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चरस तस्कर महिला को दस साल की कैद
Updated Fri, 05 Oct 2018 02:28 AM IST
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मुरादाबाद।
उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में चरस की तस्करी करने के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश छह भैरव लाल की अदालत ने बिहार निवासी महिला पूजा को दोषी करार देते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई। दोषी महिला को एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अदालत ने छह माह में ही केस की सुनवाई पूरी कर निर्णय दिया।
बिहार के वैशाली निवासी महिला पूजा 20 जनवरी 2018 को चरस लेकर दिल्ली जा रही थी। जीआरपी थाना प्रभारी पंकज पंत और उनकी टीम ने रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान महिला पूजा को गिरफ्तार कर उससे करीब साढ़े तीन किलो चरस बरामद की थी। जिसकी कीमत साढ़े तीन लाख रुपये बताई। उप निरीक्षक सुधीर मलिक ने महिला के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसके बाद महिला जेल भेज दी गई थी। जीआरपी ने केस की तफ्तीश पूरी करने के बाद चौदह मार्च 2018 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इस केस की सुनवाई एडीजे छह भैरव लाल की अदालत में चली। सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य राणा ने पक्ष रख और मुलजिम महिला को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम को दोषी करार देते हुए दस साल कैद की सजा और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में चरस की तस्करी करने के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश छह भैरव लाल की अदालत ने बिहार निवासी महिला पूजा को दोषी करार देते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई। दोषी महिला को एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अदालत ने छह माह में ही केस की सुनवाई पूरी कर निर्णय दिया।
बिहार के वैशाली निवासी महिला पूजा 20 जनवरी 2018 को चरस लेकर दिल्ली जा रही थी। जीआरपी थाना प्रभारी पंकज पंत और उनकी टीम ने रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान महिला पूजा को गिरफ्तार कर उससे करीब साढ़े तीन किलो चरस बरामद की थी। जिसकी कीमत साढ़े तीन लाख रुपये बताई। उप निरीक्षक सुधीर मलिक ने महिला के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसके बाद महिला जेल भेज दी गई थी। जीआरपी ने केस की तफ्तीश पूरी करने के बाद चौदह मार्च 2018 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इस केस की सुनवाई एडीजे छह भैरव लाल की अदालत में चली। सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य राणा ने पक्ष रख और मुलजिम महिला को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम को दोषी करार देते हुए दस साल कैद की सजा और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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