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एनसीआर से लाकर जलाया जा रहा कचरा
Updated Sat, 17 Nov 2018 02:08 AM IST
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मुरादाबाद।
एनजीटी की सख्ती के बाद मुरादाबाद को मेडिकल और कंपनियों के कचरे को जलाने का सुरक्षित स्थान बना लिया है। शहर से करीब एक किलोमीटर दूर शराफत नगर में छह महीने से इस कचरे को डंप करके जलाया जा रहा है। जिसकी वजह से आसपास के लोगों का जीना दूभर हो गया है। वहीं के नजदीकी एक स्कूल में इस धुएं की वजह से छुट्टी कर दी गई है।
प्रदूषण बढ़ने के कारण एनजीटी ने फैक्ट्री और मेडिकल कचरे को देशभर में जलाने पर रोक लगा दी है। वहीं प्रदूषण अधिक होने के कारण एनसीआर क्षेत्र में इसे जलाने पर निगरानी बढ़ा दी गई है। इसी का परिणाम है कि वहां के ठेकेदार इस कचरे को छह महीने से मुरादाबाद के बाहरी इलाके में लाकर जला रहे हैं। पहले यहां पर कम कचरा लाया जा रहा था लेकिन अब तो ट्रकों में भर कर डाला जा रहा है। ठेकेदार के लोग रात में उस कचरे में आग लगा देते हैं। रामगंगा के किनारे निगरानी बढ़ने पर हरथला से लोधीपुर क्षेत्र के जंगलों में सात-आठ जगह कूड़ा डंप कर तीन स्थानों पर यह कचरा जलाया जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को कचरे में एनसीआर के पते वाली पालीथिन भी मिली हैं। इसके अलावा अगवानपुर क्षेत्र के पेपर मिल का पोली-वेस्ट भी यहां पर पड़ा मिला है। आसपास के लोगों का कहना है कि एनसीआर के नंबर वाले वाहनाें में भरकर कचरा भी यहां लाया जाता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पर्यावरण वैज्ञानिक वीएस राजपूत का कहना है कि एनजीटी की सख्ती के बाद माफिया का यह नया ठिकाना हो सकता है। इस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी की फुटेज के आधार पर कचरा लाने वाली गाड़ियों के नंबर पता करने का प्रयास किया जा रहा है।
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एनजीटी की सख्ती के बाद मुरादाबाद को मेडिकल और कंपनियों के कचरे को जलाने का सुरक्षित स्थान बना लिया है। शहर से करीब एक किलोमीटर दूर शराफत नगर में छह महीने से इस कचरे को डंप करके जलाया जा रहा है। जिसकी वजह से आसपास के लोगों का जीना दूभर हो गया है। वहीं के नजदीकी एक स्कूल में इस धुएं की वजह से छुट्टी कर दी गई है।
प्रदूषण बढ़ने के कारण एनजीटी ने फैक्ट्री और मेडिकल कचरे को देशभर में जलाने पर रोक लगा दी है। वहीं प्रदूषण अधिक होने के कारण एनसीआर क्षेत्र में इसे जलाने पर निगरानी बढ़ा दी गई है। इसी का परिणाम है कि वहां के ठेकेदार इस कचरे को छह महीने से मुरादाबाद के बाहरी इलाके में लाकर जला रहे हैं। पहले यहां पर कम कचरा लाया जा रहा था लेकिन अब तो ट्रकों में भर कर डाला जा रहा है। ठेकेदार के लोग रात में उस कचरे में आग लगा देते हैं। रामगंगा के किनारे निगरानी बढ़ने पर हरथला से लोधीपुर क्षेत्र के जंगलों में सात-आठ जगह कूड़ा डंप कर तीन स्थानों पर यह कचरा जलाया जा रहा है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को कचरे में एनसीआर के पते वाली पालीथिन भी मिली हैं। इसके अलावा अगवानपुर क्षेत्र के पेपर मिल का पोली-वेस्ट भी यहां पर पड़ा मिला है। आसपास के लोगों का कहना है कि एनसीआर के नंबर वाले वाहनाें में भरकर कचरा भी यहां लाया जाता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पर्यावरण वैज्ञानिक वीएस राजपूत का कहना है कि एनजीटी की सख्ती के बाद माफिया का यह नया ठिकाना हो सकता है। इस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी की फुटेज के आधार पर कचरा लाने वाली गाड़ियों के नंबर पता करने का प्रयास किया जा रहा है।
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