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घटिया खाना परोसने वाली एनजीओ पर कसेगा शिकंजा
Updated Sun, 12 Aug 2018 02:04 AM IST
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मुरादाबाद।
स्कूलों में नौनिहालों को मिड डे मील का खाना परोसने वाली एनजीओ की मनमानी नहीं चलेगी। स्कूलों में घटिया भोजन वितरण की शिकायत पर जिला प्रशासन के आदेश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने एनजीओ की जांच शुरू करवा दी है। सभी स्कूलों से मिड डे मील भोजन वितरण की रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें अनियमितताएं मिलने पर एनजीओ को काली सूची में डालकर रिकवरी की जाएगी।
मुरादाबाद जिले में ग्रामीण इलाकों में बच्चों को मिड डे मील का खाना भोजन माताओं के माध्यम से खिलाया जाता है। जबकि शहरी और नगर पंचायत क्षेत्रों में पांच एनजीओ द्वारा भोजन परोसा जाता है। एनजीओ के भोजन वितरण में कई अनियमितताओं की शिकायत है। बच्चों को रोस्टर से खाना नहीं बांटा जाता है। जहां बांटा जाता है उसकी गुणवत्ता खराब है। लगातार शिकायतों पर बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी औचक निरीक्षण कर खाने की गुणवत्ता चेक कर चुके हैं। जिसमें तमाम खामियां मिली हैं।
लगातार शिकायतों पर जिलाधिकारी ने एनजीओ पर शिकंजा कसने के आदेश जारी कर दिए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट तलब की है। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी स्कूलों से मिड डे मील के खाने की रिपोर्ट मांगी जाए। खाने की गुणवत्ता, रोस्टर से खाने का वितरण हो रहा है या नहीं इसकी जांच की जाए। जिन स्कूलों में एनजीओ खाने का वितरण नहीं कर रही है उनसे रिकवरी की जाए और एनजीओ को काली सूची में डाला जाए।
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- जिले में 235 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में पांच एनजीओ के माध्यम से मिड डे मील का वितरण होता है। डीएम के आदेश पर जांच शुरू कर दी है। स्कूलों से रिपोर्ट मांगी गई है। - योगेंद्र कुमार, बीएसए
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स्कूलों में नौनिहालों को मिड डे मील का खाना परोसने वाली एनजीओ की मनमानी नहीं चलेगी। स्कूलों में घटिया भोजन वितरण की शिकायत पर जिला प्रशासन के आदेश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने एनजीओ की जांच शुरू करवा दी है। सभी स्कूलों से मिड डे मील भोजन वितरण की रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें अनियमितताएं मिलने पर एनजीओ को काली सूची में डालकर रिकवरी की जाएगी।
मुरादाबाद जिले में ग्रामीण इलाकों में बच्चों को मिड डे मील का खाना भोजन माताओं के माध्यम से खिलाया जाता है। जबकि शहरी और नगर पंचायत क्षेत्रों में पांच एनजीओ द्वारा भोजन परोसा जाता है। एनजीओ के भोजन वितरण में कई अनियमितताओं की शिकायत है। बच्चों को रोस्टर से खाना नहीं बांटा जाता है। जहां बांटा जाता है उसकी गुणवत्ता खराब है। लगातार शिकायतों पर बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी औचक निरीक्षण कर खाने की गुणवत्ता चेक कर चुके हैं। जिसमें तमाम खामियां मिली हैं।
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लगातार शिकायतों पर जिलाधिकारी ने एनजीओ पर शिकंजा कसने के आदेश जारी कर दिए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट तलब की है। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी स्कूलों से मिड डे मील के खाने की रिपोर्ट मांगी जाए। खाने की गुणवत्ता, रोस्टर से खाने का वितरण हो रहा है या नहीं इसकी जांच की जाए। जिन स्कूलों में एनजीओ खाने का वितरण नहीं कर रही है उनसे रिकवरी की जाए और एनजीओ को काली सूची में डाला जाए।
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- जिले में 235 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में पांच एनजीओ के माध्यम से मिड डे मील का वितरण होता है। डीएम के आदेश पर जांच शुरू कर दी है। स्कूलों से रिपोर्ट मांगी गई है। - योगेंद्र कुमार, बीएसए