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दहशतजदा डकैती पीड़ित तीन परिवारों ने छोड़ा घर, जानिए पूरा मामला

Fri, 26 Oct 2018 02:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Fri, 26 Oct 2018 02:32 AM IST
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दहशतजदा डकैती पीड़ित परिवारों ने किया पलायन
प्रतीकात्मक तस्वीर
सोमवार रात डकैतों के कहर का सामना कर चुके पैपटपुरा के तीनों परिवार गुरुवार को अपने घर छोड़ गए। तीनों के घर बस्ती से थोड़ा हटकर थे। सुरक्षा के लिहाज इनमें से किसी ने अपने रिश्तेदार के घर पनाह ली तो किसी ने शहर के भीतर किराए का ठिकाना ढूंढ लिया है।
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घर छोड़ने को मजबूर हुए इन परिवारों का कहना है कि एक तरफ डकैतों की दहशत थी तो दूसरी ओर पुलिस की धमकियां। पुलिस घटना को झुठलाने के लिए बदमाशों की संख्या कम करने का दबाव बना रही थी।
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सोमवार रात खुद को पुलिस बताकर पैपटपुरा नई बस्ती के तीन घरों में घुसे सात हथियारबंद बदमाशों ने लूटपाट के साथ ही महिलाओं और बच्चाें को सरियाें से पीटा था। डकैतों ने महिलाओं से बदसलूकी की थी, जिसका खौफ चार दिन बाद भी इन परिवारों के चेहराें पर तैर रहा है।
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गुरुवार को परिवार के साथ घर छोड़कर जा रहे दहशतजदा बबलू ने बताया कि सोमवार रात मनोज के घर डाका डालने के बाद डकैत करीब तीन बजे उनके घर में दीवार फांदकर घुसे थे। डकैतों ने आते ही सरियों से पीटना शुरू कर दिया। शोर मचाने पर इज्जत भी गंवा देने की धमकी दी और नगदी, जेवर लूट ले गए।

बबलू का कहना है कि खून पसीने की कमाई से बनाया आशियाना कोई ऐसे ही छोड़कर नहीं जाता। डकैतों का खौफ रात में सोने नहीं देता। पुलिस से सुरक्षा की उम्मीद थी लेकिन पुलिस उल्टा धमकाने में लगी है। घटना के बाद पुलिस आई थी। सुबह थाने गए तो डांट डपटकर चोरी की तहरीर लिखवा ली। बबलू ने बताया कि पुलिस दबाव बना रही है कि वह बदमाशों की संख्या सात नहीं बताएं।

बोले, जब पुलिस ही मदद करने को तैयार नहीं तो यहां किसके भरोसे रहें। डकैत पहले ही धमका गए थे कि पुलिस में शिकायत की तो फिर आएंगे और महिलाआें से बदतमीजी करेंगे। बबलू के मकान के सामने रहने वाले मनोज तो बुधवार को ही घर में ताला लगाकर अपने परिवार को एक रिश्तेदार के घर ले गए। मनोज ने बताया कि घटना को याद कर बच्चे कांपने लगते हैं। जबकि शांति देवी का परिवार भी मकान खाली कर दूसरी जगह चला गया है।

बदमाशों से बचने को आए थे, यहां भी लुट गए
मुरादाबाद। बबलू ने बताया कि वह मूलरूप से कटघर थाना क्षेत्र के गांव मछरिया के रहने वाले हैं। शहर में फैक्ट्री में पालिश का कार्य करते है। शहर से लौटते समय रास्ते में दो बार बदमाशों ने उन्हें पीटकर साइकिल और रुपये छीन लिए थे। बदमाशों से बचने के लिए वह अपने परिवार को लेकर यहां पैपटपुरा में ससुर के मकान में आकर रहने लगे थे। लेकिन बदमाशों ने यहां भी लूटपाट कर ली। डकैतों का खौफ इस कदर है कि परिवार यहां रहने को तैयार नहीं है।

झांकने तक नहीं गए अफसर
मुरादाबाद। तीन घरों में डकैतों ने दो घंटे तक कहर बरपाया। महिलाओं से बदसलूकी हुई और परिवारों को सरियों से पीटा गया। डकैती की इस दुस्साहसिक वारदात को पुलिस ने चोरी में दर्ज किया। शहर में हुई इस घटना में न तो कोई अधिकारी मौके पर झांकने गया न ही किसी अल्पीकरण पर किसी ने कोई कार्रवाई की।

एसपी सिटी से पूरे मामले की जानकारी ली गई है। जो घटना हुई है। उन्हीं धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा। पीड़ित परिवारों की सुरक्षा का पूरा ध्यान दिया जाएगा। जल्द बदमाशों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा। - बिनोद कुमार सिंह, आईजी।

अपराध नहीं रुके तो अल्पीकरण शुरू
बाइकर्स के आगे बेबस नजर आ रही शहर की पुलिस ने अब अल्पीकरण का खेल शुरू कर दिया है। बाइकर्स शहर में हर रोज कहीं न कहीं पर्स, चेन या कैश लूटकर पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं। पुलिस तमाम कोशिशों के बाद भी इन घटनाओं को रोकने में नाकाम है। मझोला पुलिस ने पैपटपुरा की डकैती तो चोरी में दर्ज कर साबित कर दिया है कि सड़कों पर घटनाएं नहीं रुकीं तो उन्हें पुलिस के रिकार्ड में काबू किया जाएगा। अल्पीकरण पर अफसरों की चुप्पी उन्हें भी कठघरे में खड़ा कर रही है।
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