Corona Update: मुरादाबाद में 31 मरीजों की कोरोना जांच, एक केस आया सामने...जिला अस्पताल में 35 बेड तैयार
मुरादाबाद में कोरोना का केस सामने आने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने एक वार्ड भी तैयार कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि सभी चिकित्साकर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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कोरोना संक्रमण की आशंका के बाद 31 मरीजों की जांच की गई। राहत की बात यह है कि सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सीएमओ का कहना है कि संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए जिला अस्पताल की एमसीएच विंग में 35 बेड तैयार किए गए हैं। इसके साथ ही जीनोम सिक्वेंसिंग के सैंपल लखनऊ पहुंच गए हैं।
छह माह बाद कोरोना संक्रमण का एक केस सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग व्यवस्थाएं बनाने में जुटा है। इसी के तहत जांच भी शुरू कर दी गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह का कहना है कि बृहस्पतिवार को सभी 31 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव है। हालांकि जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं कर ली गई हैं।
चिकित्सक, स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय और अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई हैं। एमसीएच विंग 35 बेड हैं। ऑक्सीजन प्लांट को भी चलाकर देखा है, ताकि समय पर ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सके। एमसीएच विंग के ऑक्सीजन प्लांट और जिला अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट से 35 बेड को जोड़ दिया गया है।
इसके अलावा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी हैं। पर्याप्त मात्रा में दवा है। जिला अस्पताल के अधिकारियों से लगातार वार्ता की जा रही है, ताकि जरूरत होने पर तुरंत उपचार शुरू हो सके।
नए साल पर बरतें सतर्कता
डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जब तक बहुत ज्यादा जरूरी न हो तो भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में जाने से बचें। नए साल को मनाने के लिए लोग बाहर घूमने के लिए जाते हैं तो उन्हें विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनकर ही जाएं। सैनिटाइजर का भी इस्तेमाल करें। गुनगुना पानी पीएं। साफ-सफाई पर खास ध्यान दें।
कड़ाके की ठंड, जुकाम के सबसे ज्यादा मरीज
जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज खांसी, जुकाम, बुखार और सीओपीडी के आ रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि बुजुर्गों में लंबी खांसी के मरीजों को अटैक हो रहे हैं। पांच साल तक के बच्चों को निमोनिया हो रहा है। प्रतिदिन जिला अस्पताल की ओपीडी 12 सौ के आसपास है।
खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या करीब तीन सौ है। सांस, सीओपीडी और दमा के मरीजों को यदि लगता है कि उनकी बीमारी में नियंत्रण नहीं है तो उनकी डोज समायोजित की जा रही है। ऐसे मरीजों को सुबह के समय घर से बाहर न निकलने, हाथ के पंजे, पैर, नाक, कान और सिर को ढक कर रखने की सलाह दे रहे हैं।
ऐसे करें बचाव
- वाहन चलाते समय हमेशा प्राथमिक उपचार किट अवश्य रखें
- शॉल या कंबल ओढ़कर वाहन न चलाएं
- बहुत आवश्यक होने पर ही घर से वाहन लेकर निकले
- कोयले की अंगीठी, हीटर इत्यादि का प्रयोग करते समय सावधानी बरतें।
- कमरे में शुद्ध हवा का आवागमन रखें।
- सर्दी लगने पर नजदीकी अस्पताल में दिखाएं।
- सूखे फल, खजूर, चाय, कॉफी, सूप आदि का सेवन करें।
- ठिठुरना, सुस्ती, थकान, तुतलाने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
- स्वस्थ भोजन खाएं एवं पीने के लिए गैर-मादक पेय पदार्थ का प्रयोग करें।
- बाजरा के आटे की टिक्की, बथुआ, पालक, सरसों का साग, मेथी-पालक की भुजिया का सेवन करें