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उड़ान को जून तक करे इंतजार
Updated Sat, 24 Nov 2018 02:32 AM IST
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मुरादाबाद।
मूंढ़ापांडे हवाई अड्डे से उड़ान भरने के लिए जून तक इंतजार करना होगा। एयरपोर्ट अथारिटी की नई शर्तों में इस हवाई पट्टी को हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी को छह माह का समय दिया गया है। समय से धनराशि मिलती रही और कोई व्यवधान नहीं हुआ तो जून तक काम पूरा होते ही उड़ान भरना संभव हो सकेगा। हालांकि शासन ने लोकसभा चुनाव से पहले यहां से उड़ान भरने के प्रयास किए थे लेकिन समय से रनवे आदि का निर्माण न होने के कारण यह संभावना नजर नहीं आ रहा है। फिलहाल इसके निर्माण और विस्तार की डिजायन महाप्रबंधक निर्माण इकाई को मंजूरी के लिए भेज दी गई है।
एयरपोर्ट अथारिट्री आफ इंडिया ने बरेली की जल आकाश कंस्ट्रक्शन कंपनी को 14 करोड़ रुपयों से हवाईपट्टी से विस्तार और निर्माण की मंजूरी दे दी है। निर्माण के लिए पूर्व में भी टेंडर निकाले गए थे लेकिन मानक पूरा न होने के कारण उन्हें निरस्त कर दिया गया था।
निर्माण करा रही संस्था राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक वीके शुक्ला ने बताया कि डिजायन की औपचारिकताएं दिसंबर केपहले सप्ताह तक पूरी कर ली जाएंगी। उसी केबाद निर्माण शुरू हो सकेगा। रनवे, टर्मिनल और टावर का निर्माण करने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनियों के तीन या उससे अधिक टेंडर न आने के कारण पांच महीने से निर्माण की प्रक्रिया रुकी हुई थी।
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ये होंगे निर्माण
2200 मीटर रनवे का विस्तार और सुदृढ़ीकरण। प्लेन खड़े करने के लिए एप्रेन का विस्तार। टर्मिनल बिल्डिंग, एटीएस टावर का निर्माण। कार पार्किंग,
बाउंड्रूीवाल, अतिथि कक्ष, स्वागतकक्ष आदि का निर्माण शामिल है।
हर महीने अथारिटी करेगी समीक्षा
एयरपोर्ट अथारिटी के अधिकारियों की हाई पावर तकनीकी टीम हर महीने निर्माण की समीक्षा के लिए मुरादाबाद आएगी। हालांकि बरेली के त्रिशूल एयरपोर्ट पर बन रहे सिविल एंक्लेव पर तैनात तकनीकी स्टाफ समय समय पर निर्माण की गुणवत्ता परखता रहेगा।
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मूंढ़ापांडे हवाई अड्डे से उड़ान भरने के लिए जून तक इंतजार करना होगा। एयरपोर्ट अथारिटी की नई शर्तों में इस हवाई पट्टी को हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी को छह माह का समय दिया गया है। समय से धनराशि मिलती रही और कोई व्यवधान नहीं हुआ तो जून तक काम पूरा होते ही उड़ान भरना संभव हो सकेगा। हालांकि शासन ने लोकसभा चुनाव से पहले यहां से उड़ान भरने के प्रयास किए थे लेकिन समय से रनवे आदि का निर्माण न होने के कारण यह संभावना नजर नहीं आ रहा है। फिलहाल इसके निर्माण और विस्तार की डिजायन महाप्रबंधक निर्माण इकाई को मंजूरी के लिए भेज दी गई है।
एयरपोर्ट अथारिट्री आफ इंडिया ने बरेली की जल आकाश कंस्ट्रक्शन कंपनी को 14 करोड़ रुपयों से हवाईपट्टी से विस्तार और निर्माण की मंजूरी दे दी है। निर्माण के लिए पूर्व में भी टेंडर निकाले गए थे लेकिन मानक पूरा न होने के कारण उन्हें निरस्त कर दिया गया था।
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निर्माण करा रही संस्था राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक वीके शुक्ला ने बताया कि डिजायन की औपचारिकताएं दिसंबर केपहले सप्ताह तक पूरी कर ली जाएंगी। उसी केबाद निर्माण शुरू हो सकेगा। रनवे, टर्मिनल और टावर का निर्माण करने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनियों के तीन या उससे अधिक टेंडर न आने के कारण पांच महीने से निर्माण की प्रक्रिया रुकी हुई थी।
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ये होंगे निर्माण
2200 मीटर रनवे का विस्तार और सुदृढ़ीकरण। प्लेन खड़े करने के लिए एप्रेन का विस्तार। टर्मिनल बिल्डिंग, एटीएस टावर का निर्माण। कार पार्किंग,
बाउंड्रूीवाल, अतिथि कक्ष, स्वागतकक्ष आदि का निर्माण शामिल है।
हर महीने अथारिटी करेगी समीक्षा
एयरपोर्ट अथारिटी के अधिकारियों की हाई पावर तकनीकी टीम हर महीने निर्माण की समीक्षा के लिए मुरादाबाद आएगी। हालांकि बरेली के त्रिशूल एयरपोर्ट पर बन रहे सिविल एंक्लेव पर तैनात तकनीकी स्टाफ समय समय पर निर्माण की गुणवत्ता परखता रहेगा।