान दिया।
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आरोप है कि यहां के हस्तशिल्प कारोबार को सेंटर की योजना के अनुरूप लाभ नहीं मिला। केंद्र में सरकार बदलने के बाद सेंटर में घोटाले के आरोप लगाते हुए शिकायतें पीएमओ तक पहुंचनी शुरू हो गईं।
गत 6 नवंबर को वस्त्र मंत्रालय के संयुक्त सचिव (वित्त) जेके दादू ने सेंटर का जायजा लिया, जिसमें कई गड़बड़ियां उजागर हुई। दादू ने सेंटर के महाप्रबंधक रविंद्र शर्मा से नाराजगी जताते हुए केंद्र सरकार से टीम भेजकर अब तक के खर्च का ऑडिट कराने के निर्देश दिए थे।
ऑल इंडिया हैंडीक्राफ्ट बोर्ड के पूर्व सदस्य आजम अंसारी और हस्तशिल्पियों ने दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की है, जिसमें सेंटर पर खर्च का शीघ्र ऑडिट कराने की मांग की है। बताया जाता है कि केंद्र और प्रदेश की सरकारें मुरादाबाद के हस्तशिल्प कारोबार को लेकर गंभीर है।
जल्द ही सेंटर का ऑडिट होने के साथ हस्तशिल्प कारोबार को दी जा रही अन्य सुविधाओं की जांच भी हो सकती है। इस संबंध में महाप्रबंधक रविंद्र शर्मा से काफी प्रयास के बाद भी बात नहीं हो सकी।