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इन डॉक्टरों के जज्बे को मुरादाबाद का सलाम
Tue, 24 Mar 2020 12:12 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 24 Mar 2020 12:12 AM IST
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medical
मुरादाबाद जिला अस्पताल के वरिष्ठ चेस्ट फिजीशियन मेजर डा. प्रवीण शाह की दिनचर्या ही बदल गई है। डा. शाह अपने साथी जनरल फिजीशियन डा. एनके मिश्रा के साथ अस्पताल में भर्ती कोरोना पॉजिटिव युवती का इलाज कर रहे हैं। डा. शाह इमरजेंसी के बाद आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना पाजिटिव युवती का इलाज करते हैं। ड्यूटी ऑफ होते ही होम क्वारंटीन हो जाते हैं। डा. मिश्रा भी खुद को लगातार सैनिटाइज्ड कर ही घर लौट रहे हैं। जिन लोगों को इस इन डाक्टरों के जज्बे की जानकारी होती है वह उनकी सराहना किए बिना नहीं रहता।
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जिला अस्पताल में पांच कक्षों में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड बना है। वार्ड में जिला अस्पताल के ही छह डाक्टरों की टीम तैनात की गई है। टीम कोरोना आशंकित लोगों का सैंपल लेने और पाजिटिव मरीज का इलाज कर रही है। आशंकित लोगों के सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें डिस्चार्ज कर होम क्वारंटीन किया जा रहा है।
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पाजिटिव रिपोर्ट आने के बाद एक युवती का इलाज चल रहा है। युवती राज्य के एक मंत्री की रिश्तेदार है। आशंकित मरीजों के आइसोलेशन वार्ड पहुंचने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से टीम की दिनचर्या ही बदल गई है। पाजिटिव केस आने के बाद टीम के चिकित्सकों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।
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चिकित्सकों की रोस्टर से 24 घंटे की ड्यूटी है। अस्पताल की इमरजेंसी के बाद चिकित्सक पर्सनल प्रिवेंटिव इक्यूमेंट (पीपीई) से लैस होकर आइसोलेशन वार्ड में जा रहे हैं। पीपीई में टीम के चिकित्सक एन 95 मास्क, ग्लव्ज, टोपी, चश्मा, गाउन और शूज कवर का इस्तेमाल कर रहे हैं। डा. प्रवीण शाह के मुताबिक सुरक्षा की दृष्टि से एहतियात बरते जा रहे हैं। लापरवाही होने से खुद के अलावा दूसरों को भी संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है।
डा. शाह के मुताबिक ड्यूटी आफ होने के बाद परिवार की सुरक्षा के लिए खुद को होम क्वारंटीन कर रहे हैं। एक ही मकान की छत के नीचे परिवार के साथ रहते हुए पिछले चार दिनों से अलग हैं। अलग कमरा, बाथरूम इस्तेमाल कर रहे हैं। घर में प्रवेश करते ही कपड़ों को धुलवा रहे हैं। पूरा कमरा सैनिटाइज्ड किया है। चार दिनों से बच्चों को करीब से देखने के लिए तरस गए हैं। खाने के बर्तनों को भी गर्म पानी में उबालकर साफ किया जा रहा है।
डा. मिश्रा और दूसरे चिकित्सकों की भी यही दिनचर्या बन गई है। चिकित्सकों ने स्टाफ, परिवार और परिचितों से दूरियां बना ली हैं। टीम के सभी सदस्य खुद को होम क्वारंटीन कर अपनी और परिवार को सुरक्षित कर रहे हैं।
डा. शाह के मुताबिक ड्यूटी आफ होने के बाद परिवार की सुरक्षा के लिए खुद को होम क्वारंटीन कर रहे हैं। एक ही मकान की छत के नीचे परिवार के साथ रहते हुए पिछले चार दिनों से अलग हैं। अलग कमरा, बाथरूम इस्तेमाल कर रहे हैं। घर में प्रवेश करते ही कपड़ों को धुलवा रहे हैं। पूरा कमरा सैनिटाइज्ड किया है। चार दिनों से बच्चों को करीब से देखने के लिए तरस गए हैं। खाने के बर्तनों को भी गर्म पानी में उबालकर साफ किया जा रहा है।
