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विरोधियों को फंसाने के लिए पोते ने ही कराई थी बुजुर्ग की हत्या
Updated Tue, 09 Oct 2018 01:24 AM IST
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बहजोई। विरोधियों को फंसाने के लिए पोते ने ही बुजुर्ग की हत्या कराई थी। आरोपी पोते को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा दो हत्यारोपी फरार हैं। एएसपी ने प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया है।
सोमवार को दोपहर पौने दो बजे करीब पुलिस अधीक्षक दफ्तर पर प्रेस कांफ्रेंस कर अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि 29 जून को पोते की ओर से बुजुर्ग रामनिवास शर्मा की हत्या के मामले में आरोपी पोते अंकुर मिश्रा निवासी फत्तेहपुर समशोई को मुखबिर की सूचना पर सोमवार को करीब पौने ग्यारह बजे गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से तमंचा व दो कारतूस बरामद किए गए हैं। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि 19 जून को वह अपने बाबा रामनिवास शर्मा को बाइक पर बैठाकर गांव आलपुर मैथरा से रुपयों का तगादा करके वापस आ रहा था। तभी पीछे से लाल रंग की अपाचे बाइक पर सवार रंजीत के साथ बैठे सौरभ ने उसके बाबा को गोली मार दी और वह मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस को सूचना देकर अपने रंजिशन विरोधी अमित व गौरव के खिलाफ थाना में रिपोर्ट दर्ज करवा दी थी, लेकिन उसके बाबा रामनिवास शर्मा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। एएसपी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाल अमित कुमार समेत उप निरीक्षक वीरेंद्र सिंह व कांस्टेबिल असगर हुसैन शामिल रहे। उन्होंने बताया कि फरार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
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आरोपी पोते ने ही दर्ज कराई थी रिपोर्ट
बहजोई। एएसपी पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस की छानबीन में सामने आया कि 19 जून को पोते अंकुर मिश्रा ने ही अपने साथियों रंजीत व सौरभ के साथ मिलकर बुजुर्ग रामनिवास शर्मा पर गोली चलवाई थी, जिससे कि वह अपने विरोधियों अमित व गौरव को दादा पर जानलेवा हमले में फंसवा सके। अमित व गौरव से अंकुर का विवाद चल रहा था। इसके चलते ही अमित व गौरव को फंसाने के लिए ही 29 जून को अंकुर मिश्रा ने थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी, लेकिन उपचार के दौरान बुजुर्ग रामनिवास शर्मा की मौत हो गई थी।
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सोमवार को दोपहर पौने दो बजे करीब पुलिस अधीक्षक दफ्तर पर प्रेस कांफ्रेंस कर अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि 29 जून को पोते की ओर से बुजुर्ग रामनिवास शर्मा की हत्या के मामले में आरोपी पोते अंकुर मिश्रा निवासी फत्तेहपुर समशोई को मुखबिर की सूचना पर सोमवार को करीब पौने ग्यारह बजे गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से तमंचा व दो कारतूस बरामद किए गए हैं। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि 19 जून को वह अपने बाबा रामनिवास शर्मा को बाइक पर बैठाकर गांव आलपुर मैथरा से रुपयों का तगादा करके वापस आ रहा था। तभी पीछे से लाल रंग की अपाचे बाइक पर सवार रंजीत के साथ बैठे सौरभ ने उसके बाबा को गोली मार दी और वह मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस को सूचना देकर अपने रंजिशन विरोधी अमित व गौरव के खिलाफ थाना में रिपोर्ट दर्ज करवा दी थी, लेकिन उसके बाबा रामनिवास शर्मा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। एएसपी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाल अमित कुमार समेत उप निरीक्षक वीरेंद्र सिंह व कांस्टेबिल असगर हुसैन शामिल रहे। उन्होंने बताया कि फरार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
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आरोपी पोते ने ही दर्ज कराई थी रिपोर्ट
बहजोई। एएसपी पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस की छानबीन में सामने आया कि 19 जून को पोते अंकुर मिश्रा ने ही अपने साथियों रंजीत व सौरभ के साथ मिलकर बुजुर्ग रामनिवास शर्मा पर गोली चलवाई थी, जिससे कि वह अपने विरोधियों अमित व गौरव को दादा पर जानलेवा हमले में फंसवा सके। अमित व गौरव से अंकुर का विवाद चल रहा था। इसके चलते ही अमित व गौरव को फंसाने के लिए ही 29 जून को अंकुर मिश्रा ने थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी, लेकिन उपचार के दौरान बुजुर्ग रामनिवास शर्मा की मौत हो गई थी।
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