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पांच बीघे के किसान और गेहूं खरीद 50 कुंतल.. बहुत हेराफेरी है
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Tue, 02 May 2017 02:40 AM IST
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गेहूं से पटी हुई मंडी।
- फोटो : अमर उजाला
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गेहूं क्रय केंद्रों पर गड़बड़ियों की सूचनाओं के बाद नवागत डीएम राकेश कुमार सिंह ने सोमवार को क्रय केंद्रों पर छापे डलवाएं तो कई चौंकाने वाली बातें उजागर हुईं। छापे के दौरान पता चला कि कुछ क्रय केंद्रों ने पांच बीघे के किसानों से 50 - 60 कुंतल या इससे भी अधिक की गेहूं खरीद दर्शा रखी है।
प्राथमिक पड़ताल में गेहूं खरीद में बिचौलियों की भूमिका की आशंका में डीएम ने 50 कुंतल या उससे बड़ी खरीद के सत्यापन के आदेश किए हैं। अचानक पड़े छापों के दौरान क्रय केंद्रों पर सुविधाओं का भी टोटा दिखा।
जिलाधिकारी के आदेश पर सोमवार को एसडीएम सदर विजय कुमार और तहसीलदार सदर की टीम ने एक के बाद एक बीस गेहूं क्रय केंद्राें पर ताबड़तोड़ छापे मारे। छापों के दौरान किसी केंद्र पर गेहूं खरीद के लिए रकम नहीं थी तो कहीं बोरे गायब थे।
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गंदा और खराब क्वालिटी का बताकर किसानों का गेहूं लौटाने के मामले भी सामने आए। कुछ क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद का रिकार्ड दुरुस्त नहीं था। सरकार ने गेहूं बेचने वाले किसानों का आधार कार्ड, पैन नंबर आदि रिकार्ड में रखने के निर्देश दिए हैं ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म की जा सके। लेकिन कई केंद्रों पर इस नियम का पालन नहीं हुआ।
छापों के दौरान किसानों ने अफसरों को समस्याएं गिनाईं। कई केंद्रों पर किसानों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी। मूंढापांडे पीसीएस क्रय केंद्र पर छोटे किसानों के नाम से ही बहुत बड़ी गेहूं खरीद दर्शायी गई हैं। कुछ केंद्रों पर किसानों ने शिकायत की है कि गेहूं देने के बाद भी उन्हें पेमेंट नहीं मिला है।
करीब बीस केंद्रों पर छापे मारने के बाद शाम को एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर गेहूं क्रय केंद्र पर किसानों के लिए समुचित सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं।
क्रय केंद्र पर गेहूं लेकर पहुंचने वाले किसानों का गेहूं जरूर खरीदा जाए, उन्हें बहाने बनाकर लौटाया हरगिज नहीं जाएगा। जिन केंद्रों पर बोरे नहीं हैं वो गेहूं खरीद के लिए बोरों की व्यवस्था करें।
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प्राथमिक पड़ताल में गेहूं खरीद में बिचौलियों की भूमिका की आशंका में डीएम ने 50 कुंतल या उससे बड़ी खरीद के सत्यापन के आदेश किए हैं। अचानक पड़े छापों के दौरान क्रय केंद्रों पर सुविधाओं का भी टोटा दिखा।
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जिलाधिकारी के आदेश पर सोमवार को एसडीएम सदर विजय कुमार और तहसीलदार सदर की टीम ने एक के बाद एक बीस गेहूं क्रय केंद्राें पर ताबड़तोड़ छापे मारे। छापों के दौरान किसी केंद्र पर गेहूं खरीद के लिए रकम नहीं थी तो कहीं बोरे गायब थे।
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गंदा और खराब क्वालिटी का बताकर किसानों का गेहूं लौटाने के मामले भी सामने आए। कुछ क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद का रिकार्ड दुरुस्त नहीं था। सरकार ने गेहूं बेचने वाले किसानों का आधार कार्ड, पैन नंबर आदि रिकार्ड में रखने के निर्देश दिए हैं ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म की जा सके। लेकिन कई केंद्रों पर इस नियम का पालन नहीं हुआ।
छापों के दौरान किसानों ने अफसरों को समस्याएं गिनाईं। कई केंद्रों पर किसानों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी। मूंढापांडे पीसीएस क्रय केंद्र पर छोटे किसानों के नाम से ही बहुत बड़ी गेहूं खरीद दर्शायी गई हैं। कुछ केंद्रों पर किसानों ने शिकायत की है कि गेहूं देने के बाद भी उन्हें पेमेंट नहीं मिला है।
करीब बीस केंद्रों पर छापे मारने के बाद शाम को एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर गेहूं क्रय केंद्र पर किसानों के लिए समुचित सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं।
क्रय केंद्र पर गेहूं लेकर पहुंचने वाले किसानों का गेहूं जरूर खरीदा जाए, उन्हें बहाने बनाकर लौटाया हरगिज नहीं जाएगा। जिन केंद्रों पर बोरे नहीं हैं वो गेहूं खरीद के लिए बोरों की व्यवस्था करें।