डा. मिश्रा और दूसरे चिकित्सकों की भी यही दिनचर्या बन गई है। चिकित्सकों ने स्टाफ, परिवार और परिचितों से दूरियां बना ली हैं। टीम के सभी सदस्य खुद को होम क्वारंटीन कर अपनी और परिवार को सुरक्षित कर रहे हैं।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
सात देशों से आने वालों की विशेष निगरानी
आइसोलेशन वार्ड में सैंपलिंग, स्क्रीनिंग और निगरानी के तीन प्रक्रिया से चल रही है। स्पेन, ईरान, जर्मनी, इटली, चीन, कोरिया, फ्रांस और सऊदी से आने वाले हर यात्री की स्क्रीनिंग हो रही है। ये देश कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित हैं। ऐसे लोगों को 14 दिन होम क्वारंटीन किया जा रहा है। दूसरी प्रक्रिया में कोरोना आशंकित लोगों सैंपल लेकर भर्ती किया जा रहा है। रिपोर्ट निगेटिव आने पर डिस्चार्ज कर होम क्वारंटीन किया जा रहा है। तीसरी प्रक्रिया में सैंपल पाजिटिव आने पर आइसोलेशन वार्ड में इलाज किया जा रहा है।
रिकवरी कर रही युवती
फ्रांस से लौटी युवती को बुखार और खांसी की शिकायत के बाद आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। सैंपल रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद युवती दहशत में आ गई थी। डा. प्रवीण शाह के मुताबिक युवती तेजी से रिकवरी कर रही है। खांसी और बुखार की शिकायत दूर हो गई है। युवती के भर्ती रहने की 14 दिन की अवधि के बाद दूसरा सैंपल लिया जाएगा। सैंपल रिपोर्ट के बाद आगे के इलाज की प्रक्रिया शुरू होगी।
आइसोलेशन वार्ड में तैनात चिकित्सक
------------------------------
डा. एनके मिश्रा, नोडल अधिकारी
डा. प्रवीण शाह, चेस्ट फिजिशियन
डा. एसके चौधरी, ईएनटी सर्जन
डा. एके श्रीवास्तव, ईएनटी सर्जन
डा. अरुण तोमर, पैथोलॉजिस्ट
डा. अनवीश कुमार, ईएमओ
आइसोलेशन वार्ड में सैंपलिंग, स्क्रीनिंग और निगरानी के तीन प्रक्रिया से चल रही है। स्पेन, ईरान, जर्मनी, इटली, चीन, कोरिया, फ्रांस और सऊदी से आने वाले हर यात्री की स्क्रीनिंग हो रही है। ये देश कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित हैं। ऐसे लोगों को 14 दिन होम क्वारंटीन किया जा रहा है। दूसरी प्रक्रिया में कोरोना आशंकित लोगों सैंपल लेकर भर्ती किया जा रहा है। रिपोर्ट निगेटिव आने पर डिस्चार्ज कर होम क्वारंटीन किया जा रहा है। तीसरी प्रक्रिया में सैंपल पाजिटिव आने पर आइसोलेशन वार्ड में इलाज किया जा रहा है।
रिकवरी कर रही युवती
फ्रांस से लौटी युवती को बुखार और खांसी की शिकायत के बाद आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। सैंपल रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद युवती दहशत में आ गई थी। डा. प्रवीण शाह के मुताबिक युवती तेजी से रिकवरी कर रही है। खांसी और बुखार की शिकायत दूर हो गई है। युवती के भर्ती रहने की 14 दिन की अवधि के बाद दूसरा सैंपल लिया जाएगा। सैंपल रिपोर्ट के बाद आगे के इलाज की प्रक्रिया शुरू होगी।
आइसोलेशन वार्ड में तैनात चिकित्सक
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डा. एनके मिश्रा, नोडल अधिकारी
डा. प्रवीण शाह, चेस्ट फिजिशियन
डा. एसके चौधरी, ईएनटी सर्जन
डा. एके श्रीवास्तव, ईएनटी सर्जन
डा. अरुण तोमर, पैथोलॉजिस्ट
डा. अनवीश कुमार, ईएमओ