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...तो क्या बड़ी तादात में पब्लिक के बीच घूम रहे हैं कोरोना पॉजिटव
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मुरादाबाद। यदि आप हॉट स्पॉट से बाहर हैं तो खुद को कोरोना से मुक्त समझने की भूल हरगिज मत करिए। लक्षण पर मत जाइये क्योंकि मंडल में 130 कोरोना पॉजिटिव ऐसे हैं जिनमें कोई लक्षण नहीं है। ऐसे में लॉकडाउन को हल्के में लेकर घूमने वाले कभी भी इसी चपेट में आ सकते हैं।
जनवरी में जब चीन में कोरोना से हाहाकार मचा था तब किसी ने सोचा तक नहीं था कि कोरोना का कहर हमारे देश तक भी पहुंच जाएगा। 31 जनवरी को केरल में पहला मामला आने के बाद भी लोग यही समझते रहे कि वायरस बस केरल तक सिमट जाएगा। फिर दिल्ली और अब शहर में भयावह स्थिति होने के बाद भी शहर के अधिकांश लोगों को यही लगता कि वायरस सिर्फ हॉटस्पॉट एरिया तक ही सीमित रहेगा। यदि आप भी ऐसा सोच रहे हैं और लॉक डाउन को हल्के में ले रहे हैं तो आप खुद को और अपने परिवार को मुसीबत में डाल सकते हैं। क्योंकि मंडल में कोरोना का ट्रेंड चौंकाने वाला है। आकंड़े बताते हैं कि मंगलवार शाम तक मंडल में कोरोना के 148 एक्टिव मरीजों में से 130 में कोरोना का एक भी लक्षण नहीं था। इन्हें सामान्य खांसी, बुखार, जुकाम तक नहीं है। देखने में ये एकदम फिट नजर आ रहे हैं। यदि तब्लीगी जमात से संपर्क या दूसरे संपर्क ट्रेसिंग की वजह से इनका टेस्ट नहीं होता तो शायद पता भी नहीं चलता कि ये कोरोना संक्रमित हैं।
कमिश्नर वीरेंद्र कुमार सिंह बताते हैं कि सोमवार तक 117 में 110 मरीज ऐसे थे जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं था। जैसे जैसे नए कोरोना संक्रमित सामने आ रहे हैं उनमें भी यह आंकड़ा लगभग उसी अनुपात में बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन रैंडम टेस्टिंग और पूल टेस्ट के जरिए कोरोना संक्रमितों को ट्रेस करने की योजना बना रहा है। कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि मंडल के सभी जिलों में फल, सब्जी और दूध विक्रेताओं की भी रैंडम सैंपलिंग कराई जाए। ताकि संक्रमण को दूसरे इलाकों में फैलने के खतरे को न्यूनतम किया जा सके। पूल टेस्ट में पांच लोगों का सैंपल लेकर उसे मिक्स करने के बाद एक टेस्ट कराया जाएगा। यदि टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आएगी तो पांचों को निगेटिव मान लिया जाएगा और यदि पूल सैंपल की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आती है तो पांचों में सभी का सैंपल अलग अलग लेकर सभी की अलग से जांच कराई जाएगी। आंकड़े और हालात साफ बयां कर रहे हैं कि आपके आसपास घूम रहा कोई भी व्यक्ति पॉजिटिव हो सकता है। महज इस बात से आप निश्चिन्त नहीं हो सकते कि आपके पास से गुजरा व्यक्ति खांस या छींक नहीं रहा है या फिर उसे बुखार नहीं है। मुरादाबाद में मिले कोरोना के 12 मरीज ऐसे हैं जिनके सोर्स का पता अभी तक नहीं चला है कि उन्हें संक्रमण कहां से मिला। इसलिए संक्रमण की जद में आने से बचने के लिए लॉक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना बेहद जरूरी है।
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जनवरी में जब चीन में कोरोना से हाहाकार मचा था तब किसी ने सोचा तक नहीं था कि कोरोना का कहर हमारे देश तक भी पहुंच जाएगा। 31 जनवरी को केरल में पहला मामला आने के बाद भी लोग यही समझते रहे कि वायरस बस केरल तक सिमट जाएगा। फिर दिल्ली और अब शहर में भयावह स्थिति होने के बाद भी शहर के अधिकांश लोगों को यही लगता कि वायरस सिर्फ हॉटस्पॉट एरिया तक ही सीमित रहेगा। यदि आप भी ऐसा सोच रहे हैं और लॉक डाउन को हल्के में ले रहे हैं तो आप खुद को और अपने परिवार को मुसीबत में डाल सकते हैं। क्योंकि मंडल में कोरोना का ट्रेंड चौंकाने वाला है। आकंड़े बताते हैं कि मंगलवार शाम तक मंडल में कोरोना के 148 एक्टिव मरीजों में से 130 में कोरोना का एक भी लक्षण नहीं था। इन्हें सामान्य खांसी, बुखार, जुकाम तक नहीं है। देखने में ये एकदम फिट नजर आ रहे हैं। यदि तब्लीगी जमात से संपर्क या दूसरे संपर्क ट्रेसिंग की वजह से इनका टेस्ट नहीं होता तो शायद पता भी नहीं चलता कि ये कोरोना संक्रमित हैं।
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कमिश्नर वीरेंद्र कुमार सिंह बताते हैं कि सोमवार तक 117 में 110 मरीज ऐसे थे जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं था। जैसे जैसे नए कोरोना संक्रमित सामने आ रहे हैं उनमें भी यह आंकड़ा लगभग उसी अनुपात में बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन रैंडम टेस्टिंग और पूल टेस्ट के जरिए कोरोना संक्रमितों को ट्रेस करने की योजना बना रहा है। कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि मंडल के सभी जिलों में फल, सब्जी और दूध विक्रेताओं की भी रैंडम सैंपलिंग कराई जाए। ताकि संक्रमण को दूसरे इलाकों में फैलने के खतरे को न्यूनतम किया जा सके। पूल टेस्ट में पांच लोगों का सैंपल लेकर उसे मिक्स करने के बाद एक टेस्ट कराया जाएगा। यदि टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आएगी तो पांचों को निगेटिव मान लिया जाएगा और यदि पूल सैंपल की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आती है तो पांचों में सभी का सैंपल अलग अलग लेकर सभी की अलग से जांच कराई जाएगी। आंकड़े और हालात साफ बयां कर रहे हैं कि आपके आसपास घूम रहा कोई भी व्यक्ति पॉजिटिव हो सकता है। महज इस बात से आप निश्चिन्त नहीं हो सकते कि आपके पास से गुजरा व्यक्ति खांस या छींक नहीं रहा है या फिर उसे बुखार नहीं है। मुरादाबाद में मिले कोरोना के 12 मरीज ऐसे हैं जिनके सोर्स का पता अभी तक नहीं चला है कि उन्हें संक्रमण कहां से मिला। इसलिए संक्रमण की जद में आने से बचने के लिए लॉक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना बेहद जरूरी है।
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