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अगवानपुर पथराव: पुलिस कार्रवाई के डर से भूमिगत हुए बवाली-Cordination
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अगवानपुर/कांठ।
शौचालय निर्माण की भूमि को ले पुलिस और तहसील टीम पर पथराव करने वाले आरोपी भूमिगत हो गए हैं। नामजद तो दिखाई दे ही नहीं रहे हैं, मोहल्ले के और भी तमाम लोग इधर उधर चले गए हैं। पुलिस ने इस मामले में छह नामजद समेत 50 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
अगवानपुर में स्टेशन रोड पर खाली पड़े भूखंड के एक हिस्से में नगर पंचायत प्रशासन के द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के तहत सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया जाना था। बृहस्पतिवार को तहसील प्रशासन और नगर पंचायत प्रशासन ने पुलिस को साथ लेकर चयनित भूमि पर निर्माण कार्य प्रारंभ कराए जाने को नींव खुदवाने का कार्य शुरू किया था। इसका शिया समुदाय के लोगों ने विरोध किया। उनका कहना था कि यह कब्रिस्तान वक्फ भूमि है। जबकि प्रशासन इसे ग्राम समाज की भूमि बता रहा था। इसी को ले तकरार हुई और शिया समुदाय के लोगों ने हमला कर दिया। बाद में उन्होंने पुलिस और तहसील टीम पर पथराव कर दिया था। जिसमें होमगार्ड इंद्रजीत सहित दो लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने भाग कर अपनी जान बचाई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी हसन अब्बास, नय्यर, नवाब, दिलावर, इरफान और असगर को नामजद करते हुए करीब पचास अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। कार्रवाई के भय से नामजद तो भूमिगत हो ही गए हैं। पुलिस कार्रवाई के भय से मोहल्ला सादात के तमाम लोग इधर उधर हो गए हैं। राजनीतिक जुगाड़ बाजी में भी कुछ लोग लगे हैं। वहीं पुलिस ने वीडियो में आए कुछ चेहरों की पहचान कर ली है। लोगों में डर है कि पुलिस किसी भी समय दबिश दे सकती है।
दूसरे दिन भी नहीं शुरू हुआ शौचालय निर्माण कार्य
अगवानपुर/कांठ। पुलिस पर पथराव के बाद दूसरे दिन भी चयनीत भूमिपर शौचालयों के निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। शुक्रवार को यहां पर ईट जरूर भिजवाई गई हैं। इसपर किसी ने भी प्रतिक्रिया नहीं जताई है। हालांकि लोग सारा दिन आपस में चर्चाएं करते रहे हैं।
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कस्बे में और भी है कई अवैध कब्जे
अगवानपुर/कांठ। अगवानपुर को करीब दो साल पहले नगर पंचायत का दर्जा मिला था। इससे पहले अगवानपुर मुरादाबाद की सबसे अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में दूसरे नंबर पर थी। ग्राम पंचायत के रहते यहां के बाशिंदे जरूरी सुविधाओं से वंचित थे। ग्राम पंचायत के रहते अगवानपुर में आबादी और खेती की कई कीमती जमीनों पर अवैध कब्जे हुए थे। कुछ पर कब्जा करने वालों ने अपना बचाव करने के लिए न्यायालयों में केस दर्ज करा दिए थे। प्रशासन ने कई बार इन अवैध कब्जों को हटवाए जाने की कोशिश की। लेकिन अवैध कब्जे नहीं हटाए जा सके हैं।
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शौचालय निर्माण की भूमि को ले पुलिस और तहसील टीम पर पथराव करने वाले आरोपी भूमिगत हो गए हैं। नामजद तो दिखाई दे ही नहीं रहे हैं, मोहल्ले के और भी तमाम लोग इधर उधर चले गए हैं। पुलिस ने इस मामले में छह नामजद समेत 50 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
अगवानपुर में स्टेशन रोड पर खाली पड़े भूखंड के एक हिस्से में नगर पंचायत प्रशासन के द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के तहत सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया जाना था। बृहस्पतिवार को तहसील प्रशासन और नगर पंचायत प्रशासन ने पुलिस को साथ लेकर चयनित भूमि पर निर्माण कार्य प्रारंभ कराए जाने को नींव खुदवाने का कार्य शुरू किया था। इसका शिया समुदाय के लोगों ने विरोध किया। उनका कहना था कि यह कब्रिस्तान वक्फ भूमि है। जबकि प्रशासन इसे ग्राम समाज की भूमि बता रहा था। इसी को ले तकरार हुई और शिया समुदाय के लोगों ने हमला कर दिया। बाद में उन्होंने पुलिस और तहसील टीम पर पथराव कर दिया था। जिसमें होमगार्ड इंद्रजीत सहित दो लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने भाग कर अपनी जान बचाई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी हसन अब्बास, नय्यर, नवाब, दिलावर, इरफान और असगर को नामजद करते हुए करीब पचास अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। कार्रवाई के भय से नामजद तो भूमिगत हो ही गए हैं। पुलिस कार्रवाई के भय से मोहल्ला सादात के तमाम लोग इधर उधर हो गए हैं। राजनीतिक जुगाड़ बाजी में भी कुछ लोग लगे हैं। वहीं पुलिस ने वीडियो में आए कुछ चेहरों की पहचान कर ली है। लोगों में डर है कि पुलिस किसी भी समय दबिश दे सकती है।
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दूसरे दिन भी नहीं शुरू हुआ शौचालय निर्माण कार्य
अगवानपुर/कांठ। पुलिस पर पथराव के बाद दूसरे दिन भी चयनीत भूमिपर शौचालयों के निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। शुक्रवार को यहां पर ईट जरूर भिजवाई गई हैं। इसपर किसी ने भी प्रतिक्रिया नहीं जताई है। हालांकि लोग सारा दिन आपस में चर्चाएं करते रहे हैं।
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कस्बे में और भी है कई अवैध कब्जे
अगवानपुर/कांठ। अगवानपुर को करीब दो साल पहले नगर पंचायत का दर्जा मिला था। इससे पहले अगवानपुर मुरादाबाद की सबसे अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में दूसरे नंबर पर थी। ग्राम पंचायत के रहते यहां के बाशिंदे जरूरी सुविधाओं से वंचित थे। ग्राम पंचायत के रहते अगवानपुर में आबादी और खेती की कई कीमती जमीनों पर अवैध कब्जे हुए थे। कुछ पर कब्जा करने वालों ने अपना बचाव करने के लिए न्यायालयों में केस दर्ज करा दिए थे। प्रशासन ने कई बार इन अवैध कब्जों को हटवाए जाने की कोशिश की। लेकिन अवैध कब्जे नहीं हटाए जा सके हैं।