{"_id":"5c268373bdec22571463da22","slug":"181546027891-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अशरफ की वापसी को परिजनों ने भारतीय दूतावास को ईमेल भेजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अशरफ की वापसी को परिजनों ने भारतीय दूतावास को ईमेल भेजा
Sat, 29 Dec 2018 01:41 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sat, 29 Dec 2018 01:41 AM IST
विज्ञापन
भारतीय दूतावास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुगलपुरा की अशरफ जहां को मुक्त कराने के लिए परिजनों ने अब सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास को ईमेल भेजकर रिहा कराने की पहल शुरू कर दी है। इस बारे में अशरफ के दामाद आसिफ ने सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास को ईमेल भेजा है, जिसमें अशरफ को मुक्त कराने का अनुरोध किया गया है। इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीट कर मदद का आग्रह किया गया था।
पीड़ित परिवार की ओर से सोशल मीडिया के जरिए लोगों से अपील की है कि वह भी उनके संदेश को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तक पहुंचाएं। जिससे कि अशरफ जहां की वतन वापसी हो सके।
अशरफ के दामाद आसिफ का कहना है कि विदेश मंत्री, प्रधानमंत्री तथा अन्य को ट्वीट कर वापस कराने में मदद मांगी थी। लेकिन अब तक जवाब नहीं मिला है।
जामा मस्जिद के पास रहने वाली अशरफ जहां (45) ढाई साल पहले नौकरी के लिए सऊदी अरब गईं थीं। वहां उन्हें घरेलू सहायिका की नौकरी मिली। जब वीजा की समय सीमा खत्म हो गई तो उनको वापस भारत भेजने के बजाय घर के मालिक ने कार में बैठाकर एक सुनसान जगह ले जाकर सड़क पर अकेला छोड़ दिया था।
विज्ञापन
मदद के लिए अशरफ जहां सऊदी अरब में पुलिस के पास गईं। वहां की पुलिस ने उनको शेल्टर होम भेजा। शेल्टर होम संचालक की जिम्मेदारी थी कि वह वापस उनके घर तक पहुंचाने में मदद करे लेकिन उसने अशरफ को बंधक बना लिया।
विज्ञापन
पीड़ित परिवार की ओर से सोशल मीडिया के जरिए लोगों से अपील की है कि वह भी उनके संदेश को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तक पहुंचाएं। जिससे कि अशरफ जहां की वतन वापसी हो सके।
विज्ञापन
अशरफ के दामाद आसिफ का कहना है कि विदेश मंत्री, प्रधानमंत्री तथा अन्य को ट्वीट कर वापस कराने में मदद मांगी थी। लेकिन अब तक जवाब नहीं मिला है।
जामा मस्जिद के पास रहने वाली अशरफ जहां (45) ढाई साल पहले नौकरी के लिए सऊदी अरब गईं थीं। वहां उन्हें घरेलू सहायिका की नौकरी मिली। जब वीजा की समय सीमा खत्म हो गई तो उनको वापस भारत भेजने के बजाय घर के मालिक ने कार में बैठाकर एक सुनसान जगह ले जाकर सड़क पर अकेला छोड़ दिया था।
विज्ञापन
मदद के लिए अशरफ जहां सऊदी अरब में पुलिस के पास गईं। वहां की पुलिस ने उनको शेल्टर होम भेजा। शेल्टर होम संचालक की जिम्मेदारी थी कि वह वापस उनके घर तक पहुंचाने में मदद करे लेकिन उसने अशरफ को बंधक बना लिया।