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पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण में पढ़ाया गया अध्यात्म का पाठ
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मुरादाबाद।
ड्यूटी के दौरान तनाव की स्थिति हो या फिर पब्लिक के गुस्से का सामना करना हो। पुलिस को हर विषम परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों को डॉ भीमराव आंबेडकर अकादमी में शुक्रवार को पहली बार श्रीमद भागवत गीता का पाठ पढ़ाया गया।
पुलिस अकादमी में कार्यरत पुलिस उपाधीक्षक पीके तिवारी ने बताया कि विषम परिस्थितियों में भी पुलिस सही मार्ग अपनाए, जिससे की पीड़ित को न्याय मिल सके। खुद पुलिसकर्मी भी सच्चाई के मार्ग से न भटकें और किसी प्रकार के लोभ लालच में न पडे़ं। इसके लिए पुलिसकर्मियों को गीता के श्लोक पढ़ाए गए और उनका अनुवाद कर इसकी विस्तृत जानकारी दी गई। इसके लिए शुक्रवार को डा. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी में शुक्रवार को एक घंटे तक प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों और उप निरीक्षकों के लिए सेमिनार आयोजित की गई। विषय था पुलिस विभाग में ‘श्रीमद भागवत गीता की प्रासंगिता’ ये पहली बार हुआ है और भविष्य में नए बैच आने पर भी ऐसा किया जाएगा। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि इससे पुलिसकर्मियों को फायदा मिलेगा।
डीजी ने जारी किया था सर्कु लर
मुरादाबाद। पुलिस उपाधीक्षक पीके तिवारी ने बताया कि डीजी ने प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण के दौरान भागवत गीता का पाठ पढ़ाने के संबंध में सर्कुलर जारी किया था, जिसके बाद डॉ. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी में गीता का पाठ पढ़ाया गया है।
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चकाचौंध भरी जिंदगी की बताई सच्चाई
मुरादाबाद। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि पुलिस अकादमी में करीब तीन सौ पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस उप निरीक्षकों को शुक्रवार को गीता के पाठ पढ़ाए गए। उनको चकाचौंध भरी जिंदगी की सच्चाई की बातें बताई गई। वर्तमान में अध्यात्म से लोगों की दूरी बढ़ती जा रही है। समाज में नैतिक पतन भी हो रहा है। पुलिस कर्मियों के अवसादग्रस्त होने की शिकायतें भी मिलती हैं। कई बार ऐसी स्थिति में पुलिसकर्मी आत्महत्या तक कर लेते हैं। जो कि दुखद है, चकाचौंध भरी जिंदगी से दूर रहने और कर्तव्य के प्रति ईमानदार रहने के लिए पुलिसकर्मियों को गीता के श्लोकों के माध्यम से जानकारी दी गई है।
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ड्यूटी के दौरान तनाव की स्थिति हो या फिर पब्लिक के गुस्से का सामना करना हो। पुलिस को हर विषम परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों को डॉ भीमराव आंबेडकर अकादमी में शुक्रवार को पहली बार श्रीमद भागवत गीता का पाठ पढ़ाया गया।
पुलिस अकादमी में कार्यरत पुलिस उपाधीक्षक पीके तिवारी ने बताया कि विषम परिस्थितियों में भी पुलिस सही मार्ग अपनाए, जिससे की पीड़ित को न्याय मिल सके। खुद पुलिसकर्मी भी सच्चाई के मार्ग से न भटकें और किसी प्रकार के लोभ लालच में न पडे़ं। इसके लिए पुलिसकर्मियों को गीता के श्लोक पढ़ाए गए और उनका अनुवाद कर इसकी विस्तृत जानकारी दी गई। इसके लिए शुक्रवार को डा. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी में शुक्रवार को एक घंटे तक प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों और उप निरीक्षकों के लिए सेमिनार आयोजित की गई। विषय था पुलिस विभाग में ‘श्रीमद भागवत गीता की प्रासंगिता’ ये पहली बार हुआ है और भविष्य में नए बैच आने पर भी ऐसा किया जाएगा। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि इससे पुलिसकर्मियों को फायदा मिलेगा।
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डीजी ने जारी किया था सर्कु लर
मुरादाबाद। पुलिस उपाधीक्षक पीके तिवारी ने बताया कि डीजी ने प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण के दौरान भागवत गीता का पाठ पढ़ाने के संबंध में सर्कुलर जारी किया था, जिसके बाद डॉ. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी में गीता का पाठ पढ़ाया गया है।
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चकाचौंध भरी जिंदगी की बताई सच्चाई
मुरादाबाद। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि पुलिस अकादमी में करीब तीन सौ पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस उप निरीक्षकों को शुक्रवार को गीता के पाठ पढ़ाए गए। उनको चकाचौंध भरी जिंदगी की सच्चाई की बातें बताई गई। वर्तमान में अध्यात्म से लोगों की दूरी बढ़ती जा रही है। समाज में नैतिक पतन भी हो रहा है। पुलिस कर्मियों के अवसादग्रस्त होने की शिकायतें भी मिलती हैं। कई बार ऐसी स्थिति में पुलिसकर्मी आत्महत्या तक कर लेते हैं। जो कि दुखद है, चकाचौंध भरी जिंदगी से दूर रहने और कर्तव्य के प्रति ईमानदार रहने के लिए पुलिसकर्मियों को गीता के श्लोकों के माध्यम से जानकारी दी गई है।