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दहेज हत्या में पति को दस साल की कैद
Updated Tue, 20 Nov 2018 02:23 AM IST
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मुरादाबाद।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकांत शुक्ल की अदालत ने बिलारी के दो साल पुराने दहेज हत्या के मामले में मुलजिम पति को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने बताया कि बिलारी के स्यौंडारा निवासी ममता की शादी दिनेश निवासी मिट्ठनपुर के साथ शादी हुई थी। ममता की ताई रेखा ने एक सितंबर 2016 को दिनेश, उसकी मां हर प्यारी और भाई मित्रपाल के खिलाफ महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें रेखा ने बताया था कि आरोपियों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर 26 अगस्त 2016 को ममता पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दी थी। दिल्ली के सफदर जंग अस्पताल में ममता की मौत हो गई थी। मृत्यु पूर्व ममता ने बयान दिए थे। जिसमें पति पर आग लगाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने तफ्तीश पूरी करने के बाद आरोपी पति के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले मेें की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकांत शुक्ल की अदालत में चली। सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने पक्ष रख और मुलजिम पति को कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। इस मामले में बारह लोगों की गवाही हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम पति दिनेश को दहेज हत्या में दोषी करार दिया और उसे दस साल की कैद की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकांत शुक्ल की अदालत ने बिलारी के दो साल पुराने दहेज हत्या के मामले में मुलजिम पति को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने बताया कि बिलारी के स्यौंडारा निवासी ममता की शादी दिनेश निवासी मिट्ठनपुर के साथ शादी हुई थी। ममता की ताई रेखा ने एक सितंबर 2016 को दिनेश, उसकी मां हर प्यारी और भाई मित्रपाल के खिलाफ महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें रेखा ने बताया था कि आरोपियों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर 26 अगस्त 2016 को ममता पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दी थी। दिल्ली के सफदर जंग अस्पताल में ममता की मौत हो गई थी। मृत्यु पूर्व ममता ने बयान दिए थे। जिसमें पति पर आग लगाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने तफ्तीश पूरी करने के बाद आरोपी पति के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले मेें की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकांत शुक्ल की अदालत में चली। सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने पक्ष रख और मुलजिम पति को कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। इस मामले में बारह लोगों की गवाही हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम पति दिनेश को दहेज हत्या में दोषी करार दिया और उसे दस साल की कैद की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया।
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