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निगम में एक और टैक्स घोटाला उजागर
Updated Wed, 12 Sep 2018 03:04 AM IST
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मुरादाबाद।
20.5 करोड़ रुपये के टैक्स घोटाले को लेकर सुर्खियों में रहे नगर निगम में अब एक और टैक्स घोटाला सामने आया है। कर निरीक्षकों को टैक्स वसूली के लिए दी गई 60 बिल बुक गायब हैं। इसका खुलासा होते ही निगम में हड़कंप मचा है। बोर्ड बैठक में हंगामे के बाद कर निरीक्षकों से उन्हें जारी की गई बिल बुक और उन पर वसूली गई रकम तुरंत निगम के खजाने में जमा कराने को कहा गया है। लाखों रुपये के टैक्स घोटाले की आशंका में नगर आयुक्त ने जांच बैठा दी है। गायब बिल बुक एक साल पहले जारी की गई थीं।
शहर से गृह कर और जल कर की वसूली के लिए नगर निगम की ओर से राजस्व निरीक्षकों को बिल बुक जारी की जाती हैं। टैक्स वसूलने के बाद इन्हीं बिल बुक से निगम के बाबू और कर निरीक्षक लोगों को रसीद देते हैं। अब पता चला है कि निगम के कर निरीक्षकों ने एक साल पहले ली 60 बिल बुक निगम में जमा ही नहीं कीं। इस खुलासे से निगम में हड़कंप है। 60 बिल बुक में 6000 रसीदें थीं। इन रसीदों पर शहर से कितना टैक्स वसूला गया इसका कोई हिसाब निगम के पास नहीं है। यह रकम निगम के खजाने में जमा भी नहीं कराई गई है। पिछले दिनों नगर निगम के लेखा विभाग ने जांच के लिए बिल बुक जमा कराने को कहा तो उनकी सीरियल से तलाश की गई। अफसरों को पता चला कि 60 बिल बुक गायब हैं। नगर आयुक्त अवनीश शर्मा ने संबंधित कर निरीक्षकों को तुरंत बिल बुक और वसूली रकम जमा कराने के आदेश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है। बोर्ड बैठक में मामला उठने के बाद नगर आयुक्त और महापौर ने इसमें कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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20.5 करोड़ रुपये के टैक्स घोटाले को लेकर सुर्खियों में रहे नगर निगम में अब एक और टैक्स घोटाला सामने आया है। कर निरीक्षकों को टैक्स वसूली के लिए दी गई 60 बिल बुक गायब हैं। इसका खुलासा होते ही निगम में हड़कंप मचा है। बोर्ड बैठक में हंगामे के बाद कर निरीक्षकों से उन्हें जारी की गई बिल बुक और उन पर वसूली गई रकम तुरंत निगम के खजाने में जमा कराने को कहा गया है। लाखों रुपये के टैक्स घोटाले की आशंका में नगर आयुक्त ने जांच बैठा दी है। गायब बिल बुक एक साल पहले जारी की गई थीं।
शहर से गृह कर और जल कर की वसूली के लिए नगर निगम की ओर से राजस्व निरीक्षकों को बिल बुक जारी की जाती हैं। टैक्स वसूलने के बाद इन्हीं बिल बुक से निगम के बाबू और कर निरीक्षक लोगों को रसीद देते हैं। अब पता चला है कि निगम के कर निरीक्षकों ने एक साल पहले ली 60 बिल बुक निगम में जमा ही नहीं कीं। इस खुलासे से निगम में हड़कंप है। 60 बिल बुक में 6000 रसीदें थीं। इन रसीदों पर शहर से कितना टैक्स वसूला गया इसका कोई हिसाब निगम के पास नहीं है। यह रकम निगम के खजाने में जमा भी नहीं कराई गई है। पिछले दिनों नगर निगम के लेखा विभाग ने जांच के लिए बिल बुक जमा कराने को कहा तो उनकी सीरियल से तलाश की गई। अफसरों को पता चला कि 60 बिल बुक गायब हैं। नगर आयुक्त अवनीश शर्मा ने संबंधित कर निरीक्षकों को तुरंत बिल बुक और वसूली रकम जमा कराने के आदेश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है। बोर्ड बैठक में मामला उठने के बाद नगर आयुक्त और महापौर ने इसमें कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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